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राहु केतु गोचर 2026: 25 नवंबर या 5 दिसंबर? सभी राशियाँ

राहु केतु गोचर 2026: राहु मकर और केतु कर्क राशि में 25 नवंबर 2026 को शाम 5:53 बजे (वास्तविक पात), मध्यम पात से लगभग 5 दिसंबर। अंतर क्यों, और 12 राशियाँ।

  • सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम
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इस लेख में

राहु 25 नवंबर 2026, बुधवार को शाम 5:53 बजे मकर राशि में और केतु उसी क्षण कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, वास्तविक (स्पष्ट) पात के अनुसार, लाहिड़ी अयनांश पर। अगर आपका पंचांग 5 दिसंबर 2026 के आसपास की तारीख बताता है, तो वह मध्यम पात से गणना कर रहा है, और यह गलती नहीं है: उसी बिंदु को गिनने का दूसरा, उतना ही पारंपरिक तरीका है।

इस लेख में पहले यह दस दिन का अंतर आसान भाषा में समझाया है, फिर राहु-केतु कौन से नक्षत्रों से गुज़रेंगे, कितने समय रहेंगे और सभी 12 राशियों के लिए परंपरा क्या कहती है। गोचर हमेशा चंद्र राशि से देखा जाता है; अपनी राशि मुफ़्त कुंडली से जानें।

राहु केतु गोचर 2026 की तारीखें

घटनावास्तविक पात (हम यही लेते हैं)मध्यम पात
राहु मकर में, केतु कर्क में25 नवंबर 2026, शाम 5:535 दिसंबर 2026, रात 10:31
राहु धनु में, केतु मिथुन में24 मई 2028, दोपहर 2:5324 जून 2028, रात 1:29

इससे पहले राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में 30 मई 2025 को रात 12:20 से हैं (वास्तविक पात)। उससे पहले राहु 29 नवंबर 2023 से मीन में थे।

वास्तविक पात से राहु मकर राशि में 546 दिन, यानी लगभग डेढ़ साल रहेंगे। दोनों पद्धतियों की तारीखें साथ-साथ हमारे मकर राशि में राहु गोचर पेज पर हैं।

वास्तविक पात और मध्यम पात: अंतर क्या है

राहु और केतु कोई ठोस ग्रह-पिंड नहीं हैं। ये वे दो बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग (क्रांतिवृत्त) को काटता है। ग्रहण इन्हीं बिंदुओं के पास लगते हैं, इसलिए ज्योतिष में इनका इतना महत्व है।

ये कटान बिंदु धीरे-धीरे उल्टी दिशा में खिसकते हुए लगभग साढ़े अठारह साल में राशि चक्र का एक चक्कर पूरा करते हैं। पर यह खिसकना पूरी तरह एकसार नहीं होता। हमारे इंजन की टिप्पणी के शब्दों में:

मध्यम पात: राहु की औसत, एकसार चलती स्थिति। वास्तविक पात: उसकी असली स्थिति, जो सूर्य और चंद्रमा के खिंचाव से औसत के आसपास लगभग 1.5° तक डोलती रहती है। इसलिए राशि परिवर्तन की तारीख में कुछ दिनों या हफ़्तों का अंतर आ सकता है।

राहु रोज़ बहुत थोड़ा चलते हैं, इसलिए स्थिति में एक-डेढ़ डिग्री का फ़र्क राशि की सीमा पार करने की तारीख में कई दिनों का फ़र्क बन जाता है। इस बार प्रवेश में अंतर 10.19 दिन का है और निकलने में लगभग एक महीने का।

कई पंचांग 5 दिसंबर क्यों लिखते हैं

मध्यम पात पुरानी परंपरा है। शास्त्रीय गणित के ग्रंथ मध्यम गति से काम करते हैं, मध्यम राहु की गणना सरल है और वह हमेशा एक समान गति से पीछे चलता है, और पीढ़ियों से बहुत से पंचांग और सॉफ़्टवेयर इसी को अपनाते आए हैं। इसलिए सबसे ज़्यादा सुनाई देने वाली तारीख 5 दिसंबर 2026 के आसपास है। उस दिन का समय अलग-अलग स्रोतों में गणना के तरीके के अनुसार थोड़ा अलग मिलता है; हमारी अपनी मध्यम पात गणना रात 10:31 देती है।

हम वास्तविक पात क्यों लेते हैं

हमारा इंजन हर ग्रह की असली स्थिति निकालता है, और राहु-केतु के लिए इसका अर्थ है वास्तविक पात। ग्रहण कहाँ पड़ेगा, यह असल में इसी बिंदु से तय होता है। हमारी कुंडली और गोचर पेजों में भी यही डिफ़ॉल्ट है, इसलिए यह लेख उसी चार्ट से मेल खाता है जो आप वहाँ देखते हैं। राहु गोचर और केतु गोचर पेज हर राशि परिवर्तन इसी आधार पर दिखाते हैं।

आप किसे मानें?

दोनों मान्य हैं। मध्यम पात से सीखने वाले ज्योतिषी उससे अच्छे फल पढ़ते हैं, और वास्तविक पात वाले भी। ज़रूरी बात है एकरूपता: अगर आपके पारिवारिक ज्योतिषी मध्यम पात लेते हैं तो गोचर 5 दिसंबर के आसपास से मानें; हमारे पेज देखते हैं तो 25 नवंबर से। बीच के दस दिन बस यह हैं कि दोनों पद्धतियाँ राहु को सीमा के अलग-अलग ओर रखती हैं।

राहु-केतु हमेशा उल्टे चलते हैं

कभी-कभी "राहु वक्री" को खबर बनाकर लिखा जाता है। यह खबर नहीं है: राहु-केतु लगभग हर समय राशि चक्र में उल्टी दिशा में चलते हैं, इसीलिए राहु कुंभ से मीन में नहीं, मकर में जाते हैं। वास्तविक राहु कभी-कभी थोड़ी देर रुकते या आगे खिसकते हैं, मध्यम राहु कभी नहीं। दोनों में से कोई भी विशेष घटना नहीं।

किन नक्षत्रों से गुज़रेंगे

राहु मकर में धनिष्ठा नक्षत्र के दूसरे चरण से प्रवेश करते हैं (स्वामी मंगल), फिर पीछे चलते हुए:

  • श्रवण (स्वामी चंद्रमा) में, 21 अप्रैल 2027 शाम 7:37 से
  • उत्तराषाढ़ा (स्वामी सूर्य) में, 26 नवंबर 2027 शाम 6:55 से

केतु हमेशा ठीक सामने रहते हैं। वे कर्क के अंतिम भाग, आश्लेषा (स्वामी बुध) से शुरू करके इस दौरान पुष्य (स्वामी शनि) से होते हुए पुनर्वसु के अंतिम हिस्से तक जाते हैं। हर नक्षत्र की सटीक तारीख केतु गोचर पेज पर है।

सभी 12 राशियाँ: राहु-केतु किस भाव में

फलदीपिका के गोचर अध्याय समेत शास्त्रीय ग्रंथ राहु-केतु को शनि की तरह देखते हैं: चंद्र राशि से 3, 6 और 11वें भाव में सामान्यतः सहायक, बाकी में थोड़ी सावधानी। भाव संख्या हमारे इंजन ने चंद्र राशि से गिनी है।

चंद्र राशिराहु (मकर)केतु (कर्क)
मेष10वाँ4था
वृषभ9वाँ3रा, शुभ
मिथुन8वाँ2रा
कर्क7वाँ1ला
सिंह6ठा, शुभ12वाँ
कन्या5वाँ11वाँ, शुभ
तुला4था10वाँ
वृश्चिक3रा, शुभ9वाँ
धनु2रा8वाँ
मकर1ला7वाँ
कुंभ12वाँ6ठा, शुभ
मीन11वाँ, शुभ5वाँ

हर राशि के लिए परंपरा की बात

राहु को बढ़ाने वाला और बेचैन माना जाता है, जो नए और अनजाने की ओर खींचता है। केतु को अलगाव देने वाला, जो जिस भाव में हो उससे मोह कम करता है। लंबे गोचर में दोनों का असर धीमा और हल्का रहता है।

  • मेष: दशम राहु काम में महत्वाकांक्षा और बदलाव लाते हैं; चौथे केतु घर के मामलों में धैर्य माँगते हैं।
  • वृषभ: नवम राहु आस्था, गुरुजन और लंबी यात्रा पर सवाल उठाते हैं; तीसरे केतु मेहनत और साहस के लिए शुभ।
  • मिथुन: आठवें राहु अचानक बदलाव और साझे पैसे में सावधानी की सलाह देते हैं; दूसरे केतु वाणी और परिवार में संयम।
  • कर्क: यह धुरी आपके पहले और सातवें भाव से गुज़रती है। अपनी राशि में केतु आपको भीतर की ओर मोड़ सकते हैं, सातवें राहु साझेदारी और रिश्तों को केंद्र में रखते हैं। खुलकर बात करने का समय।
  • सिंह: छठे राहु सबसे प्रसिद्ध शुभ स्थितियों में हैं, प्रतिस्पर्धा और रुकावटों पर जीत से जुड़े। बारहवें केतु विश्राम, एकांत और आध्यात्मिक रुचि की ओर।
  • कन्या: एकादश केतु लाभ के लिए शुभ; पंचम राहु नई रुचियाँ लाते हैं और संतान व पढ़ाई में धैर्य माँगते हैं।
  • तुला: चौथे राहु घर से जुड़े बदलाव; दशम केतु पद और उपाधि से मोह घटा सकते हैं।
  • वृश्चिक: तीसरे राहु पहल, छोटी यात्राओं और संवाद के लिए शुभ; नवम केतु मन को भीतरी प्रश्नों की ओर ले जाते हैं।
  • धनु: दूसरे राहु परिवार और पैसे की आदतों पर ध्यान दिलाते हैं; आठवें केतु शोध और आत्मचिंतन का समय।
  • मकर: अपनी राशि में राहु उत्साह और पहचान बढ़ाते हैं; सातवें केतु जीवनसाथी और साझेदार के साथ धैर्य माँगते हैं।
  • कुंभ: छठे केतु पुरानी उलझनें सुलझाने के लिए शुभ; बारहवें राहु यात्रा और खर्च की ओर।
  • मीन: एकादश राहु लाभ और बड़े दायरे के लिए शुभ; पंचम केतु संतान और रचनात्मक काम में शांति माँगते हैं।

ये केवल प्रवृत्तियाँ हैं। आपका राशिफल रोज़ के गोचर को आपकी चंद्र राशि पर लागू करता है, और असर कितना महसूस होगा यह जन्म कुंडली तय करती है।

इसका क्या मतलब नहीं है

राहु-केतु का गोचर किसी को कालसर्प दोष नहीं देता; वह जन्म कुंडली का योग है, जिसे हमने कालसर्प दोष वाले लेख में समझाया है। न ही इसके लिए कोई अनुष्ठान ज़रूरी है। राहु-केतु लंबे और धीमे प्रभाव हैं, और शास्त्र इन्हें आपकी चल रही दशा के साथ तौलते हैं, जो अक्सर ज़्यादा मायने रखती है। अगर आपकी राहु या केतु की दशा चल रही है, तो अपनी कुंडली में यह गोचर ध्यान से देखना उपयोगी है।

खुद देखें

वास्तविक और मध्यम दोनों पात की तारीखें, नक्षत्र दर नक्षत्र, मकर राशि में राहु गोचर पेज पर देखें। अपनी कुंडली में मकर और कर्क किस भाव में हैं और कौन सी दशा चल रही है, यह मुफ़्त कुंडली बताएगी। पूरी कुंडली के साथ गोचर का लिखित विश्लेषण कुंडली रिपोर्ट में मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में राहु-केतु राशि कब बदलेंगे?

वास्तविक (स्पष्ट) पात से, जो हमारा इंजन लेता है, राहु मकर और केतु कर्क राशि में 25 नवंबर 2026 को शाम 5:53 बजे आते हैं। मध्यम पात से यही परिवर्तन 5 दिसंबर 2026 को होता है (हमारी गणना: रात 10:31)।

कई पंचांग 5 दिसंबर क्यों बताते हैं?

वे मध्यम पात लेते हैं, यानी राहु की औसत और एकसार चलने वाली स्थिति, जो भारतीय पंचांगों की पुरानी और प्रचलित पद्धति है। वास्तविक पात राहु की असली स्थिति है जो औसत के आसपास डोलती रहती है। दोनों पद्धतियाँ मान्य हैं; इस बार अंतर लगभग दस दिन का है।

राहु मकर राशि में कब तक रहेंगे?

लगभग 18 महीने: वास्तविक पात से 24 मई 2028 तक (546 दिन), मध्यम पात से 24 जून 2028 तक। इसके बाद राहु धनु और केतु मिथुन में जाते हैं।

यह गोचर किन राशियों के लिए शुभ माना जाता है?

परंपरा चंद्र राशि से 3, 6 और 11वें राहु-केतु को शुभ मानती है। मकर के राहु वृश्चिक, सिंह और मीन के लिए, और कर्क के केतु वृषभ, कुंभ और कन्या के लिए अनुकूल हैं।

स्वयं आज़माएँ

स्रोत

  • सतमार्ग ज्योतिष का अपना गणना इंजन (लाहिड़ी अयनांश, भारतीय समय; डिफ़ॉल्ट वास्तविक पात, मध्यम पात स्विस एफ़ेमेरिस से जाँचा गया), राहु-केतु के राशि और नक्षत्र परिवर्तन 2025–2028
  • फलदीपिका, अध्याय 26 (गोचर फल: चंद्र से राहु-केतु)

यह लेख सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम ने लिखा है। तिथियाँ और अंश हमारे अपने इंजन से (लाहिड़ी अयनांश)। ज्योतिष विचार के लिए मार्गदर्शन है — चिकित्सकीय, विधिक या वित्तीय सलाह नहीं। हमारी पद्धति

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