पंचांग · नई दिल्ली
8 दिसंबर 2026 का पंचांग, मंगलवार
8 दिसंबर 2026, मंगलवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:01 और सूर्यास्त 17:24 पर है। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है (9 दिसंबर, 06:21 तक) और अनुराधा नक्षत्र (18:16 तक)। राहु काल 14:48 से 16:06 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:33 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्दशी, आज अमावस्या।
- पिछले दिन सूर्योदय पर विशाखा, आज अनुराधा।
- अगले दिन (9 दिसंबर 2026) सूर्योदय पर शुक्ल प्रतिपदा।
इस दिन के व्रत और पर्व
- मार्गशीर्ष अमावस्या — सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
मंगलवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
अमावस्या
9 दिसंबर, 06:21 तक
शुक्ल प्रतिपदा
9 दिसंबर, 06:21 से 10 दिसंबर, 08:46 तक
नक्षत्र
अनुराधास्वामी शनि
18:16 तक
ज्येष्ठास्वामी बुध
18:16 से 9 दिसंबर, 21:00 तक
योग
सुकर्मा
08:06 तक
धृति
08:06 से 9 दिसंबर, 08:39 तक
करण
चतुष्पद
17:15 तक
नाग
17:15 से 9 दिसंबर, 06:21 तक
किंस्तुघ्न
9 दिसंबर, 06:21 से 9 दिसंबर, 19:32 तक
चंद्र राशि
- वृश्चिक9 दिसंबर, 21:00 तक
सूर्य राशि: वृश्चिक
टालने योग्य समय
- राहु काल14:48 – 16:06
- यमगंड09:37 – 10:54
- गुलिक काल12:12 – 13:30
- दुर्मुहूर्त 109:05 – 09:47
- दुर्मुहूर्त 222:51 – 23:45
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:52 – 12:33
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- कार्तिक / मार्गशीर्ष
- संवत
- विक्रम 2083 · शक 1948
- ऋतु · अयन
- शरद · दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घं 23 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′09″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- रोगत्याज्य07:01 – 08:19
- उद्वेगत्याज्य08:19 – 09:37
- चरसामान्य09:37 – 10:54
- लाभअनुकूल10:54 – 12:12
- अमृतअनुकूल12:12 – 13:30
- कालत्याज्य13:30 – 14:48
- शुभअनुकूल14:48 – 16:06
- रोगत्याज्य16:06 – 17:24
रात का चौघड़िया
- कालत्याज्य17:24 – 19:06
- लाभअनुकूल19:06 – 20:48
- उद्वेगत्याज्य20:48 – 22:31
- शुभअनुकूल22:31 – 00:13
- अमृतअनुकूल00:13 – 01:55
- चरसामान्य01:55 – 03:37
- रोगत्याज्य03:37 – 05:19
- कालत्याज्य05:19 – 07:02
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- मंगल07:01
- सूर्य07:53
- शुक्र08:45
- बुध09:37
- चंद्र10:29
- शनि11:20
- गुरु12:12
- मंगल13:04
- सूर्य13:56
- शुक्र14:48
- बुध15:40
- चंद्र16:32
रात की होरा
- शनि17:24
- गुरु18:32
- मंगल19:40
- सूर्य20:48
- शुक्र21:56
- बुध23:05
- चंद्र00:13
- शनि01:21
- गुरु02:29
- मंगल03:37
- सूर्य04:45
- शुक्र05:53
8 दिसंबर 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
8 दिसंबर 2026: प्रश्न
8 दिसंबर 2026 को कौन सी तिथि है?
8 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 9 दिसंबर, 06:21 तक; फिर शुक्ल प्रतिपदा। माह कार्तिक (अमांत) / मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)।
8 दिसंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय अनुराधा नक्षत्र, 18:16 तक; फिर ज्येष्ठा।
8 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
14:48 से 16:06 तक। यमगंड 09:37–10:54 और गुलिक 12:12–13:30।
8 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:01 और सूर्यास्त 17:24 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
8 दिसंबर 2026 को कोई व्रत या पर्व है?
मार्गशीर्ष अमावस्या: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।