पंचांग · नई दिल्ली
24 अप्रैल 2027 का पंचांग, शनिवार
24 अप्रैल 2027, शनिवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:47 और सूर्यास्त 18:51 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि है (25 अप्रैल, 05:42 तक) और अनुराधा नक्षत्र (06:57 तक)। राहु काल 09:03 से 10:41 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:45 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण तृतीया, आज कृष्ण चतुर्थी।
- अनुराधा पिछले दिन के सूर्योदय पर भी था — यह नक्षत्र दो सूर्योदयों को छूता है।
- अगले दिन (25 अप्रैल 2027) सूर्योदय पर कृष्ण पंचमी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- विकट संकष्टी — कृष्ण चतुर्थी जो चंद्रोदय के समय हो; चंद्र दर्शन पर व्रत पूर्ण। दोनों दिन हो तो पहला दिन।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
शनिवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
25 अप्रैल, 05:42 तक
कृष्ण पंचमी
25 अप्रैल, 05:42 से 26 अप्रैल, 07:37 तक
नक्षत्र
अनुराधास्वामी शनि
06:57 तक
ज्येष्ठास्वामी बुध
06:57 से 25 अप्रैल, 08:57 तक
योग
वरीयान
13:58 तक
परिघ
13:58 से 25 अप्रैल, 14:11 तक
करण
बव
16:57 तक
बालव
16:57 से 25 अप्रैल, 05:42 तक
कौलव
25 अप्रैल, 05:42 से 25 अप्रैल, 18:35 तक
चंद्र राशि
- वृश्चिक25 अप्रैल, 08:57 तक
सूर्य राशि: मेष
टालने योग्य समय
- राहु काल09:03 – 10:41
- यमगंड13:57 – 15:35
- गुलिक काल05:47 – 07:25
- दुर्मुहूर्त 105:47 – 06:39
- दुर्मुहूर्त 206:39 – 07:31
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:53 – 12:45
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- चैत्र / वैशाख
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 5 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′29″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- कालत्याज्य05:47 – 07:25
- शुभअनुकूल07:25 – 09:03
- रोगत्याज्य09:03 – 10:41
- उद्वेगत्याज्य10:41 – 12:19
- चरसामान्य12:19 – 13:57
- लाभअनुकूल13:57 – 15:35
- अमृतअनुकूल15:35 – 17:13
- कालत्याज्य17:13 – 18:51
रात का चौघड़िया
- लाभअनुकूल18:51 – 20:13
- उद्वेगत्याज्य20:13 – 21:35
- शुभअनुकूल21:35 – 22:57
- अमृतअनुकूल22:57 – 00:19
- चरसामान्य00:19 – 01:40
- रोगत्याज्य01:40 – 03:02
- कालत्याज्य03:02 – 04:24
- लाभअनुकूल04:24 – 05:46
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- शनि05:47
- गुरु06:52
- मंगल07:57
- सूर्य09:03
- शुक्र10:08
- बुध11:14
- चंद्र12:19
- शनि13:24
- गुरु14:30
- मंगल15:35
- सूर्य16:41
- शुक्र17:46
रात की होरा
- बुध18:51
- चंद्र19:46
- शनि20:41
- गुरु21:35
- मंगल22:30
- सूर्य23:24
- शुक्र00:19
- बुध01:13
- चंद्र02:08
- शनि03:02
- गुरु03:57
- मंगल04:51
24 अप्रैल 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
24 अप्रैल 2027: प्रश्न
24 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
24 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 25 अप्रैल, 05:42 तक; फिर कृष्ण पंचमी। माह चैत्र (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत)।
24 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय अनुराधा नक्षत्र, 06:57 तक; फिर ज्येष्ठा।
24 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
09:03 से 10:41 तक। यमगंड 13:57–15:35 और गुलिक 05:47–07:25।
24 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:47 और सूर्यास्त 18:51 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
24 अप्रैल 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
विकट संकष्टी: कृष्ण चतुर्थी जो चंद्रोदय के समय हो; चंद्र दर्शन पर व्रत पूर्ण। दोनों दिन हो तो पहला दिन।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।