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पंचांग · नई दिल्ली

17 अप्रैल 2026 का पंचांग, शुक्रवार

17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:53 और सूर्यास्त 18:47 पर है। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है (17:21 तक) और रेवती नक्षत्र (12:02 तक)। राहु काल 10:44 से 12:20 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:55 से 12:46 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्दशी, आज अमावस्या।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर उत्तरा भाद्रपद, आज रेवती।
  • अगले दिन (18 अप्रैल 2026) सूर्योदय पर शुक्ल प्रतिपदा।
सूर्योदय05:53
सूर्यास्त18:47
चंद्रोदय05:26
चंद्रास्त18:49

इस दिन के व्रत और पर्व

  • वैशाख अमावस्या — सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शुक्रवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • अमावस्या

    17:21 तक

  • शुक्ल प्रतिपदा

    17:21 से 18 अप्रैल, 14:11 तक

नक्षत्र

  • रेवतीस्वामी बुध

    12:02 तक

  • अश्विनीस्वामी केतु

    12:02 से 18 अप्रैल, 09:42 तक

योग

  • वैधृति

    07:22 तक

  • विष्कुम्भ

    07:22 से 18 अप्रैल, 03:45 तक

  • प्रीति

    18 अप्रैल, 03:45 से 18 अप्रैल, 23:56 तक

करण

  • चतुष्पद

    06:50 तक

  • नाग

    06:50 से 17:21 तक

  • किंस्तुघ्न

    17:21 से 18 अप्रैल, 03:48 तक

  • बव

    18 अप्रैल, 03:48 से 18 अप्रैल, 14:11 तक

चंद्र राशि

  • मीन12:02 तक
  • मेष19 अप्रैल, 12:31 तक

सूर्य राशि: मेष

टालने योग्य समय

  • राहु काल10:44 – 12:20
  • यमगंड15:34 – 17:11
  • गुलिक काल07:30 – 09:07
  • दुर्मुहूर्त 108:28 – 09:20
  • दुर्मुहूर्त 212:46 – 13:38

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:55 – 12:46
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
चैत्र / वैशाख
संवत
विक्रम 2083 · शक 1948
ऋतु · अयन
वसंत · उत्तरायण
दिनमान
12 घं 54 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′33″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • चरसामान्य05:53 – 07:30
  • लाभअनुकूल07:30 – 09:07
  • अमृतअनुकूल09:07 – 10:44
  • कालत्याज्य10:44 – 12:20
  • शुभअनुकूल12:20 – 13:57
  • रोगत्याज्य13:57 – 15:34
  • उद्वेगत्याज्य15:34 – 17:11
  • चरसामान्य17:11 – 18:47

रात का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य18:47 – 20:11
  • कालत्याज्य20:11 – 21:34
  • लाभअनुकूल21:34 – 22:57
  • उद्वेगत्याज्य22:57 – 00:20
  • शुभअनुकूल00:20 – 01:43
  • अमृतअनुकूल01:43 – 03:06
  • चरसामान्य03:06 – 04:29
  • रोगत्याज्य04:29 – 05:52

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शुक्र05:53
  • बुध06:58
  • चंद्र08:02
  • शनि09:07
  • गुरु10:11
  • मंगल11:16
  • सूर्य12:20
  • शुक्र13:25
  • बुध14:29
  • चंद्र15:34
  • शनि16:38
  • गुरु17:43

रात की होरा

  • मंगल18:47
  • सूर्य19:43
  • शुक्र20:38
  • बुध21:34
  • चंद्र22:29
  • शनि23:25
  • गुरु00:20
  • मंगल01:15
  • सूर्य02:11
  • शुक्र03:06
  • बुध04:02
  • चंद्र04:57

17 अप्रैल 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

17 अप्रैल 2026: प्रश्न

17 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 17:21 तक; फिर शुक्ल प्रतिपदा। माह चैत्र (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत)।

17 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय रेवती नक्षत्र, 12:02 तक; फिर अश्विनी।

17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

10:44 से 12:20 तक। यमगंड 15:34–17:11 और गुलिक 07:30–09:07।

17 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:53 और सूर्यास्त 18:47 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

17 अप्रैल 2026 को कोई व्रत या पर्व है?

वैशाख अमावस्या: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।