पंचांग · नई दिल्ली
19 मार्च 2026 का पंचांग, गुरुवार
19 मार्च 2026, गुरुवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 18:31 पर है। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है (06:53 तक) और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र (20 मार्च, 04:05 तक)। राहु काल 13:59 से 15:30 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:04 से 12:53 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्दशी, आज अमावस्या। शुक्ल प्रतिपदा 06:53 से 20 मार्च, 04:52 तक रहती है और किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)।
- पिछले दिन सूर्योदय पर पूर्वा भाद्रपद, आज उत्तरा भाद्रपद।
- अगले दिन (20 मार्च 2026) सूर्योदय पर शुक्ल द्वितीया।
इस दिन के व्रत और पर्व
- चैत्र नवरात्रि — शुक्ल प्रतिपदा जो दिन के पहले तिहाई भाग (घटस्थापना काल) को छुए, उस दिन आरंभ; राम नवमी पर पूर्ण।
- उगादि — सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — नव वर्ष का आरंभ; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो।
- गुड़ी पड़वा — सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (जो प्रतिपदा किसी सूर्योदय को न छुए, वह जिस दिन आरंभ हो): शक संवत का पहला दिन।
- चैत्र अमावस्या — सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
गुरुवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
अमावस्या
06:53 तक
शुक्ल प्रतिपदा
06:53 से 20 मार्च, 04:52 तक
शुक्ल द्वितीया
20 मार्च, 04:52 से 21 मार्च, 02:31 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदस्वामी शनि
20 मार्च, 04:05 तक
रेवतीस्वामी बुध
20 मार्च, 04:05 से 21 मार्च, 02:28 तक
योग
शुक्ल
20 मार्च, 01:17 तक
ब्रह्म
20 मार्च, 01:17 से 20 मार्च, 22:15 तक
करण
नाग
06:53 तक
किंस्तुघ्न
06:53 से 17:56 तक
बव
17:56 से 20 मार्च, 04:52 तक
बालव
20 मार्च, 04:52 से 20 मार्च, 15:44 तक
चंद्र राशि
- मीन21 मार्च, 02:28 तक
सूर्य राशि: मीन
टालने योग्य समय
- राहु काल13:59 – 15:30
- यमगंड06:26 – 07:57
- गुलिक काल09:27 – 10:58
- दुर्मुहूर्त 110:28 – 11:16
- दुर्मुहूर्त 215:18 – 16:06
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:04 – 12:53
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- फाल्गुन / चैत्र
- संवत
- विक्रम 2082 · शक 1947
- ऋतु · अयन
- शिशिर · उत्तरायण
- दिनमान
- 12 घं 5 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′30″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- शुभअनुकूल06:26 – 07:57
- रोगत्याज्य07:57 – 09:27
- उद्वेगत्याज्य09:27 – 10:58
- चरसामान्य10:58 – 12:29
- लाभअनुकूल12:29 – 13:59
- अमृतअनुकूल13:59 – 15:30
- कालत्याज्य15:30 – 17:01
- शुभअनुकूल17:01 – 18:31
रात का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल18:31 – 20:00
- चरसामान्य20:00 – 21:30
- रोगत्याज्य21:30 – 22:59
- कालत्याज्य22:59 – 00:28
- लाभअनुकूल00:28 – 01:57
- उद्वेगत्याज्य01:57 – 03:26
- शुभअनुकूल03:26 – 04:56
- अमृतअनुकूल04:56 – 06:25
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- गुरु06:26
- मंगल07:26
- सूर्य08:27
- शुक्र09:27
- बुध10:28
- चंद्र11:28
- शनि12:29
- गुरु13:29
- मंगल14:30
- सूर्य15:30
- शुक्र16:30
- बुध17:31
रात की होरा
- चंद्र18:31
- शनि19:31
- गुरु20:30
- मंगल21:30
- सूर्य22:29
- शुक्र23:29
- बुध00:28
- चंद्र01:28
- शनि02:27
- गुरु03:26
- मंगल04:26
- सूर्य05:25
19 मार्च 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
19 मार्च 2026: प्रश्न
19 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
19 मार्च 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 06:53 तक; फिर शुक्ल प्रतिपदा। माह फाल्गुन (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत)।
19 मार्च 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, 20 मार्च, 04:05 तक; फिर रेवती।
19 मार्च 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
13:59 से 15:30 तक। यमगंड 06:26–07:57 और गुलिक 09:27–10:58।
19 मार्च 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 18:31 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
19 मार्च 2026 को कोई व्रत या पर्व है?
चैत्र नवरात्रि: शुक्ल प्रतिपदा जो दिन के पहले तिहाई भाग (घटस्थापना काल) को छुए, उस दिन आरंभ; राम नवमी पर पूर्ण। उगादि: सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — नव वर्ष का आरंभ; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो। गुड़ी पड़वा: सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (जो प्रतिपदा किसी सूर्योदय को न छुए, वह जिस दिन आरंभ हो): शक संवत का पहला दिन। चैत्र अमावस्या: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।