पंचांग · नई दिल्ली
14 जुलाई 2026 का पंचांग, मंगलवार
14 जुलाई 2026, मंगलवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:32 और सूर्यास्त 19:21 पर है। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है (15:13 तक) और पुनर्वसु नक्षत्र (15 जुलाई, 00:09 तक)। राहु काल 15:54 से 17:37 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्दशी, आज अमावस्या।
- पिछले दिन सूर्योदय पर मृगशिरा, आज पुनर्वसु।
- अगले दिन (15 जुलाई 2026) सूर्योदय पर शुक्ल प्रतिपदा।
इस दिन के व्रत और पर्व
- आषाढ़ अमावस्या — सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
मंगलवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
अमावस्या
15:13 तक
शुक्ल प्रतिपदा
15:13 से 15 जुलाई, 11:51 तक
नक्षत्र
पुनर्वसुस्वामी गुरु
15 जुलाई, 00:09 तक
पुष्यस्वामी शनि
15 जुलाई, 00:09 से 15 जुलाई, 21:46 तक
योग
व्याघात
11:57 तक
हर्षण
11:57 से 15 जुलाई, 08:04 तक
करण
नाग
15:13 तक
किंस्तुघ्न
15:13 से 15 जुलाई, 01:30 तक
बव
15 जुलाई, 01:30 से 15 जुलाई, 11:51 तक
चंद्र राशि
- मिथुन18:49 तक
- कर्क16 जुलाई, 19:52 तक
सूर्य राशि: मिथुन
टालने योग्य समय
- राहु काल15:54 – 17:37
- यमगंड08:59 – 10:43
- गुलिक काल12:26 – 14:10
- दुर्मुहूर्त 108:18 – 09:13
- दुर्मुहूर्त 223:25 – 00:06
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:54
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ / आषाढ़
- संवत
- विक्रम 2083 · शक 1948
- ऋतु · अयन
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 49 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′49″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- रोगत्याज्य05:32 – 07:16
- उद्वेगत्याज्य07:16 – 08:59
- चरसामान्य08:59 – 10:43
- लाभअनुकूल10:43 – 12:26
- अमृतअनुकूल12:26 – 14:10
- कालत्याज्य14:10 – 15:54
- शुभअनुकूल15:54 – 17:37
- रोगत्याज्य17:37 – 19:21
रात का चौघड़िया
- कालत्याज्य19:21 – 20:37
- लाभअनुकूल20:37 – 21:54
- उद्वेगत्याज्य21:54 – 23:10
- शुभअनुकूल23:10 – 00:27
- अमृतअनुकूल00:27 – 01:43
- चरसामान्य01:43 – 03:00
- रोगत्याज्य03:00 – 04:16
- कालत्याज्य04:16 – 05:33
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- मंगल05:32
- सूर्य06:41
- शुक्र07:50
- बुध08:59
- चंद्र10:08
- शनि11:17
- गुरु12:26
- मंगल13:35
- सूर्य14:44
- शुक्र15:54
- बुध17:03
- चंद्र18:12
रात की होरा
- शनि19:21
- गुरु20:12
- मंगल21:03
- सूर्य21:54
- शुक्र22:45
- बुध23:36
- चंद्र00:27
- शनि01:18
- गुरु02:09
- मंगल03:00
- सूर्य03:51
- शुक्र04:42
14 जुलाई 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
14 जुलाई 2026: प्रश्न
14 जुलाई 2026 को कौन सी तिथि है?
14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 15:13 तक; फिर शुक्ल प्रतिपदा। माह ज्येष्ठ (अमांत) / आषाढ़ (पूर्णिमांत)।
14 जुलाई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय पुनर्वसु नक्षत्र, 15 जुलाई, 00:09 तक; फिर पुष्य।
14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
15:54 से 17:37 तक। यमगंड 08:59–10:43 और गुलिक 12:26–14:10।
14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:32 और सूर्यास्त 19:21 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
14 जुलाई 2026 को कोई व्रत या पर्व है?
आषाढ़ अमावस्या: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।