शकुन-अपशकुन वे पुरानी मान्यताएँ हैं जिनमें रोज़ की छोटी घटनाओं — आँख फड़कना, छींक आना, बिल्ली का रास्ता काटना, कौए का बोलना — को आने वाली बात का संकेत माना जाता है। यहाँ हम हर मान्यता को मान्यता के रूप में बताते हैं, उसका इतिहास और उसका रोज़मर्रा का कारण भी — भविष्यवाणी या डर के रूप में नहीं।
शकुन शास्त्र क्या है
"शकुन" शब्द का पुराना अर्थ पक्षी है, और शकुन शास्त्र की शुरुआत पक्षियों की आवाज़ और उड़ान को पढ़ने से हुई। लगभग छठी सदी में वराहमिहिर ने बृहत् संहिता में शकुनों पर कई अध्याय लिखे — यात्रा पर निकलते समय कौन-सा पक्षी किस दिशा में बोला, कौन-सा पशु सामने आया। शरीर के अंगों के फड़कने पर सामुद्रिक परंपरा में अलग विचार मिलता है। बाद में गाँव-घरों ने इन बातों में अपनी-अपनी मान्यताएँ जोड़ीं, इसलिए आज एक ही संकेत का अर्थ उत्तर प्रदेश, बंगाल और तमिलनाडु में अलग-अलग मिल सकता है।
ये मान्यताएँ बनीं क्यों
जब घड़ी, मौसम की भविष्यवाणी और फ़ोन नहीं थे, तब लोग प्रकृति को ध्यान से पढ़ते थे। कौए का शोर किसी के आने की ख़बर हो सकता था, पक्षियों का अचानक उड़ना किसी जानवर के पास होने की। कई शकुन असल में रुकने और सोचने के बहाने थे — यात्रा से पहले दही-शक्कर खाना, छींक आए तो एक पल ठहर जाना। कुछ मान्यताएँ साफ़-सफ़ाई और सावधानी से जुड़ी थीं, जैसे टूटे शीशे से दूर रहना या रात को झाड़ू न लगाना।
आज की समझ
मनोविज्ञान बताता है कि हमारा दिमाग़ घटनाओं में पैटर्न खोजता है। अगर आँख फड़कने के बाद कुछ अच्छा हुआ, तो वह याद रह जाता है; जो सैकड़ों बार कुछ नहीं हुआ, वह भूल जाता है। इसे "पुष्टि का झुकाव" कहा जाता है। शरीर से जुड़े शकुनों — फड़कना, खुजली, हिचकी, कान बजना — के पीछे अक्सर थकान, तनाव, सूखी त्वचा या छोटे शारीरिक कारण होते हैं, जिन्हें हम हर पृष्ठ पर साफ़ बताते हैं।
हम इन पृष्ठों पर क्या करते हैं
ऊपर अपना शकुन चुनें। हर पृष्ठ पर पहले यह है कि परंपरा क्या कहती है (जहाँ परंपरा पुरुष-स्त्री, दायाँ-बायाँ या समय के हिसाब से फ़र्क़ करती है, वहाँ तालिका के साथ), फिर यह कि मान्यता कहाँ से आई, फिर उसका रोज़मर्रा का कारण, और अंत में एक शांत सलाह। किसी अपशकुन के लिए पूजा, टोना या महँगे उपाय की ज़रूरत नहीं — और अगर कोई शारीरिक संकेत लंबे समय तक बना रहे, तो वह डॉक्टर की बात है, शकुन की नहीं।
सपनों से जुड़ी मान्यताएँ सपनों का अर्थ में हैं, और हथेली की रेखाओं के लिए हस्त रेखा ज्ञान देखें।