ग्रहण · 2026
पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026
पूर्ण चंद्र ग्रहण, 3 मार्च 2026 — परमग्रास 17:03 (IST), सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में। भारत में यह हमारे सभी 28 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 18:21 से 18:47 तक।
पूर्ण · चंद्र ग्रहण
मुख्य तथ्य
- परमग्रास (IST)
- 17:03
- 3 मार्च 2026
- परिमाण
- 1.154
- प्रच्छाया में चंद्र व्यास
- राशि · नक्षत्र
- सिंह · पूर्वा फाल्गुनी
- स्वामी शुक्र
- भारत में
- 28 में से 28 नगर
- सूतक 9 घंटे पहले से
- उपच्छाया आरंभ
- 3 मार्च 2026, 14:14
- स्पर्श (आंशिक आरंभ)
- 3 मार्च 2026, 15:19
- पूर्णता आरंभ
- 3 मार्च 2026, 16:34
- परमग्रास
- 3 मार्च 2026, 17:03
- पूर्णता समाप्त
- 3 मार्च 2026, 17:33
- मोक्ष (आंशिक समाप्त)
- 3 मार्च 2026, 18:47
- उपच्छाया समाप्त
- 3 मार्च 2026, 19:53
चंद्र ग्रहण के संपर्क-क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होते हैं; नगर केवल यह तय करता है कि उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।
भारत के नगरों में समय
स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो चंद्रमा के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है (प्रच्छाया वाला भाग; उपच्छाया ग्रहण में उपच्छाया)। समय IST में, समुद्र तल पर।
| नगर | स्पर्श (आरंभ) | मध्य (परमग्रास) | मोक्ष (समाप्ति) | अवधि | सूतक (परंपरा) |
|---|---|---|---|---|---|
| दिल्लीदिखेगा | 18:21ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 26 मि | 06:19 – 18:47 |
| मुंबईदिखेगा | 18:44ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 3 मि | 06:19 – 18:47 |
| कोलकातादिखेगा | 17:38ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 1 घं 9 मि | 06:19 – 18:47 |
| चेन्नईदिखेगा | 18:17ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 30 मि | 06:19 – 18:47 |
| बेंगलुरुदिखेगा | 18:28ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 19 मि | 06:19 – 18:47 |
| हैदराबाददिखेगा | 18:22ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 25 मि | 06:19 – 18:47 |
| अहमदाबाददिखेगा | 18:44ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 3 मि | 06:19 – 18:47 |
| पुणेदिखेगा | 18:41ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 6 मि | 06:19 – 18:47 |
| जयपुरदिखेगा | 18:28ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 19 मि | 06:19 – 18:47 |
| लखनऊदिखेगा | 18:07ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 40 मि | 06:19 – 18:47 |
| पटनादिखेगा | 17:50ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 57 मि | 06:19 – 18:47 |
| भोपालदिखेगा | 18:24ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 23 मि | 06:19 – 18:47 |
| इंदौरदिखेगा | 18:30ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 17 मि | 06:19 – 18:47 |
| उज्जैनदिखेगा | 18:30ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 17 मि | 06:19 – 18:47 |
| नागपुरदिखेगा | 18:18ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 29 मि | 06:19 – 18:47 |
| वाराणसीदिखेगा | 17:59ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 48 मि | 06:19 – 18:47 |
| प्रयागराजदिखेगा | 18:04ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 43 मि | 06:19 – 18:47 |
| चंडीगढ़दिखेगा | 18:22ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 25 मि | 06:19 – 18:47 |
| अमृतसरदिखेगा | 18:29ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 18 मि | 06:19 – 18:47 |
| श्रीनगरदिखेगा | 18:28ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 19 मि | 06:19 – 18:47 |
| देहरादूनदिखेगा | 18:17ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 30 मि | 06:19 – 18:47 |
| गुवाहाटीदिखेगा | 17:22ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 1 घं 25 मि | 06:19 – 18:47 |
| भुवनेश्वरदिखेगा | 17:50ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 57 मि | 06:19 – 18:47 |
| रायपुरदिखेगा | 18:07ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 40 मि | 06:19 – 18:47 |
| राँचीदिखेगा | 17:51ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 56 मि | 06:19 – 18:47 |
| सूरतदिखेगा | 18:44ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 3 मि | 06:19 – 18:47 |
| कोच्चिदिखेगा | 18:35ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 12 मि | 06:19 – 18:47 |
| तिरुवनंतपुरमदिखेगा | 18:33ग्रस्त चंद्रोदय | क्षितिज के नीचे | 18:47 | 14 मि | 06:19 – 18:47 |
सूतक: परंपरा क्या कहती है
सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।
सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।
यह ग्रहण सिंह राशि में है — सिंह राशिफल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 भारत में दिखेगा?
हाँ, हमारे सभी 28 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 का सूतक कब से है?
परंपरा में सूतक चंद्र ग्रहण के आरंभ से 9 घंटे पहले लगता है और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है — केवल वहाँ, जहाँ ग्रहण दिखता है। दिल्ली में: 3 मार्च 2026, 06:19 से 3 मार्च 2026, 18:47 तक। अन्य नगरों का सूतक तालिका में है।
क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है?
हाँ। चंद्र ग्रहण को खुली आँख, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?
सिंह राशि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (चंद्रमा की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा सिंह चंद्र राशि और पूर्वा फाल्गुनी जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।