पंचांग · नई दिल्ली
10 फ़रवरी 2026 का पंचांग, मंगलवार
10 फ़रवरी 2026, मंगलवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:03 और सूर्यास्त 18:07 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण अष्टमी तिथि है (07:27 तक) और विशाखा नक्षत्र (07:55 तक)। राहु काल 15:21 से 16:44 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:13 से 12:57 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- कृष्ण अष्टमी पिछले दिन के सूर्योदय पर भी थी — यह तिथि दो सूर्योदयों को छूती है (वृद्धि)।
- विशाखा पिछले दिन के सूर्योदय पर भी था — यह नक्षत्र दो सूर्योदयों को छूता है।
- अगले दिन (11 फ़रवरी 2026) सूर्योदय पर कृष्ण नवमी।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
मंगलवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण अष्टमी
07:27 तक
कृष्ण नवमी
07:27 से 11 फ़रवरी, 09:59 तक
नक्षत्र
विशाखास्वामी गुरु
07:55 तक
अनुराधास्वामी शनि
07:55 से 11 फ़रवरी, 10:53 तक
योग
ध्रुव
11 फ़रवरी, 01:42 तक
व्याघात
11 फ़रवरी, 01:42 से 12 फ़रवरी, 02:30 तक
करण
कौलव
07:27 तक
तैतिल
07:27 से 20:43 तक
गर
20:43 से 11 फ़रवरी, 09:59 तक
चंद्र राशि
- वृश्चिक12 फ़रवरी, 13:42 तक
सूर्य राशि: मकर
टालने योग्य समय
- राहु काल15:21 – 16:44
- यमगंड09:49 – 11:12
- गुलिक काल12:35 – 13:58
- दुर्मुहूर्त 109:16 – 10:00
- दुर्मुहूर्त 223:17 – 00:09
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:13 – 12:57
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- माघ / फाल्गुन
- संवत
- विक्रम 2082 · शक 1947
- ऋतु · अयन
- शिशिर · उत्तरायण
- दिनमान
- 11 घं 4 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′26″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- रोगत्याज्य07:03 – 08:26
- उद्वेगत्याज्य08:26 – 09:49
- चरसामान्य09:49 – 11:12
- लाभअनुकूल11:12 – 12:35
- अमृतअनुकूल12:35 – 13:58
- कालत्याज्य13:58 – 15:21
- शुभअनुकूल15:21 – 16:44
- रोगत्याज्य16:44 – 18:07
रात का चौघड़िया
- कालत्याज्य18:07 – 19:44
- लाभअनुकूल19:44 – 21:21
- उद्वेगत्याज्य21:21 – 22:58
- शुभअनुकूल22:58 – 00:35
- अमृतअनुकूल00:35 – 02:12
- चरसामान्य02:12 – 03:48
- रोगत्याज्य03:48 – 05:25
- कालत्याज्य05:25 – 07:02
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- मंगल07:03
- सूर्य07:58
- शुक्र08:54
- बुध09:49
- चंद्र10:44
- शनि11:40
- गुरु12:35
- मंगल13:30
- सूर्य14:26
- शुक्र15:21
- बुध16:16
- चंद्र17:12
रात की होरा
- शनि18:07
- गुरु19:12
- मंगल20:16
- सूर्य21:21
- शुक्र22:25
- बुध23:30
- चंद्र00:35
- शनि01:39
- गुरु02:44
- मंगल03:48
- सूर्य04:53
- शुक्र05:58
10 फ़रवरी 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
10 फ़रवरी 2026: प्रश्न
10 फ़रवरी 2026 को कौन सी तिथि है?
10 फ़रवरी 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण अष्टमी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 07:27 तक; फिर कृष्ण नवमी। माह माघ (अमांत) / फाल्गुन (पूर्णिमांत)।
10 फ़रवरी 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय विशाखा नक्षत्र, 07:55 तक; फिर अनुराधा।
10 फ़रवरी 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
15:21 से 16:44 तक। यमगंड 09:49–11:12 और गुलिक 12:35–13:58।
10 फ़रवरी 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:03 और सूर्यास्त 18:07 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।