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चंद्र राशि मिलान · Libra & Capricorn

तुला और मकर राशि मिलान

दो चंद्र राशियों से 36 में से 12.5–14 गुण तय होते हैं; नक्षत्रों के अनुसार पूरा अंक 16 से 30 तक। हर अंक हमारे कुंडली मिलान के कोड से गिना गया है — कोई अनुमानित प्रतिशत नहीं।

चंद्र राशि, सूर्य राशि नहीं

“तुला और मकर” खोजने पर मिलने वाले अधिकतर अंग्रेज़ी पृष्ठ पश्चिमी सूर्य राशि (Sun sign) की बात करते हैं — जन्मदिन पर सूर्य की राशि, सायन राशिचक्र में। यह पृष्ठ वैदिक चंद्र राशि पर है: जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र में। अधिकतर लोगों की ये दोनों राशियाँ अलग होती हैं, और गुण मिलान चंद्र राशि व नक्षत्र से ही होता है।

राशियों से तय अंक

कूटअधिकतमवर तुला, वधू मकरवर मकर, वधू तुला
वर्ण101
वश्य20.5–10.5–1
ग्रह मैत्री555
भकूट777
राशियों से तय1512.5–1313.5–14
तारा + योनि + गण + नाड़ी (नक्षत्र चाहिए)213.5–16.53.5–16.5
पूरा अंक — संभव सीमा3616–2917–30

गुण मिलान की परंपरा कुछ कूट (वर्ण, गण) वर से वधू की ओर पढ़ती है, इसलिए दोनों दिशाएँ अलग दिखाई गई हैं। सीमाएँ इन दो राशियों में संभव हर नक्षत्र (और धनु-मकर में वश्य के दोनों भाग) को हमारे कुंडली मिलान के कोड से चलाकर निकाली गई हैं।

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दोनों के जन्म की तारीख़, समय और स्थान दीजिए: आठों कूट का अंक, नाड़ी और भकूट के अपवाद, और दोनों ओर मांगलिक विचार — एक ही पृष्ठ पर, बिना किसी शुल्क के।

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तुला और मकर: परंपरा क्या कहती है

तत्त्व और स्वभाव

पृथ्वी तत्त्व का चंद्र वायु तत्त्व के चंद्र के साथ। पृथ्वी योजना चाहती है, वायु संभावनाएँ। अच्छे अर्थ में एक आधार देता है और दूसरा दृष्टि खोलता है; ध्यान इस पर कि एक को दूसरा बहुत जड़ या बहुत चंचल न लगने लगे। दोनों चर राशियाँ हैं: दोनों पहल करना पसंद करते हैं, इसलिए निर्णय जल्दी होते हैं — और मिलकर लिए जाएँ तो अच्छा। (तुला: वायु, चर; मकर: पृथ्वी, चर)

राशि स्वामियों की मैत्री

तुला का स्वामी शुक्र और मकर का शनि है। नैसर्गिक मैत्री में शुक्र शनि को मित्र मानता है और शनि शुक्र को मित्र — अर्थात परस्पर मित्र। इससे ग्रह मैत्री 5 में से 5 अंक देती है; इसे मानसिक अनुकूलता के रूप में पढ़ा जाता है।

भकूट: 4/10 (चतुर्थ-दशम)

राशियाँ एक-दूसरे से चौथी और दसवीं हैं — घर और कर्म के भाव। भकूट पूरे 7 अंक देता है; परंपरा इसे ऐसी जोड़ी मानती है जहाँ एक का गृह-सुख और दूसरे की महत्वाकांक्षा एक-दूसरे को सहारा दे सकें। (मकर तुला से 4वीं राशि है, और तुला मकर से 10वीं।)

वर्ण और वश्य

वर्ण चंद्र राशि के तत्त्व से आता है (जल ब्राह्मण, अग्नि क्षत्रिय, पृथ्वी वैश्य, वायु शूद्र — स्वभाव की शास्त्रीय श्रेणियाँ, व्यक्ति की जाति नहीं): तुला शूद्र, मकर वैश्य। वर्ण एक ही दिशा में पढ़ा जाता है — वर का वर्ण वधू के बराबर या ऊँचा हो तो 1 अंक — इसलिए वर का चंद्र तुला में हो तो 0 और मकर में हो तो 1। वश्य वर्ग: तुला मानव (द्विपद), मकर चतुष्पद / जलचर — 2 में से 0.5–1 अंक। मकर के पहले 15° चतुष्पद और बाद के जलचर माने जाते हैं, इसलिए यहाँ वश्य चंद्रमा के अंश पर निर्भर है और अंक एक सीमा में दिखाए गए हैं।

जो नक्षत्र के बिना पता नहीं चलता

36 में से 15 अंक (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) केवल दोनों चंद्र राशियों से तय होते हैं; तुला और मकर के लिए ये 12.5–14 हैं। बाकी 21 (तारा, योनि, गण, नाड़ी) जन्म नक्षत्रों पर निर्भर हैं — इन दो राशियों में संभव हर नक्षत्र पर ये 3.5–16.5 के बीच आते हैं। इसलिए पूरा अंक 16 से 30 तक हो सकता है। कुछ नक्षत्र-जोड़ियाँ परंपरागत 18 की रेखा से नीचे रहती हैं और कुछ ऊपर — इसलिए केवल राशि से उत्तर नहीं मिलता।

नाड़ी (8 अंक) सबसे भारी कूट है और पूरी तरह नक्षत्र पर निर्भर है। इन राशियों में ये नक्षत्र-जोड़ियाँ एक ही नाड़ी की हैं, जिनमें नाड़ी 0 देती है: चित्रा – धनिष्ठा; स्वाति – उत्तराषाढ़ा; स्वाति – श्रवण; विशाखा – उत्तराषाढ़ा; विशाखा – श्रवण। बाकी जोड़ियों में नाड़ी पूरे 8 देती है।

वर का चंद्र तुला में (पंक्तियाँ), वधू का मकर में (स्तंभ) — 36 में से पूरा अंक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ाश्रवणधनिष्ठा
चित्रा24.525.5–2622.5(नाड़ी)
स्वाति22.5(नाड़ी)22–22.5(नाड़ी)25.5
विशाखा16.5(नाड़ी)16–16.5(नाड़ी)29
वर का चंद्र मकर में (पंक्तियाँ), वधू का तुला में (स्तंभ) — 36 में से पूरा अंक
नक्षत्रचित्रास्वातिविशाखा
उत्तराषाढ़ा25.522.5(नाड़ी)17.5(नाड़ी)
श्रवण26.5–2723–23.5(नाड़ी)17–17.5(नाड़ी)
धनिष्ठा23.5(नाड़ी)26.530

परंपरा में 18 या अधिक गुण स्वीकार्य माने जाते हैं; 18 से कम वाले खाने हल्के रंग में हैं। अंक अकेला निर्णय नहीं करता — अपवाद, दोनों की पूरी कुंडलियाँ और सबसे बढ़कर दोनों व्यक्ति मायने रखते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तुला और मकर राशि का मिलान अच्छा है?

केवल राशि से पूरा उत्तर नहीं मिलता। 36 में से 12.5–14 अंक दोनों राशियों से तय हैं (भकूट संबंध 4/10 (चतुर्थ-दशम)); नक्षत्रों के अनुसार पूरा अंक 16 से 30 तक हो सकता है। सटीक अंक के लिए दोनों के जन्म विवरण से कुंडली मिलान करें।

दूसरी साइटें प्रतिशत क्यों बताती हैं?

गुण मिलान का कोई नियम राशि-जोड़ी का प्रतिशत नहीं देता। हम वही दिखाते हैं जो गणना से निकलता है: तय अंक, और नक्षत्रों पर निर्भर शेष अंकों की सीमा।

क्या यह सूर्य राशि का मिलान है?

नहीं। यह वैदिक चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा की राशि, लाहिड़ी अयनांश) पर है। अपनी चंद्र राशि निःशुल्क कुंडली या राशि कैलकुलेटर में देखें।

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