पंचांग · नई दिल्ली
13 मार्च 2028 का पंचांग, सोमवार
13 मार्च 2028, सोमवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 18:28 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया तिथि है (20:39 तक) और चित्रा नक्षत्र (22:55 तक)। राहु काल 08:02 से 09:31 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:54 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण द्वितीया, आज कृष्ण तृतीया।
- पिछले दिन सूर्योदय पर हस्त, आज चित्रा।
- अगले दिन (14 मार्च 2028) सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्थी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- भालचंद्र संकष्टी — कृष्ण चतुर्थी जो चंद्रोदय के समय हो; चंद्र दर्शन पर व्रत पूर्ण। दोनों दिन हो तो पहला दिन।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
सोमवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण तृतीया
20:39 तक
कृष्ण चतुर्थी
20:39 से 14 मार्च, 18:23 तक
नक्षत्र
चित्रास्वामी मंगल
22:55 तक
स्वातिस्वामी राहु
22:55 से 14 मार्च, 21:26 तक
योग
वृद्धि
08:24 तक
ध्रुव
08:24 से 14 मार्च, 05:03 तक
व्याघात
14 मार्च, 05:03 से 15 मार्च, 02:15 तक
करण
वणिज
10:03 तक
विष्टि (भद्रा)
10:03 से 20:39 तक
बव
20:39 से 14 मार्च, 07:26 तक
चंद्र राशि
- कन्या11:54 तक
- तुला15 मार्च, 14:50 तक
सूर्य राशि: कुंभ
टालने योग्य समय
- राहु काल08:02 – 09:31
- यमगंड11:01 – 12:30
- गुलिक काल14:00 – 15:29
- दुर्मुहूर्त 112:54 – 13:42
- दुर्मुहूर्त 215:17 – 16:05
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:06 – 12:54
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- फाल्गुन / चैत्र
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- शिशिर · उत्तरायण
- दिनमान
- 11 घं 56 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′19″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल06:32 – 08:02
- कालत्याज्य08:02 – 09:31
- शुभअनुकूल09:31 – 11:01
- रोगत्याज्य11:01 – 12:30
- उद्वेगत्याज्य12:30 – 14:00
- चरसामान्य14:00 – 15:29
- लाभअनुकूल15:29 – 16:59
- अमृतअनुकूल16:59 – 18:28
रात का चौघड़िया
- चरसामान्य18:28 – 19:58
- रोगत्याज्य19:58 – 21:29
- कालत्याज्य21:29 – 22:59
- लाभअनुकूल22:59 – 00:30
- उद्वेगत्याज्य00:30 – 02:00
- शुभअनुकूल02:00 – 03:30
- अमृतअनुकूल03:30 – 05:01
- चरसामान्य05:01 – 06:31
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- चंद्र06:32
- शनि07:32
- गुरु08:32
- मंगल09:31
- सूर्य10:31
- शुक्र11:31
- बुध12:30
- चंद्र13:30
- शनि14:30
- गुरु15:29
- मंगल16:29
- सूर्य17:28
रात की होरा
- शुक्र18:28
- बुध19:28
- चंद्र20:29
- शनि21:29
- गुरु22:29
- मंगल23:29
- सूर्य00:30
- शुक्र01:30
- बुध02:30
- चंद्र03:30
- शनि04:31
- गुरु05:31
13 मार्च 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
13 मार्च 2028: प्रश्न
13 मार्च 2028 को कौन सी तिथि है?
13 मार्च 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 20:39 तक; फिर कृष्ण चतुर्थी। माह फाल्गुन (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत)।
13 मार्च 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय चित्रा नक्षत्र, 22:55 तक; फिर स्वाति।
13 मार्च 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
08:02 से 09:31 तक। यमगंड 11:01–12:30 और गुलिक 14:00–15:29।
13 मार्च 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 18:28 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
13 मार्च 2028 को कोई व्रत या पर्व है?
भालचंद्र संकष्टी: कृष्ण चतुर्थी जो चंद्रोदय के समय हो; चंद्र दर्शन पर व्रत पूर्ण। दोनों दिन हो तो पहला दिन।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।