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पंचांग · नई दिल्ली

24 दिसंबर 2027 का पंचांग, शुक्रवार

24 दिसंबर 2027, शुक्रवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:10 और सूर्यास्त 17:30 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (23:08 तक) और विशाखा नक्षत्र (25 दिसंबर, 00:50 तक)। राहु काल 11:03 से 12:20 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:59 से 12:41 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर स्वाति, आज विशाखा।
  • अगले दिन (25 दिसंबर 2027) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
सूर्योदय07:10
सूर्यास्त17:30
चंद्रोदय03:51
चंद्रास्त14:29

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शुक्रवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण द्वादशी

    23:08 तक

  • कृष्ण त्रयोदशी

    23:08 से 25 दिसंबर, 23:32 तक

नक्षत्र

  • विशाखास्वामी गुरु

    25 दिसंबर, 00:50 तक

  • अनुराधास्वामी शनि

    25 दिसंबर, 00:50 से 26 दिसंबर, 01:49 तक

योग

  • सुकर्मा

    10:17 तक

  • धृति

    10:17 से 25 दिसंबर, 09:12 तक

करण

  • कौलव

    11:07 तक

  • तैतिल

    11:07 से 23:08 तक

  • गर

    23:08 से 25 दिसंबर, 11:17 तक

चंद्र राशि

  • तुला18:39 तक
  • वृश्चिक27 दिसंबर, 03:14 तक

सूर्य राशि: धनु

टालने योग्य समय

  • राहु काल11:03 – 12:20
  • यमगंड14:55 – 16:12
  • गुलिक काल08:28 – 09:45
  • दुर्मुहूर्त 109:14 – 09:55
  • दुर्मुहूर्त 212:41 – 13:22

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:59 – 12:41
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष / पौष
संवत
विक्रम 2084 · शक 1949
ऋतु · अयन
हेमंत · दक्षिणायन
दिनमान
10 घं 19 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′07″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • चरसामान्य07:10 – 08:28
  • लाभअनुकूल08:28 – 09:45
  • अमृतअनुकूल09:45 – 11:03
  • कालत्याज्य11:03 – 12:20
  • शुभअनुकूल12:20 – 13:37
  • रोगत्याज्य13:37 – 14:55
  • उद्वेगत्याज्य14:55 – 16:12
  • चरसामान्य16:12 – 17:30

रात का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य17:30 – 19:12
  • कालत्याज्य19:12 – 20:55
  • लाभअनुकूल20:55 – 22:38
  • उद्वेगत्याज्य22:38 – 00:20
  • शुभअनुकूल00:20 – 02:03
  • अमृतअनुकूल02:03 – 03:45
  • चरसामान्य03:45 – 05:28
  • रोगत्याज्य05:28 – 07:11

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शुक्र07:10
  • बुध08:02
  • चंद्र08:54
  • शनि09:45
  • गुरु10:37
  • मंगल11:28
  • सूर्य12:20
  • शुक्र13:12
  • बुध14:03
  • चंद्र14:55
  • शनि15:46
  • गुरु16:38

रात की होरा

  • मंगल17:30
  • सूर्य18:38
  • शुक्र19:47
  • बुध20:55
  • चंद्र22:03
  • शनि23:12
  • गुरु00:20
  • मंगल01:29
  • सूर्य02:37
  • शुक्र03:45
  • बुध04:54
  • चंद्र06:02

24 दिसंबर 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

24 दिसंबर 2027: प्रश्न

24 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

24 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 23:08 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह मार्गशीर्ष (अमांत) / पौष (पूर्णिमांत)।

24 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय विशाखा नक्षत्र, 25 दिसंबर, 00:50 तक; फिर अनुराधा।

24 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

11:03 से 12:20 तक। यमगंड 14:55–16:12 और गुलिक 08:28–09:45।

24 दिसंबर 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 07:10 और सूर्यास्त 17:30 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।