पंचांग · नई दिल्ली
22 दिसंबर 2027 का पंचांग, बुधवार
22 दिसंबर 2027, बुधवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:09 और सूर्यास्त 17:29 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण दशमी तिथि है (23:41 तक) और चित्रा नक्षत्र (23 दिसंबर, 00:09 तक)। राहु काल 12:19 से 13:36 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:58 से 12:40 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण नवमी, आज कृष्ण दशमी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर हस्त, आज चित्रा।
- अगले दिन (23 दिसंबर 2027) सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
बुधवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण दशमी
23:41 तक
कृष्ण एकादशी
23:41 से 23 दिसंबर, 23:12 तक
नक्षत्र
चित्रास्वामी मंगल
23 दिसंबर, 00:09 तक
स्वातिस्वामी राहु
23 दिसंबर, 00:09 से 24 दिसंबर, 00:17 तक
योग
शोभन
13:28 तक
अतिगण्ड
13:28 से 23 दिसंबर, 11:43 तक
करण
वणिज
12:05 तक
विष्टि (भद्रा)
12:05 से 23:41 तक
बव
23:41 से 23 दिसंबर, 11:23 तक
चंद्र राशि
- कन्या12:14 तक
- तुला24 दिसंबर, 18:39 तक
सूर्य राशि: धनु
टालने योग्य समय
- राहु काल12:19 – 13:36
- यमगंड08:27 – 09:44
- गुलिक काल11:02 – 12:19
- दुर्मुहूर्त11:58 – 12:40
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्तबुधवार को परंपरा में इसका उपयोग नहीं होता।11:58 – 12:40
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- मार्गशीर्ष / पौष
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- हेमंत · दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घं 19 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′06″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- लाभअनुकूल07:09 – 08:27
- अमृतअनुकूल08:27 – 09:44
- कालत्याज्य09:44 – 11:02
- शुभअनुकूल11:02 – 12:19
- रोगत्याज्य12:19 – 13:36
- उद्वेगत्याज्य13:36 – 14:54
- चरसामान्य14:54 – 16:11
- लाभअनुकूल16:11 – 17:29
रात का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य17:29 – 19:11
- शुभअनुकूल19:11 – 20:54
- अमृतअनुकूल20:54 – 22:37
- चरसामान्य22:37 – 00:19
- रोगत्याज्य00:19 – 02:02
- कालत्याज्य02:02 – 03:45
- लाभअनुकूल03:45 – 05:27
- उद्वेगत्याज्य05:27 – 07:10
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- बुध07:09
- चंद्र08:01
- शनि08:53
- गुरु09:44
- मंगल10:36
- सूर्य11:27
- शुक्र12:19
- बुध13:11
- चंद्र14:02
- शनि14:54
- गुरु15:45
- मंगल16:37
रात की होरा
- सूर्य17:29
- शुक्र18:37
- बुध19:45
- चंद्र20:54
- शनि22:02
- गुरु23:11
- मंगल00:19
- सूर्य01:28
- शुक्र02:36
- बुध03:45
- चंद्र04:53
- शनि06:01
22 दिसंबर 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
22 दिसंबर 2027: प्रश्न
22 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?
22 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण दशमी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 23:41 तक; फिर कृष्ण एकादशी। माह मार्गशीर्ष (अमांत) / पौष (पूर्णिमांत)।
22 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय चित्रा नक्षत्र, 23 दिसंबर, 00:09 तक; फिर स्वाति।
22 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
12:19 से 13:36 तक। यमगंड 08:27–09:44 और गुलिक 11:02–12:19।
22 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:09 और सूर्यास्त 17:29 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।