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पंचांग · नई दिल्ली

1 मई 2026 का पंचांग, शुक्रवार

1 मई 2026, शुक्रवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 18:56 पर है। सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि है (22:53 तक) और स्वाति नक्षत्र (2 मई, 04:35 तक)। राहु काल 10:38 से 12:18 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:44 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल चतुर्दशी, आज पूर्णिमा।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर चित्रा, आज स्वाति।
  • अगले दिन (2 मई 2026) सूर्योदय पर कृष्ण प्रतिपदा।
सूर्योदय05:40
सूर्यास्त18:56
चंद्रोदय18:48
चंद्रास्त05:03

इस दिन के व्रत और पर्व

  • बुद्ध पूर्णिमा — सूर्योदय के समय वैशाख पूर्णिमा; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो।
  • वैशाख पूर्णिमा — सूर्योदय के समय पूर्णिमा वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। व्रत उस पहले दिन जब पूर्णिमा मध्याह्न को छुए — यह एक दिन पहले भी हो सकता है।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शुक्रवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • पूर्णिमा

    22:53 तक

  • कृष्ण प्रतिपदा

    22:53 से 3 मई, 00:50 तक

नक्षत्र

  • स्वातिस्वामी राहु

    2 मई, 04:35 तक

  • विशाखास्वामी गुरु

    2 मई, 04:35 से 3 मई, 07:10 तक

योग

  • सिद्धि

    21:13 तक

  • व्यतीपात

    21:13 से 2 मई, 21:44 तक

करण

  • विष्टि (भद्रा)

    10:00 तक

  • बव

    10:00 से 22:53 तक

  • बालव

    22:53 से 2 मई, 11:49 तक

चंद्र राशि

  • तुला3 मई, 00:30 तक

सूर्य राशि: मेष

टालने योग्य समय

  • राहु काल10:38 – 12:18
  • यमगंड15:37 – 17:16
  • गुलिक काल07:20 – 08:59
  • दुर्मुहूर्त 108:19 – 09:12
  • दुर्मुहूर्त 212:44 – 13:38

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:51 – 12:44
पक्ष
शुक्ल
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
वैशाख / वैशाख
संवत
विक्रम 2083 · शक 1948
ऋतु · अयन
वसंत · उत्तरायण
दिनमान
13 घं 16 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′35″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • चरसामान्य05:40 – 07:20
  • लाभअनुकूल07:20 – 08:59
  • अमृतअनुकूल08:59 – 10:38
  • कालत्याज्य10:38 – 12:18
  • शुभअनुकूल12:18 – 13:57
  • रोगत्याज्य13:57 – 15:37
  • उद्वेगत्याज्य15:37 – 17:16
  • चरसामान्य17:16 – 18:56

रात का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य18:56 – 20:16
  • कालत्याज्य20:16 – 21:37
  • लाभअनुकूल21:37 – 22:57
  • उद्वेगत्याज्य22:57 – 00:18
  • शुभअनुकूल00:18 – 01:38
  • अमृतअनुकूल01:38 – 02:58
  • चरसामान्य02:58 – 04:19
  • रोगत्याज्य04:19 – 05:39

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शुक्र05:40
  • बुध06:46
  • चंद्र07:53
  • शनि08:59
  • गुरु10:05
  • मंगल11:12
  • सूर्य12:18
  • शुक्र13:24
  • बुध14:31
  • चंद्र15:37
  • शनि16:43
  • गुरु17:49

रात की होरा

  • मंगल18:56
  • सूर्य19:49
  • शुक्र20:43
  • बुध21:37
  • चंद्र22:30
  • शनि23:24
  • गुरु00:18
  • मंगल01:11
  • सूर्य02:05
  • शुक्र02:58
  • बुध03:52
  • चंद्र04:46

1 मई 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

1 मई 2026: प्रश्न

1 मई 2026 को कौन सी तिथि है?

1 मई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 22:53 तक; फिर कृष्ण प्रतिपदा। माह वैशाख (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत)।

1 मई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय स्वाति नक्षत्र, 2 मई, 04:35 तक; फिर विशाखा।

1 मई 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

10:38 से 12:18 तक। यमगंड 15:37–17:16 और गुलिक 07:20–08:59।

1 मई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 18:56 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

1 मई 2026 को कोई व्रत या पर्व है?

बुद्ध पूर्णिमा: सूर्योदय के समय वैशाख पूर्णिमा; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो। वैशाख पूर्णिमा: सूर्योदय के समय पूर्णिमा वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। व्रत उस पहले दिन जब पूर्णिमा मध्याह्न को छुए — यह एक दिन पहले भी हो सकता है।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।