पंचांग · नई दिल्ली
9 दिसंबर 2027 का पंचांग, गुरुवार
9 दिसंबर 2027, गुरुवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:01 और सूर्यास्त 17:24 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी तिथि है (10 दिसंबर, 03:20 तक) और रेवती नक्षत्र (17:27 तक)। राहु काल 13:31 से 14:48 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:52 से 12:33 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल दशमी, आज शुक्ल एकादशी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर उत्तरा भाद्रपद, आज रेवती।
- अगले दिन (10 दिसंबर 2027) सूर्योदय पर शुक्ल द्वादशी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- गीता जयंती — स्मार्त एकादशी नियम से मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी — मोक्षदा एकादशी का ही दिन। स्मार्त नियम: सूर्योदय के समय एकादशी वाला दिन, अगली सुबह पारण के लिए द्वादशी रहे।
- मोक्षदा एकादशी — स्मार्त नियम: सूर्योदय के समय एकादशी वाला दिन, अगली सुबह पारण के लिए द्वादशी रहे।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
गुरुवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल एकादशी
10 दिसंबर, 03:20 तक
शुक्ल द्वादशी
10 दिसंबर, 03:20 से 11 दिसंबर, 02:53 तक
नक्षत्र
रेवतीस्वामी बुध
17:27 तक
अश्विनीस्वामी केतु
17:27 से 10 दिसंबर, 17:54 तक
योग
वरीयान
10 दिसंबर, 05:35 तक
परिघ
10 दिसंबर, 05:35 से 11 दिसंबर, 03:59 तक
करण
वणिज
15:15 तक
विष्टि (भद्रा)
15:15 से 10 दिसंबर, 03:20 तक
बव
10 दिसंबर, 03:20 से 10 दिसंबर, 15:12 तक
चंद्र राशि
- मीन17:27 तक
- मेष11 दिसंबर, 23:27 तक
सूर्य राशि: वृश्चिक
टालने योग्य समय
- राहु काल13:31 – 14:48
- यमगंड07:01 – 08:19
- गुलिक काल09:37 – 10:55
- दुर्मुहूर्त 110:29 – 11:10
- दुर्मुहूर्त 214:38 – 15:19
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:52 – 12:33
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष / मार्गशीर्ष
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- हेमंत · दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घं 23 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′04″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- शुभअनुकूल07:01 – 08:19
- रोगत्याज्य08:19 – 09:37
- उद्वेगत्याज्य09:37 – 10:55
- चरसामान्य10:55 – 12:13
- लाभअनुकूल12:13 – 13:31
- अमृतअनुकूल13:31 – 14:48
- कालत्याज्य14:48 – 16:06
- शुभअनुकूल16:06 – 17:24
रात का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल17:24 – 19:06
- चरसामान्य19:06 – 20:49
- रोगत्याज्य20:49 – 22:31
- कालत्याज्य22:31 – 00:13
- लाभअनुकूल00:13 – 01:55
- उद्वेगत्याज्य01:55 – 03:38
- शुभअनुकूल03:38 – 05:20
- अमृतअनुकूल05:20 – 07:02
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- गुरु07:01
- मंगल07:53
- सूर्य08:45
- शुक्र09:37
- बुध10:29
- चंद्र11:21
- शनि12:13
- गुरु13:05
- मंगल13:56
- सूर्य14:48
- शुक्र15:40
- बुध16:32
रात की होरा
- चंद्र17:24
- शनि18:32
- गुरु19:40
- मंगल20:49
- सूर्य21:57
- शुक्र23:05
- बुध00:13
- चंद्र01:21
- शनि02:29
- गुरु03:38
- मंगल04:46
- सूर्य05:54
9 दिसंबर 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
9 दिसंबर 2027: प्रश्न
9 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?
9 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल एकादशी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 10 दिसंबर, 03:20 तक; फिर शुक्ल द्वादशी। माह मार्गशीर्ष (अमांत) / मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)।
9 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय रेवती नक्षत्र, 17:27 तक; फिर अश्विनी।
9 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
13:31 से 14:48 तक। यमगंड 07:01–08:19 और गुलिक 09:37–10:55।
9 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:01 और सूर्यास्त 17:24 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
9 दिसंबर 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
गीता जयंती: स्मार्त एकादशी नियम से मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी — मोक्षदा एकादशी का ही दिन। स्मार्त नियम: सूर्योदय के समय एकादशी वाला दिन, अगली सुबह पारण के लिए द्वादशी रहे। मोक्षदा एकादशी: स्मार्त नियम: सूर्योदय के समय एकादशी वाला दिन, अगली सुबह पारण के लिए द्वादशी रहे।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।