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पंचांग · नई दिल्ली

11 अगस्त 2026 का पंचांग, मंगलवार

11 अगस्त 2026, मंगलवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 19:04 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्दशी तिथि है (12 अगस्त, 01:53 तक) और पुनर्वसु नक्षत्र (10:09 तक)। राहु काल 15:45 से 17:24 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:52 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण द्वादशी, आज कृष्ण चतुर्दशी।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर आर्द्रा, आज पुनर्वसु।
  • अगले दिन (12 अगस्त 2026) सूर्योदय पर अमावस्या।
सूर्योदय05:48
सूर्यास्त19:04
चंद्रोदय03:51
चंद्रास्त18:12

इस दिन के व्रत और पर्व

  • सावन सोमवार — श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो।
  • श्रावण मासिक शिवरात्रि — कृष्ण चतुर्दशी जो निशीथ काल (अर्धरात्रि मुहूर्त) में हो; दोनों दिन हो तो पहला दिन।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

मंगलवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण चतुर्दशी

    12 अगस्त, 01:53 तक

  • अमावस्या

    12 अगस्त, 01:53 से 12 अगस्त, 23:06 तक

नक्षत्र

  • पुनर्वसुस्वामी गुरु

    10:09 तक

  • पुष्यस्वामी शनि

    10:09 से 12 अगस्त, 07:59 तक

योग

  • सिद्धि

    18:51 तक

  • व्यतीपात

    18:51 से 12 अगस्त, 15:26 तक

करण

  • विष्टि (भद्रा)

    15:22 तक

  • शकुनि

    15:22 से 12 अगस्त, 01:53 तक

  • चतुष्पद

    12 अगस्त, 01:53 से 12 अगस्त, 12:27 तक

चंद्र राशि

  • कर्क13 अगस्त, 06:06 तक

सूर्य राशि: कर्क

टालने योग्य समय

  • राहु काल15:45 – 17:24
  • यमगंड09:07 – 10:46
  • गुलिक काल12:26 – 14:05
  • दुर्मुहूर्त 108:27 – 09:20
  • दुर्मुहूर्त 223:22 – 00:05

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:52
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
आषाढ़ / श्रावण
संवत
विक्रम 2083 · शक 1948
ऋतु · अयन
ग्रीष्म · दक्षिणायन
दिनमान
13 घं 16 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′54″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य05:48 – 07:27
  • उद्वेगत्याज्य07:27 – 09:07
  • चरसामान्य09:07 – 10:46
  • लाभअनुकूल10:46 – 12:26
  • अमृतअनुकूल12:26 – 14:05
  • कालत्याज्य14:05 – 15:45
  • शुभअनुकूल15:45 – 17:24
  • रोगत्याज्य17:24 – 19:04

रात का चौघड़िया

  • कालत्याज्य19:04 – 20:24
  • लाभअनुकूल20:24 – 21:45
  • उद्वेगत्याज्य21:45 – 23:05
  • शुभअनुकूल23:05 – 00:26
  • अमृतअनुकूल00:26 – 01:47
  • चरसामान्य01:47 – 03:07
  • रोगत्याज्य03:07 – 04:28
  • कालत्याज्य04:28 – 05:48

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • मंगल05:48
  • सूर्य06:54
  • शुक्र08:00
  • बुध09:07
  • चंद्र10:13
  • शनि11:19
  • गुरु12:26
  • मंगल13:32
  • सूर्य14:38
  • शुक्र15:45
  • बुध16:51
  • चंद्र17:57

रात की होरा

  • शनि19:04
  • गुरु19:58
  • मंगल20:51
  • सूर्य21:45
  • शुक्र22:39
  • बुध23:32
  • चंद्र00:26
  • शनि01:20
  • गुरु02:13
  • मंगल03:07
  • सूर्य04:01
  • शुक्र04:54

11 अगस्त 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

11 अगस्त 2026: प्रश्न

11 अगस्त 2026 को कौन सी तिथि है?

11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्दशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 12 अगस्त, 01:53 तक; फिर अमावस्या। माह आषाढ़ (अमांत) / श्रावण (पूर्णिमांत)।

11 अगस्त 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय पुनर्वसु नक्षत्र, 10:09 तक; फिर पुष्य।

11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

15:45 से 17:24 तक। यमगंड 09:07–10:46 और गुलिक 12:26–14:05।

11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 19:04 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

11 अगस्त 2026 को कोई व्रत या पर्व है?

सावन सोमवार: श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो। श्रावण मासिक शिवरात्रि: कृष्ण चतुर्दशी जो निशीथ काल (अर्धरात्रि मुहूर्त) में हो; दोनों दिन हो तो पहला दिन।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।