पंचांग · नई दिल्ली
7 अप्रैल 2027 का पंचांग, बुधवार
7 अप्रैल 2027, बुधवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 18:42 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा तिथि है (8 अप्रैल, 04:29 तक) और रेवती नक्षत्र (18:25 तक)। राहु काल 12:23 से 13:58 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:48 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर अमावस्या, आज शुक्ल प्रतिपदा।
- पिछले दिन सूर्योदय पर उत्तरा भाद्रपद, आज रेवती।
- अगले दिन (8 अप्रैल 2027) सूर्योदय पर शुक्ल द्वितीया।
इस दिन के व्रत और पर्व
- चैत्र नवरात्रि — शुक्ल प्रतिपदा जो दिन के पहले तिहाई भाग (घटस्थापना काल) को छुए, उस दिन आरंभ; राम नवमी पर पूर्ण।
- उगादि — सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — नव वर्ष का आरंभ; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो।
- गुड़ी पड़वा — सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (जो प्रतिपदा किसी सूर्योदय को न छुए, वह जिस दिन आरंभ हो): शक संवत का पहला दिन।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
बुधवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
8 अप्रैल, 04:29 तक
शुक्ल द्वितीया
8 अप्रैल, 04:29 से 9 अप्रैल, 03:10 तक
नक्षत्र
रेवतीस्वामी बुध
18:25 तक
अश्विनीस्वामी केतु
18:25 से 8 अप्रैल, 17:59 तक
योग
इन्द्र
07:26 तक
वैधृति
07:26 से 8 अप्रैल, 05:36 तक
विष्कुम्भ
8 अप्रैल, 05:36 से 9 अप्रैल, 03:25 तक
करण
किंस्तुघ्न
16:58 तक
बव
16:58 से 8 अप्रैल, 04:29 तक
बालव
8 अप्रैल, 04:29 से 8 अप्रैल, 15:52 तक
चंद्र राशि
- मीन18:25 तक
- मेष9 अप्रैल, 22:56 तक
सूर्य राशि: मीन
टालने योग्य समय
- राहु काल12:23 – 13:58
- यमगंड07:39 – 09:14
- गुलिक काल10:48 – 12:23
- दुर्मुहूर्त11:58 – 12:48
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्तबुधवार को परंपरा में इसका उपयोग नहीं होता।11:58 – 12:48
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- चैत्र / चैत्र
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 12 घं 37 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′27″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- लाभअनुकूल06:04 – 07:39
- अमृतअनुकूल07:39 – 09:14
- कालत्याज्य09:14 – 10:48
- शुभअनुकूल10:48 – 12:23
- रोगत्याज्य12:23 – 13:58
- उद्वेगत्याज्य13:58 – 15:32
- चरसामान्य15:32 – 17:07
- लाभअनुकूल17:07 – 18:42
रात का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य18:42 – 20:07
- शुभअनुकूल20:07 – 21:32
- अमृतअनुकूल21:32 – 22:57
- चरसामान्य22:57 – 00:23
- रोगत्याज्य00:23 – 01:48
- कालत्याज्य01:48 – 03:13
- लाभअनुकूल03:13 – 04:38
- उद्वेगत्याज्य04:38 – 06:03
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- बुध06:04
- चंद्र07:08
- शनि08:11
- गुरु09:14
- मंगल10:17
- सूर्य11:20
- शुक्र12:23
- बुध13:26
- चंद्र14:29
- शनि15:32
- गुरु16:36
- मंगल17:39
रात की होरा
- सूर्य18:42
- शुक्र19:39
- बुध20:35
- चंद्र21:32
- शनि22:29
- गुरु23:26
- मंगल00:23
- सूर्य01:19
- शुक्र02:16
- बुध03:13
- चंद्र04:10
- शनि05:07
7 अप्रैल 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
7 अप्रैल 2027: प्रश्न
7 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
7 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल प्रतिपदा तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 8 अप्रैल, 04:29 तक; फिर शुक्ल द्वितीया। माह चैत्र (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत)।
7 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय रेवती नक्षत्र, 18:25 तक; फिर अश्विनी।
7 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
12:23 से 13:58 तक। यमगंड 07:39–09:14 और गुलिक 10:48–12:23।
7 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 18:42 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
7 अप्रैल 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
चैत्र नवरात्रि: शुक्ल प्रतिपदा जो दिन के पहले तिहाई भाग (घटस्थापना काल) को छुए, उस दिन आरंभ; राम नवमी पर पूर्ण। उगादि: सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — नव वर्ष का आरंभ; किसी सूर्योदय को न छुए तो जिस दिन आरंभ हो। गुड़ी पड़वा: सूर्योदय के समय चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (जो प्रतिपदा किसी सूर्योदय को न छुए, वह जिस दिन आरंभ हो): शक संवत का पहला दिन।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।