चंद्रोदय · कर्नाटक
दावणगेरे में आज चाँद कब निकलेगा
रविवार, 27 सितंबर 2026 को दावणगेरे में चाँद 18:41 पर निकलेगा और 06:34 पर अस्त होगा। सूर्योदय पर कृष्ण प्रतिपदा तिथि है, कृष्ण पक्ष।
रविवार, 27 सितंबर 2026
समय दावणगेरे के स्थानीय समय (IST) में।
दावणगेरे: आज और अगले 7 दिन का चंद्रोदय
चंद्रोदय रोज़ औसतन लगभग 50 मिनट देर से होता है; जिस तारीख़ में उदय न हो, वहाँ अगला उदय दिखाया है।
| दिन | चंद्रोदय | चंद्रास्त | तिथि (सूर्योदय पर) |
|---|---|---|---|
| 27 सितंबररविवार | 18:41 | 06:34 | कृष्ण प्रतिपदा |
| 28 सितंबरसोमवार | 19:24 | 07:28 | कृष्ण द्वितीया |
| 29 सितंबरमंगलवार | 20:11 | 08:26 | कृष्ण तृतीया |
| 30 सितंबरबुधवार | 21:03 | 09:27 | कृष्ण चतुर्थी |
| 1 अक्टूबरगुरुवार | 22:01 | 10:31 | कृष्ण पंचमी |
| 2 अक्टूबरशुक्रवार | 23:03 | 11:36 | कृष्ण षष्ठी |
| 3 अक्टूबरशनिवार | आज नहीं (अगला 4 अक्टूबर, 00:07) | 12:38 | कृष्ण सप्तमी |
| 4 अक्टूबररविवार | 00:07 | 13:35 | कृष्ण नवमी |
दावणगेरे: व्रतों का चंद्रोदय
व्रत की तिथि हमारे कैलेंडर (नई दिल्ली) से; चंद्रोदय इसी शहर का।
संकष्टी चतुर्थी
विघ्नराज संकष्टी
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
चंद्रोदय 20:11
सभी तिथियाँ और नियमपूर्णिमा व्रत
आश्विन पूर्णिमा
रविवार, 25 अक्टूबर 2026
चंद्रोदय 17:16
सभी तिथियाँ और नियमकरवा चौथ
करवा चौथ
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
चंद्रोदय 20:54
सभी तिथियाँ और नियम
दावणगेरे: चंद्रोदय के प्रश्न
आज दावणगेरे में चाँद कब निकलेगा?
27 सितंबर 2026 को दावणगेरे में चंद्रोदय 18:41 पर है (कृष्ण प्रतिपदा तिथि)। चंद्रास्त 06:34 पर है।
संकष्टी चतुर्थी पर दावणगेरे में चंद्रोदय कब है?
अगला संकष्टी चतुर्थी (विघ्नराज संकष्टी) 29 सितंबर 2026 को है; उस दिन दावणगेरे में चंद्रोदय 20:11 पर है।
पूर्णिमा व्रत पर दावणगेरे में चंद्रोदय कब है?
अगला पूर्णिमा व्रत (आश्विन पूर्णिमा) 25 अक्टूबर 2026 को है; उस दिन दावणगेरे में चंद्रोदय 17:16 पर है।
करवा चौथ पर दावणगेरे में चंद्रोदय कब है?
अगला करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026 को है; उस दिन दावणगेरे में चंद्रोदय 20:54 पर है।
दूसरी वेबसाइटों पर चंद्रोदय का समय अलग क्यों होता है?
अक्सर वे किसी और शहर (जैसे दिल्ली या उज्जैन) का समय देती हैं, या चंद्र लंबन और चंद्रमा के ऊपरी किनारे का हिसाब अलग रखती हैं। यहाँ समय दावणगेरे के अपने अक्षांश-देशांतर से है: ऊपरी किनारा, वास्तविक क्षितिज, सामान्य अपवर्तन, लंबन सहित।
दावणगेरे के पास के शहरों में चंद्रोदय
चंद्रोदय रोज़ क्यों बदलता है
चंद्रोदय वह क्षण है जब चंद्रमा का ऊपरी किनारा आपके शहर के क्षितिज से ऊपर आता है। चंद्रमा तारों के बीच रोज़ लगभग 13° आगे बढ़ता है, इसलिए वह औसतन हर दिन करीब 50 मिनट देर से उगता है (ऋतु और चंद्रमा के मार्ग के अनुसार लगभग 20 से 70 मिनट)। अमावस्या के पास वह सूर्य के साथ उगता है और दिन के उजाले में नहीं दिखता; पूर्णिमा के पास सूर्यास्त के आसपास; और कृष्ण पक्ष में रात में और देर से।
इसीलिए कुछ तारीख़ों पर चंद्रोदय होता ही नहीं: उदय आधी रात के बाद अगली तारीख़ में चला जाता है। तालिका में ऐसे दिन डैश दिखता है, और चंद्रमा अगली सुबह जल्दी उगता है।
चंद्रोदय कब मायने रखता है
कई व्रत चंद्र दर्शन पर ही पूरे होते हैं: करवा चौथ, हर संकष्टी चतुर्थी, और बहुत से परिवारों में पूर्णिमा का व्रत। इनके लिए अपने शहर का चंद्रोदय ही असली समय है, और पूरे भारत में यह दिल्ली से कुछ मिनट से लेकर आधे घंटे से भी अधिक तक अलग होता है। नीचे व्रत की तिथियाँ हमारे कैलेंडर (नई दिल्ली) की हैं; समय इसी शहर का है।
ये समय कैसे निकाले गए
हमारा इंजन हर क्षण के लिए चंद्रमा की स्थिति निकालता है और उसमें चंद्र लंबन (पैरालैक्स) का सुधार करता है: चंद्रमा इतना पास है कि पृथ्वी पर आपकी जगह से उसकी स्थिति एक अंश तक बदल जाती है। समय चंद्रमा के ऊपरी किनारे का है, वास्तविक क्षितिज पर, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन सहित — पहाड़, धुंध या इमारतों का हिसाब नहीं। छतों के ऊपर चाँद दिखने में कुछ मिनट और लग सकते हैं, और यही कारण है कि एक ही शहर के लिए अलग-अलग जगह छपे समय अक्सर मेल नहीं खाते।