पंचांग · नई दिल्ली
2 जून 2027 का पंचांग, बुधवार
2 जून 2027, बुधवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:23 और सूर्यास्त 19:14 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (08:29 तक) और अश्विनी नक्षत्र (12:16 तक)। राहु काल 12:19 से 14:03 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर रेवती, आज अश्विनी।
- अगले दिन (3 जून 2027) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- बुध प्रदोष — त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
बुधवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण द्वादशी
08:29 तक
कृष्ण त्रयोदशी
08:29 से 3 जून, 06:34 तक
नक्षत्र
अश्विनीस्वामी केतु
12:16 तक
भरणीस्वामी शुक्र
12:16 से 3 जून, 11:02 तक
योग
शोभन
21:59 तक
अतिगण्ड
21:59 से 3 जून, 19:05 तक
करण
तैतिल
08:29 तक
गर
08:29 से 19:37 तक
वणिज
19:37 से 3 जून, 06:34 तक
चंद्र राशि
- मेष3 जून, 16:37 तक
सूर्य राशि: वृषभ
टालने योग्य समय
- राहु काल12:19 – 14:03
- यमगंड07:07 – 08:51
- गुलिक काल10:35 – 12:19
- दुर्मुहूर्त11:51 – 12:46
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्तबुधवार को परंपरा में इसका उपयोग नहीं होता।11:51 – 12:46
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- वैशाख / ज्येष्ठ
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 51 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′35″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- लाभअनुकूल05:23 – 07:07
- अमृतअनुकूल07:07 – 08:51
- कालत्याज्य08:51 – 10:35
- शुभअनुकूल10:35 – 12:19
- रोगत्याज्य12:19 – 14:03
- उद्वेगत्याज्य14:03 – 15:46
- चरसामान्य15:46 – 17:30
- लाभअनुकूल17:30 – 19:14
रात का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य19:14 – 20:30
- शुभअनुकूल20:30 – 21:46
- अमृतअनुकूल21:46 – 23:03
- चरसामान्य23:03 – 00:19
- रोगत्याज्य00:19 – 01:35
- कालत्याज्य01:35 – 02:51
- लाभअनुकूल02:51 – 04:07
- उद्वेगत्याज्य04:07 – 05:23
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- बुध05:23
- चंद्र06:32
- शनि07:42
- गुरु08:51
- मंगल10:00
- सूर्य11:09
- शुक्र12:19
- बुध13:28
- चंद्र14:37
- शनि15:46
- गुरु16:56
- मंगल18:05
रात की होरा
- सूर्य19:14
- शुक्र20:05
- बुध20:56
- चंद्र21:46
- शनि22:37
- गुरु23:28
- मंगल00:19
- सूर्य01:09
- शुक्र02:00
- बुध02:51
- चंद्र03:41
- शनि04:32
2 जून 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
2 जून 2027: प्रश्न
2 जून 2027 को कौन सी तिथि है?
2 जून 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 08:29 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह वैशाख (अमांत) / ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)।
2 जून 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय अश्विनी नक्षत्र, 12:16 तक; फिर भरणी।
2 जून 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
12:19 से 14:03 तक। यमगंड 07:07–08:51 और गुलिक 10:35–12:19।
2 जून 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:23 और सूर्यास्त 19:14 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
2 जून 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
बुध प्रदोष: त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।