पंचांग · नई दिल्ली
15 मार्च 2028 का पंचांग, बुधवार
15 मार्च 2028, बुधवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 18:29 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि है (16:52 तक) और विशाखा नक्षत्र (20:45 तक)। राहु काल 12:30 से 14:00 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:06 से 12:54 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्थी, आज कृष्ण पंचमी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर स्वाति, आज विशाखा।
- अगले दिन (16 मार्च 2028) सूर्योदय पर कृष्ण षष्ठी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- रंग पंचमी — सूर्योदय के समय फाल्गुन कृष्ण पंचमी (अमांत; पूर्णिमांत में चैत्र कृष्ण) — होली के पाँच दिन बाद।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
बुधवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण पंचमी
16:52 तक
कृष्ण षष्ठी
16:52 से 16 मार्च, 16:12 तक
नक्षत्र
विशाखास्वामी गुरु
20:45 तक
अनुराधास्वामी शनि
20:45 से 16 मार्च, 20:54 तक
योग
हर्षण
16 मार्च, 00:06 तक
वज्र
16 मार्च, 00:06 से 16 मार्च, 22:39 तक
करण
तैतिल
16:52 तक
गर
16:52 से 16 मार्च, 04:25 तक
वणिज
16 मार्च, 04:25 से 16 मार्च, 16:12 तक
चंद्र राशि
- तुला14:50 तक
- वृश्चिक17 मार्च, 21:55 तक
सूर्य राशि: मीन
टालने योग्य समय
- राहु काल12:30 – 14:00
- यमगंड08:00 – 09:30
- गुलिक काल11:00 – 12:30
- दुर्मुहूर्त12:06 – 12:54
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्तबुधवार को परंपरा में इसका उपयोग नहीं होता।12:06 – 12:54
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- फाल्गुन / चैत्र
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- शिशिर · उत्तरायण
- दिनमान
- 11 घं 59 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′19″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- लाभअनुकूल06:30 – 08:00
- अमृतअनुकूल08:00 – 09:30
- कालत्याज्य09:30 – 11:00
- शुभअनुकूल11:00 – 12:30
- रोगत्याज्य12:30 – 14:00
- उद्वेगत्याज्य14:00 – 15:29
- चरसामान्य15:29 – 16:59
- लाभअनुकूल16:59 – 18:29
रात का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य18:29 – 19:59
- शुभअनुकूल19:59 – 21:29
- अमृतअनुकूल21:29 – 22:59
- चरसामान्य22:59 – 00:29
- रोगत्याज्य00:29 – 01:59
- कालत्याज्य01:59 – 03:29
- लाभअनुकूल03:29 – 04:59
- उद्वेगत्याज्य04:59 – 06:29
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- बुध06:30
- चंद्र07:30
- शनि08:30
- गुरु09:30
- मंगल10:30
- सूर्य11:30
- शुक्र12:30
- बुध13:30
- चंद्र14:30
- शनि15:29
- गुरु16:29
- मंगल17:29
रात की होरा
- सूर्य18:29
- शुक्र19:29
- बुध20:29
- चंद्र21:29
- शनि22:29
- गुरु23:29
- मंगल00:29
- सूर्य01:29
- शुक्र02:29
- बुध03:29
- चंद्र04:29
- शनि05:29
15 मार्च 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
15 मार्च 2028: प्रश्न
15 मार्च 2028 को कौन सी तिथि है?
15 मार्च 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 16:52 तक; फिर कृष्ण षष्ठी। माह फाल्गुन (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत)।
15 मार्च 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय विशाखा नक्षत्र, 20:45 तक; फिर अनुराधा।
15 मार्च 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
12:30 से 14:00 तक। यमगंड 08:00–09:30 और गुलिक 11:00–12:30।
15 मार्च 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 18:29 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
15 मार्च 2028 को कोई व्रत या पर्व है?
रंग पंचमी: सूर्योदय के समय फाल्गुन कृष्ण पंचमी (अमांत; पूर्णिमांत में चैत्र कृष्ण) — होली के पाँच दिन बाद।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।