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पंचांग · नई दिल्ली

27 सितंबर 2027 का पंचांग, सोमवार

27 सितंबर 2027, सोमवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 18:12 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (16:55 तक) और आश्लेषा नक्षत्र (10:33 तक)। राहु काल 07:41 से 09:11 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:36 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर पुष्य, आज आश्लेषा।
  • अगले दिन (28 सितंबर 2027) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
सूर्योदय06:11
सूर्यास्त18:12
चंद्रोदय02:55
चंद्रास्त16:17

इस दिन के व्रत और पर्व

  • पितृ पक्ष — भाद्रपद पूर्णिमा के बाद की कृष्ण प्रतिपदा के श्राद्ध से सर्व पितृ अमावस्या तक (पूर्णिमांत में आश्विन कृष्ण); हर श्राद्ध तिथि अपराह्न व्यापिनी ली जाती है।
  • सोम प्रदोष — त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

सोमवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण द्वादशी

    16:55 तक

  • कृष्ण त्रयोदशी

    16:55 से 28 सितंबर, 13:55 तक

नक्षत्र

  • आश्लेषास्वामी बुध

    10:33 तक

  • मघास्वामी केतु

    10:33 से 28 सितंबर, 08:20 तक

योग

  • सिद्ध

    11:07 तक

  • साध्य

    11:07 से 28 सितंबर, 07:32 तक

करण

  • कौलव

    06:24 तक

  • तैतिल

    06:24 से 16:55 तक

  • गर

    16:55 से 28 सितंबर, 03:25 तक

  • वणिज

    28 सितंबर, 03:25 से 28 सितंबर, 13:55 तक

चंद्र राशि

  • कर्क10:33 तक
  • सिंह29 सितंबर, 11:34 तक

सूर्य राशि: कन्या

टालने योग्य समय

  • राहु काल07:41 – 09:11
  • यमगंड10:41 – 12:12
  • गुलिक काल13:42 – 15:12
  • दुर्मुहूर्त 112:36 – 13:24
  • दुर्मुहूर्त 215:00 – 15:48

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:48 – 12:36
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
भाद्रपद / आश्विन
संवत
विक्रम 2084 · शक 1949
ऋतु · अयन
वर्षा · दक्षिणायन
दिनमान
12 घं 1 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′54″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • अमृतअनुकूल06:11 – 07:41
  • कालत्याज्य07:41 – 09:11
  • शुभअनुकूल09:11 – 10:41
  • रोगत्याज्य10:41 – 12:12
  • उद्वेगत्याज्य12:12 – 13:42
  • चरसामान्य13:42 – 15:12
  • लाभअनुकूल15:12 – 16:42
  • अमृतअनुकूल16:42 – 18:12

रात का चौघड़िया

  • चरसामान्य18:12 – 19:42
  • रोगत्याज्य19:42 – 21:12
  • कालत्याज्य21:12 – 22:42
  • लाभअनुकूल22:42 – 00:12
  • उद्वेगत्याज्य00:12 – 01:42
  • शुभअनुकूल01:42 – 03:12
  • अमृतअनुकूल03:12 – 04:42
  • चरसामान्य04:42 – 06:12

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • चंद्र06:11
  • शनि07:11
  • गुरु08:11
  • मंगल09:11
  • सूर्य10:11
  • शुक्र11:12
  • बुध12:12
  • चंद्र13:12
  • शनि14:12
  • गुरु15:12
  • मंगल16:12
  • सूर्य17:12

रात की होरा

  • शुक्र18:12
  • बुध19:12
  • चंद्र20:12
  • शनि21:12
  • गुरु22:12
  • मंगल23:12
  • सूर्य00:12
  • शुक्र01:12
  • बुध02:12
  • चंद्र03:12
  • शनि04:12
  • गुरु05:12

27 सितंबर 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

27 सितंबर 2027: प्रश्न

27 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

27 सितंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 16:55 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह भाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत)।

27 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय आश्लेषा नक्षत्र, 10:33 तक; फिर मघा।

27 सितंबर 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

07:41 से 09:11 तक। यमगंड 10:41–12:12 और गुलिक 13:42–15:12।

27 सितंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 18:12 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

27 सितंबर 2027 को कोई व्रत या पर्व है?

पितृ पक्ष: भाद्रपद पूर्णिमा के बाद की कृष्ण प्रतिपदा के श्राद्ध से सर्व पितृ अमावस्या तक (पूर्णिमांत में आश्विन कृष्ण); हर श्राद्ध तिथि अपराह्न व्यापिनी ली जाती है। सोम प्रदोष: त्रयोदशी जो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।