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होरा · मध्य प्रदेश

जबलपुर में आज की होरा

रविवार, 27 सितंबर 2026 को जबलपुर में दिन 06:00 पर सूर्य की होरा से शुरू होता है। दिन की हर होरा 60 मिनट की है।

रविवार, 27 सितंबर 2026

सूर्योदय 06:00सूर्यास्त 18:01दिनमान 12 घं 1 मि · हर भाग 60 मिनटरात्रिमान 11 घं 59 मि · हर भाग 60 मिनट

दिन की होरा

  • सूर्य06:00
  • शुक्र07:00
  • बुध08:00
  • चंद्र09:00
  • शनि10:00
  • गुरु11:00
  • मंगल12:01
  • सूर्य13:01
  • शुक्र14:01
  • बुध15:01
  • चंद्र16:01
  • शनि17:01

रात की होरा

  • गुरु18:01
  • मंगल19:01
  • सूर्य20:01
  • शुक्र21:01
  • बुध22:01
  • चंद्र23:01
  • शनि00:01
  • गुरु01:01
  • मंगल02:01
  • सूर्य03:00
  • शुक्र04:00
  • बुध05:00

हर खाने में होरा का स्वामी और आरंभ समय; समय जबलपुर के स्थानीय समय (IST) में।

जबलपुर: अगले 7 दिन की दिन की होरा

हर वार की पहली होरा उसी वार के स्वामी की होती है; फिर क्रम सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल।

जबलपुर की 7 दिन की होरा
दिन123456789101112
27 सितंबररविवारसूर्य06:00शुक्र07:00बुध08:00चंद्र09:00शनि10:00गुरु11:00मंगल12:01सूर्य13:01शुक्र14:01बुध15:01चंद्र16:01शनि17:01
28 सितंबरसोमवारचंद्र06:00शनि07:00गुरु08:00मंगल09:00सूर्य10:00शुक्र11:00बुध12:00चंद्र13:00शनि14:00गुरु15:00मंगल16:00सूर्य17:00
29 सितंबरमंगलवारमंगल06:01सूर्य07:00शुक्र08:00बुध09:00चंद्र10:00शनि11:00गुरु12:00मंगल13:00सूर्य14:00शुक्र15:00बुध15:59चंद्र16:59
30 सितंबरबुधवारबुध06:01चंद्र07:01शनि08:00गुरु09:00मंगल10:00सूर्य11:00शुक्र12:00बुध12:59चंद्र13:59शनि14:59गुरु15:59मंगल16:59
1 अक्टूबरगुरुवारगुरु06:01मंगल07:01सूर्य08:01शुक्र09:00बुध10:00चंद्र11:00शनि11:59गुरु12:59मंगल13:59सूर्य14:58शुक्र15:58बुध16:58
2 अक्टूबरशुक्रवारशुक्र06:02बुध07:01चंद्र08:01शनि09:00गुरु10:00मंगल10:59सूर्य11:59शुक्र12:59बुध13:58चंद्र14:58शनि15:57गुरु16:57
3 अक्टूबरशनिवारशनि06:02गुरु07:01मंगल08:01सूर्य09:00शुक्र10:00बुध10:59चंद्र11:59शनि12:58गुरु13:58मंगल14:57सूर्य15:56शुक्र16:56

जबलपुर: होरा के प्रश्न

आज जबलपुर में पहली होरा किसकी है?

27 सितंबर 2026 (रविवार) को सूर्योदय 06:00 पर सूर्य की होरा से दिन शुरू होता है — वार का स्वामी पहली होरा का स्वामी होता है।

आज जबलपुर में गुरु की होरा कब है?

11:00–12:01, 18:01–19:01, 01:01–02:01। गुरु की होरा परंपरा में पढ़ाई, अध्यापन और पूजा के लिए देखी जाती है।

क्या होरा ठीक एक घंटे की होती है?

नहीं। आज जबलपुर में दिन की हर होरा 60 मिनट और रात की 60 मिनट की है, क्योंकि दिनमान और रात्रिमान को बारह-बारह भागों में बाँटा जाता है। ठीक 60 मिनट केवल विषुव के आसपास।

जबलपुर के पास के शहरों की होरा

होरा क्या है

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसका स्वामी सात ग्रहों में से एक होता है। परंपरा काम को स्वामी से मिलाती है: गुरु की होरा पढ़ाई, अध्यापन और पूजा के लिए; शुक्र की कला, वस्त्र और संबंधों के लिए; बुध की व्यापार, लेखन और हिसाब के लिए; सूर्य की सरकारी काम और बड़ों से मिलने के लिए; चंद्र की यात्रा और जन-संपर्क के लिए; मंगल की परिश्रम, खेल और भूमि-संपत्ति के लिए; शनि की मेहनत, मरम्मत और पुराने बकाए निपटाने के लिए।

ये समय कैसे निकाले गए

इस शहर के सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिनमान बारह बराबर होराओं में बँटता है, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात बारह और में। इसलिए होरा ठीक 60 मिनट की केवल विषुव पर होती है; सर्दियों में दिन की होरा छोटी और रात की बड़ी हो जाती है। सूर्योदय पर पहली होरा वार के स्वामी की होती है (रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, आदि), और आगे हर होरा इस क्रम में अगले ग्रह की: सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल। यह क्रम 24 होराओं तक चलाएँ तो अगला सूर्योदय अगले वार के स्वामी पर पड़ता है — इसी नियम से सप्ताह के वारों का क्रम बना है।