मुख्य सामग्री पर जाएँ
सतमार्ग ज्योतिषSatmarg Astro

शकुन शास्त्र · पशु-पक्षी

कुत्ते का रोना: शुभ या अशुभ? मान्यता और सच

रात में कुत्ते का रोना अशुभ क्यों माना जाता है, यह मान्यता कहाँ से आई, और कुत्ते असल में क्यों हूकते हैं — सायरन, अकेलापन, दर्द और दूसरे कुत्तों की आवाज़।

  • सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम
  • अद्यतन
  • 3 मिनट में पढ़ें

ये पुरानी शकुन मान्यताएँ हैं, मान्यता के रूप में बताई गई हैं, और साथ में रोज़मर्रा का कारण भी। कोई शकुन यह तय नहीं करता कि आपके साथ क्या होगा, और किसी के लिए पैसे वाले उपाय की ज़रूरत नहीं।

इस पृष्ठ पर

लोक-मान्यता में रात को कुत्ते का रोना, यानी लंबी आवाज़ में हूकना, अशुभ माना जाता है, और कई लोग इसे किसी अनहोनी का संकेत समझकर घबरा जाते हैं। यह केवल एक पुरानी मान्यता है — कुत्ते के रोने से किसी का बुरा नहीं होता, और इसके पीछे लगभग हमेशा कोई सीधा-सादा कारण होता है।

परंपरा क्या कहती है

गाँवों और क़स्बों में आज भी रात को कुत्ता रोए तो बड़े-बूढ़े उसे भगाने को कहते हैं। पुरानी मान्यता यह है कि कुत्ते वह देख लेते हैं जो इंसान की आँख नहीं देख पाती, इसलिए उनके रोने को किसी बीमारी, विपत्ति या बुरी ख़बर से जोड़ दिया गया। यह डरावनी बात है, इसलिए साफ़ कह दें: इस मान्यता का कोई आधार नहीं है, और किसी कुत्ते के रोने को चेतावनी मानने की ज़रूरत नहीं।

इस मान्यता के कुछ आम रूप:

स्थितिप्रचलित मान्यता
आधी रात को घर के सामने रोएसबसे अशुभ माना जाता है
आसमान की ओर मुँह करके रोएकुछ सूचियों में अनहोनी का संकेत
ज़मीन सूँघते हुए रोएकहीं-कहीं धन मिलने या खोई चीज़ मिलने की मान्यता
दिन में रोएकम महत्व, कई जगह कोई अर्थ नहीं
कई कुत्ते साथ में रोएँमौसम बदलने या किसी हलचल की मान्यता

दिलचस्प यह है कि वही परंपरा कुत्ते को बहुत सम्मान भी देती है। कुत्ता भैरव बाबा का वाहन माना जाता है, कई घरों में पहली रोटी गाय की और आख़िरी कुत्ते की निकाली जाती है, और नेपाल में तिहार के दौरान कुकुर तिहार पर कुत्तों को माला पहनाकर पूजा जाता है।

यह मान्यता कहाँ से आई

पुराने समय में रात में घर के आसपास की हर आवाज़ पर ध्यान रहता था। कुत्ते अक्सर किसी बीमार जानवर, जंगली जानवर या अजनबी को भाँपकर शोर करते थे, और जिस रात घर में कोई बीमार होता, उसी रात कुत्ते का रोना याद रह जाता। धीरे-धीरे दोनों बातें जुड़ गईं।

यह मान्यता केवल भारत की नहीं है। इंग्लैंड, आयरलैंड और यूरोप के कई हिस्सों की लोक-कथाओं में भी रात को कुत्ते का हूकना बुरी ख़बर से जोड़ा गया। अलग-अलग देशों में एक-सी मान्यता यह बताती है कि रात का अँधेरा और एक उदास-सी आवाज़ हर जगह इंसान के मन में डर जगाती है।

कुत्ते असल में क्यों रोते हैं

कुत्ते भेड़ियों के वंशज हैं, और हूकना उनकी पुरानी भाषा है। आम कारण:

  • सायरन और ऊँची आवाज़ें: एंबुलेंस, पुलिस गाड़ी, प्रेशर हॉर्न, शंख या कुछ संगीत — ऊँची, खिंची हुई आवाज़ उन्हें दूसरे कुत्ते की पुकार जैसी लगती है।
  • दूसरे कुत्तों का जवाब: एक कुत्ता हूके तो मोहल्ले के बाक़ी भी साथ देने लगते हैं; यह इलाक़े और झुंड की बातचीत है।
  • अकेलापन: पालतू कुत्ता अकेला छूट जाए, या परिवार का कोई सदस्य बाहर गया हो, तो वह बेचैनी में रोता है।
  • दर्द या बीमारी: चोट, पेट दर्द या बुढ़ापे की तकलीफ़ में भी कुत्ते कराहते और हूकते हैं।
  • ठंड, भूख या डर: सर्दी की रातों में और पटाख़ों के दिनों में आवारा कुत्ते ज़्यादा रोते हैं।

रात में शहर शांत होता है, इसलिए यही आवाज़ दूर तक और ज़्यादा उदास सुनाई देती है।

कुत्ता रोए तो क्या करें

डरने के बजाय कुत्ते को देखें। पालतू हो तो जाँचें कि कहीं चोट या दर्द तो नहीं; लगातार कई दिन रोए तो पशु-चिकित्सक को दिखाएँ। आवारा कुत्ता हो तो उसे पत्थर मारकर न भगाएँ — पानी रख दें, और घायल लगे तो किसी पशु-कल्याण संस्था को ख़बर करें। कोई टोटका या पूजा ज़रूरी नहीं।

आगे पढ़ें

बिल्ली का रास्ता काटना, उल्लू दिखना और सपने में कुत्ता देखना भी पढ़ें, या शकुन-अपशकुन की पूरी सूची देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रात में कुत्ते का रोना अशुभ क्यों माना जाता है?

पुरानी मान्यता है कि कुत्ते वह देख लेते हैं जो इंसान नहीं देख पाते, इसलिए उनके रोने को किसी अनहोनी से जोड़ा गया। इस मान्यता का कोई आधार नहीं; कुत्ते का हूकना उसकी बातचीत का एक सामान्य तरीका है।

कुत्ता घर के सामने रोए तो क्या करें?

डरने की ज़रूरत नहीं। देख लें कि कुत्ता घायल, भूखा या प्यासा तो नहीं; ज़रूरत हो तो पानी रख दें या पशु-चिकित्सक या पशु-कल्याण संस्था को बताएँ।

कुत्ते सायरन सुनकर क्यों रोते हैं?

सायरन की ऊँची, लंबी आवाज़ कुत्तों को दूसरे कुत्ते की हूक जैसी लगती है, इसलिए वे जवाब में हूकने लगते हैं। यह उनकी स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

इनसे जुड़े पृष्ठ

आगे पढ़ें

स्रोत

  • उत्तर भारत की लोक-परंपरा और शकुन-मान्यताएँ
  • यूरोप की लोक-कथाओं में कुत्ते के रोने से जुड़े अंधविश्वास (तुलना के लिए)
  • कुत्तों के व्यवहार और आवाज़ पर पशु-व्यवहार विज्ञान की सामान्य जानकारी

यह पृष्ठ सतमार्ग ज्योतिष संपादकीय टीम ने लिखा है। हम परंपरा को परंपरा के रूप में बताते हैं, जहाँ सूचियाँ आपस में भिन्न हैं वहाँ यह कहते हैं, और साथ में आज की समझ भी रखते हैं। यह चिकित्सकीय, विधिक या वित्तीय सलाह नहीं है। हमारी पद्धति