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चंद्र राशि मिलान · Virgo & Virgo

कन्या और कन्या राशि मिलान

दो चंद्र राशियों से 36 में से 15 गुण तय होते हैं; नक्षत्रों के अनुसार पूरा अंक 24.5 से 28 तक। हर अंक हमारे कुंडली मिलान के कोड से गिना गया है — कोई अनुमानित प्रतिशत नहीं।

चंद्र राशि, सूर्य राशि नहीं

“कन्या और कन्या” खोजने पर मिलने वाले अधिकतर अंग्रेज़ी पृष्ठ पश्चिमी सूर्य राशि (Sun sign) की बात करते हैं — जन्मदिन पर सूर्य की राशि, सायन राशिचक्र में। यह पृष्ठ वैदिक चंद्र राशि पर है: जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था, निरयण (लाहिड़ी) राशिचक्र में। अधिकतर लोगों की ये दोनों राशियाँ अलग होती हैं, और गुण मिलान चंद्र राशि व नक्षत्र से ही होता है।

राशियों से तय अंक

कूटअधिकतमअंक
वर्ण11
वश्य22
ग्रह मैत्री55
भकूट77
राशियों से तय1515
तारा + योनि + गण + नाड़ी (नक्षत्र चाहिए)219.5–13
पूरा अंक — संभव सीमा3624.5–28

गुण मिलान की परंपरा कुछ कूट (वर्ण, गण) वर से वधू की ओर पढ़ती है, इसलिए दोनों दिशाएँ अलग दिखाई गई हैं। सीमाएँ इन दो राशियों में संभव हर नक्षत्र (और धनु-मकर में वश्य के दोनों भाग) को हमारे कुंडली मिलान के कोड से चलाकर निकाली गई हैं।

सटीक अंक चाहिए? पूरा कुंडली मिलान निःशुल्क

दोनों के जन्म की तारीख़, समय और स्थान दीजिए: आठों कूट का अंक, नाड़ी और भकूट के अपवाद, और दोनों ओर मांगलिक विचार — एक ही पृष्ठ पर, बिना किसी शुल्क के।

कुंडली मिलान करें

कन्या और कन्या: परंपरा क्या कहती है

तत्त्व और स्वभाव

दोनों चंद्र पृथ्वी तत्त्व में। दोनों को स्थिर, व्यावहारिक और धीरे बदलने वाला माना जाता है। साझा दिनचर्या और योजनाएँ सहज बैठती हैं; सचेत प्रयास इस बात में चाहिए कि भावनाएँ केवल कर्तव्य से नहीं, शब्दों से भी व्यक्त हों। दोनों द्विस्वभाव राशियाँ हैं: लचीले और खुले, पर कभी-कभी दोनों निर्णय के लिए दूसरे की प्रतीक्षा करते हैं।

राशि स्वामियों की मैत्री

कन्या का स्वामी बुध है। एक ही स्वामी होने पर ग्रह मैत्री पूरे 5 में से 5 अंक देती है — परंपरा इसे विचारों का सहज मेल मानती है।

भकूट: एक ही राशि

दोनों चंद्र एक ही राशि में हैं, इसलिए भकूट पूरे 7 अंक देता है। परंपरा इसे एक-सी भावनात्मक लय मानती है — दोनों को एक-सी बातें सुकून देती हैं। एक बात ध्यान योग्य: नाड़ी फिर भी नक्षत्रों पर निर्भर है, और शास्त्र राशि एक पर नक्षत्र भिन्न होने पर नाड़ी दोष का अपवाद बताते हैं।

वर्ण और वश्य

वर्ण और वश्य: दोनों का वर्ण वैश्य और वश्य वर्ग मानव (द्विपद) है, इसलिए वर्ण 1 में से 1 और वश्य 2 में से 2 अंक।

जो नक्षत्र के बिना पता नहीं चलता

36 में से 15 अंक (वर्ण, वश्य, ग्रह मैत्री, भकूट) केवल दोनों चंद्र राशियों से तय होते हैं; कन्या और कन्या के लिए ये 15 हैं। बाकी 21 (तारा, योनि, गण, नाड़ी) जन्म नक्षत्रों पर निर्भर हैं — इन दो राशियों में संभव हर नक्षत्र पर ये 9.5–13 के बीच आते हैं। इसलिए पूरा अंक 24.5 से 28 तक हो सकता है। हर नक्षत्र-जोड़ी में कुल अंक परंपरागत 18 की रेखा तक पहुँचते हैं।

नाड़ी (8 अंक) सबसे भारी कूट है और पूरी तरह नक्षत्र पर निर्भर है। इन राशियों में ये नक्षत्र-जोड़ियाँ एक ही नाड़ी की हैं, जिनमें नाड़ी 0 देती है: उत्तरा फाल्गुनी – उत्तरा फाल्गुनी; उत्तरा फाल्गुनी – हस्त; हस्त – उत्तरा फाल्गुनी; हस्त – हस्त; चित्रा – चित्रा। बाकी जोड़ियों में नाड़ी पूरे 8 देती है।

वर का चंद्र कन्या में (पंक्तियाँ), वधू का कन्या में (स्तंभ) — 36 में से पूरा अंक
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनीहस्तचित्रा
उत्तरा फाल्गुनी28(नाड़ी)26(नाड़ी)24.5
हस्त27(नाड़ी)28(नाड़ी)28
चित्रा24.52828(नाड़ी)

परंपरा में 18 या अधिक गुण स्वीकार्य माने जाते हैं; 18 से कम वाले खाने हल्के रंग में हैं। अंक अकेला निर्णय नहीं करता — अपवाद, दोनों की पूरी कुंडलियाँ और सबसे बढ़कर दोनों व्यक्ति मायने रखते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कन्या और कन्या राशि का मिलान अच्छा है?

केवल राशि से पूरा उत्तर नहीं मिलता। 36 में से 15 अंक दोनों राशियों से तय हैं (भकूट संबंध एक ही राशि); नक्षत्रों के अनुसार पूरा अंक 24.5 से 28 तक हो सकता है। सटीक अंक के लिए दोनों के जन्म विवरण से कुंडली मिलान करें।

दूसरी साइटें प्रतिशत क्यों बताती हैं?

गुण मिलान का कोई नियम राशि-जोड़ी का प्रतिशत नहीं देता। हम वही दिखाते हैं जो गणना से निकलता है: तय अंक, और नक्षत्रों पर निर्भर शेष अंकों की सीमा।

क्या यह सूर्य राशि का मिलान है?

नहीं। यह वैदिक चंद्र राशि (जन्म के समय चंद्रमा की राशि, लाहिड़ी अयनांश) पर है। अपनी चंद्र राशि निःशुल्क कुंडली या राशि कैलकुलेटर में देखें।

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