पंचांग · नई दिल्ली
26 जुलाई 2027 का पंचांग, सोमवार
26 जुलाई 2027, सोमवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 19:16 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण सप्तमी तिथि है (10:25 तक) और अश्विनी नक्षत्र (27 जुलाई, 05:53 तक)। राहु काल 07:21 से 09:03 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण षष्ठी, आज कृष्ण सप्तमी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर रेवती, आज अश्विनी।
- अगले दिन (27 जुलाई 2027) सूर्योदय पर कृष्ण अष्टमी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- सावन सोमवार — श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
सोमवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण सप्तमी
10:25 तक
कृष्ण अष्टमी
10:25 से 27 जुलाई, 10:13 तक
नक्षत्र
अश्विनीस्वामी केतु
27 जुलाई, 05:53 तक
योग
धृति
19:16 तक
शूल
19:16 से 27 जुलाई, 17:53 तक
करण
बव
10:25 तक
बालव
10:25 से 22:24 तक
कौलव
22:24 से 27 जुलाई, 10:13 तक
चंद्र राशि
- मेष28 जुलाई, 11:39 तक
सूर्य राशि: कर्क
टालने योग्य समय
- राहु काल07:21 – 09:03
- यमगंड10:45 – 12:27
- गुलिक काल14:09 – 15:51
- दुर्मुहूर्त 112:54 – 13:49
- दुर्मुहूर्त 215:38 – 16:32
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:54
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- आषाढ़ / श्रावण
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- ग्रीष्म · दक्षिणायन
- दिनमान
- 13 घं 37 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′45″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल05:38 – 07:21
- कालत्याज्य07:21 – 09:03
- शुभअनुकूल09:03 – 10:45
- रोगत्याज्य10:45 – 12:27
- उद्वेगत्याज्य12:27 – 14:09
- चरसामान्य14:09 – 15:51
- लाभअनुकूल15:51 – 17:33
- अमृतअनुकूल17:33 – 19:16
रात का चौघड़िया
- चरसामान्य19:16 – 20:34
- रोगत्याज्य20:34 – 21:51
- कालत्याज्य21:51 – 23:09
- लाभअनुकूल23:09 – 00:27
- उद्वेगत्याज्य00:27 – 01:45
- शुभअनुकूल01:45 – 03:03
- अमृतअनुकूल03:03 – 04:21
- चरसामान्य04:21 – 05:39
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- चंद्र05:38
- शनि06:47
- गुरु07:55
- मंगल09:03
- सूर्य10:11
- शुक्र11:19
- बुध12:27
- चंद्र13:35
- शनि14:43
- गुरु15:51
- मंगल16:59
- सूर्य18:08
रात की होरा
- शुक्र19:16
- बुध20:08
- चंद्र21:00
- शनि21:51
- गुरु22:43
- मंगल23:35
- सूर्य00:27
- शुक्र01:19
- बुध02:11
- चंद्र03:03
- शनि03:55
- गुरु04:47
26 जुलाई 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
26 जुलाई 2027: प्रश्न
26 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
26 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण सप्तमी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 10:25 तक; फिर कृष्ण अष्टमी। माह आषाढ़ (अमांत) / श्रावण (पूर्णिमांत)।
26 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय अश्विनी नक्षत्र, 27 जुलाई, 05:53 तक।
26 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
07:21 से 09:03 तक। यमगंड 10:45–12:27 और गुलिक 14:09–15:51।
26 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 19:16 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
26 जुलाई 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
सावन सोमवार: श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।