पंचांग · नई दिल्ली
14 मई 2026 का पंचांग, गुरुवार
14 मई 2026, गुरुवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 19:04 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (11:21 तक) और रेवती नक्षत्र (22:34 तक)। राहु काल 13:59 से 15:40 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:44 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर उत्तरा भाद्रपद, आज रेवती।
- अगले दिन (15 मई 2026) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- गुरु प्रदोष — त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
गुरुवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण द्वादशी
11:21 तक
कृष्ण त्रयोदशी
11:21 से 15 मई, 08:31 तक
नक्षत्र
रेवतीस्वामी बुध
22:34 तक
अश्विनीस्वामी केतु
22:34 से 15 मई, 20:15 तक
योग
प्रीति
17:53 तक
आयुष्मान
17:53 से 15 मई, 14:21 तक
करण
तैतिल
11:21 तक
गर
11:21 से 22:00 तक
वणिज
22:00 से 15 मई, 08:31 तक
चंद्र राशि
- मीन22:34 तक
- मेष16 मई, 22:46 तक
सूर्य राशि: मेष
टालने योग्य समय
- राहु काल13:59 – 15:40
- यमगंड05:31 – 07:12
- गुलिक काल08:54 – 10:36
- दुर्मुहूर्त 110:02 – 10:56
- दुर्मुहूर्त 215:27 – 16:21
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:50 – 12:44
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- वैशाख / ज्येष्ठ
- संवत
- विक्रम 2083 · शक 1948
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 33 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′37″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- शुभअनुकूल05:31 – 07:12
- रोगत्याज्य07:12 – 08:54
- उद्वेगत्याज्य08:54 – 10:36
- चरसामान्य10:36 – 12:17
- लाभअनुकूल12:17 – 13:59
- अमृतअनुकूल13:59 – 15:40
- कालत्याज्य15:40 – 17:22
- शुभअनुकूल17:22 – 19:04
रात का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल19:04 – 20:22
- चरसामान्य20:22 – 21:40
- रोगत्याज्य21:40 – 22:59
- कालत्याज्य22:59 – 00:17
- लाभअनुकूल00:17 – 01:35
- उद्वेगत्याज्य01:35 – 02:53
- शुभअनुकूल02:53 – 04:12
- अमृतअनुकूल04:12 – 05:30
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- गुरु05:31
- मंगल06:38
- सूर्य07:46
- शुक्र08:54
- बुध10:02
- चंद्र11:09
- शनि12:17
- गुरु13:25
- मंगल14:33
- सूर्य15:40
- शुक्र16:48
- बुध17:56
रात की होरा
- चंद्र19:04
- शनि19:56
- गुरु20:48
- मंगल21:40
- सूर्य22:32
- शुक्र23:25
- बुध00:17
- चंद्र01:09
- शनि02:01
- गुरु02:53
- मंगल03:46
- सूर्य04:38
14 मई 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
14 मई 2026: प्रश्न
14 मई 2026 को कौन सी तिथि है?
14 मई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 11:21 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह वैशाख (अमांत) / ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)।
14 मई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय रेवती नक्षत्र, 22:34 तक; फिर अश्विनी।
14 मई 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
13:59 से 15:40 तक। यमगंड 05:31–07:12 और गुलिक 08:54–10:36।
14 मई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 19:04 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
14 मई 2026 को कोई व्रत या पर्व है?
गुरु प्रदोष: त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।