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पंचांग · नई दिल्ली

15 जुलाई 2027 का पंचांग, गुरुवार

15 जुलाई 2027, गुरुवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:33 और सूर्यास्त 19:20 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी तिथि है (14:40 तक) और ज्येष्ठा नक्षत्र (16 जुलाई, 05:39 तक)। राहु काल 14:10 से 15:53 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:54 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल एकादशी, आज शुक्ल द्वादशी।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर अनुराधा, आज ज्येष्ठा।
  • अगले दिन (16 जुलाई 2027) सूर्योदय पर शुक्ल त्रयोदशी।
सूर्योदय05:33
सूर्यास्त19:20
चंद्रोदय16:59
चंद्रास्त02:19

इस दिन के व्रत और पर्व

  • गुरु प्रदोष — त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

गुरुवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • शुक्ल द्वादशी

    14:40 तक

  • शुक्ल त्रयोदशी

    14:40 से 16 जुलाई, 16:35 तक

नक्षत्र

  • ज्येष्ठास्वामी बुध

    16 जुलाई, 05:39 तक

योग

  • शुक्ल

    13:03 तक

  • ब्रह्म

    13:03 से 16 जुलाई, 13:35 तक

करण

  • बालव

    14:40 तक

  • कौलव

    14:40 से 16 जुलाई, 03:35 तक

  • तैतिल

    16 जुलाई, 03:35 से 16 जुलाई, 16:35 तक

चंद्र राशि

  • वृश्चिक16 जुलाई, 05:39 तक

सूर्य राशि: मिथुन

टालने योग्य समय

  • राहु काल14:10 – 15:53
  • यमगंड05:33 – 07:16
  • गुलिक काल09:00 – 10:43
  • दुर्मुहूर्त 110:09 – 11:04
  • दुर्मुहूर्त 215:40 – 16:35

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:54
पक्ष
शुक्ल
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
आषाढ़ / आषाढ़
संवत
विक्रम 2084 · शक 1949
ऋतु · अयन
ग्रीष्म · उत्तरायण
दिनमान
13 घं 48 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′44″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • शुभअनुकूल05:33 – 07:16
  • रोगत्याज्य07:16 – 09:00
  • उद्वेगत्याज्य09:00 – 10:43
  • चरसामान्य10:43 – 12:26
  • लाभअनुकूल12:26 – 14:10
  • अमृतअनुकूल14:10 – 15:53
  • कालत्याज्य15:53 – 17:37
  • शुभअनुकूल17:37 – 19:20

रात का चौघड़िया

  • अमृतअनुकूल19:20 – 20:37
  • चरसामान्य20:37 – 21:54
  • रोगत्याज्य21:54 – 23:10
  • कालत्याज्य23:10 – 00:27
  • लाभअनुकूल00:27 – 01:43
  • उद्वेगत्याज्य01:43 – 03:00
  • शुभअनुकूल03:00 – 04:16
  • अमृतअनुकूल04:16 – 05:33

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • गुरु05:33
  • मंगल06:42
  • सूर्य07:51
  • शुक्र09:00
  • बुध10:09
  • चंद्र11:18
  • शनि12:26
  • गुरु13:35
  • मंगल14:44
  • सूर्य15:53
  • शुक्र17:02
  • बुध18:11

रात की होरा

  • चंद्र19:20
  • शनि20:12
  • गुरु21:03
  • मंगल21:54
  • सूर्य22:45
  • शुक्र23:36
  • बुध00:27
  • चंद्र01:18
  • शनि02:09
  • गुरु03:00
  • मंगल03:51
  • सूर्य04:42

15 जुलाई 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

15 जुलाई 2027: प्रश्न

15 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

15 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 14:40 तक; फिर शुक्ल त्रयोदशी। माह आषाढ़ (अमांत) / आषाढ़ (पूर्णिमांत)।

15 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय ज्येष्ठा नक्षत्र, 16 जुलाई, 05:39 तक।

15 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

14:10 से 15:53 तक। यमगंड 05:33–07:16 और गुलिक 09:00–10:43।

15 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 05:33 और सूर्यास्त 19:20 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

15 जुलाई 2027 को कोई व्रत या पर्व है?

गुरु प्रदोष: त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।