पंचांग · नई दिल्ली
7 मई 2028 का पंचांग, रविवार
7 मई 2028, रविवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:35 और सूर्यास्त 19:00 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल त्रयोदशी तिथि है (06:06 तक) और चित्रा नक्षत्र (19:17 तक)। राहु काल 17:19 से 19:00 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:51 से 12:44 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल द्वादशी, आज शुक्ल त्रयोदशी। शुक्ल चतुर्दशी 06:06 से 8 मई, 03:33 तक रहती है और किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)।
- पिछले दिन सूर्योदय पर हस्त, आज चित्रा।
- अगले दिन (8 मई 2028) सूर्योदय पर पूर्णिमा।
इस दिन के व्रत और पर्व
- नृसिंह जयंती — वैशाख शुक्ल चतुर्दशी जो सायाह्न (संध्या) में हो — नृसिंह के प्राकट्य का समय; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक व्याप्त।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
रविवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
06:06 तक
शुक्ल चतुर्दशी
06:06 से 8 मई, 03:33 तक
पूर्णिमा
8 मई, 03:33 से 9 मई, 01:19 तक
नक्षत्र
चित्रास्वामी मंगल
19:17 तक
स्वातिस्वामी राहु
19:17 से 8 मई, 17:42 तक
योग
सिद्धि
8 मई, 00:37 तक
व्यतीपात
8 मई, 00:37 से 8 मई, 21:40 तक
करण
तैतिल
06:06 तक
गर
06:06 से 16:47 तक
वणिज
16:47 से 8 मई, 03:33 तक
विष्टि (भद्रा)
8 मई, 03:33 से 8 मई, 14:23 तक
चंद्र राशि
- कन्या08:12 तक
- तुला9 मई, 10:46 तक
सूर्य राशि: मेष
टालने योग्य समय
- राहु काल17:19 – 19:00
- यमगंड12:17 – 13:58
- गुलिक काल15:39 – 17:19
- दुर्मुहूर्त17:12 – 18:06
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:51 – 12:44
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- वैशाख / वैशाख
- संवत
- विक्रम 2085 · शक 1950
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 25 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′25″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य05:35 – 07:16
- चरसामान्य07:16 – 08:56
- लाभअनुकूल08:56 – 10:37
- अमृतअनुकूल10:37 – 12:17
- कालत्याज्य12:17 – 13:58
- शुभअनुकूल13:58 – 15:39
- रोगत्याज्य15:39 – 17:19
- उद्वेगत्याज्य17:19 – 19:00
रात का चौघड़िया
- शुभअनुकूल19:00 – 20:19
- अमृतअनुकूल20:19 – 21:38
- चरसामान्य21:38 – 22:58
- रोगत्याज्य22:58 – 00:17
- कालत्याज्य00:17 – 01:36
- लाभअनुकूल01:36 – 02:56
- उद्वेगत्याज्य02:56 – 04:15
- शुभअनुकूल04:15 – 05:34
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- सूर्य05:35
- शुक्र06:42
- बुध07:49
- चंद्र08:56
- शनि10:03
- गुरु11:10
- मंगल12:17
- सूर्य13:24
- शुक्र14:31
- बुध15:39
- चंद्र16:46
- शनि17:53
रात की होरा
- गुरु19:00
- मंगल19:53
- सूर्य20:45
- शुक्र21:38
- बुध22:31
- चंद्र23:24
- शनि00:17
- गुरु01:10
- मंगल02:03
- सूर्य02:56
- शुक्र03:49
- बुध04:41
7 मई 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
7 मई 2028: प्रश्न
7 मई 2028 को कौन सी तिथि है?
7 मई 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल त्रयोदशी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 06:06 तक; फिर शुक्ल चतुर्दशी। माह वैशाख (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत)।
7 मई 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय चित्रा नक्षत्र, 19:17 तक; फिर स्वाति।
7 मई 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
17:19 से 19:00 तक। यमगंड 12:17–13:58 और गुलिक 15:39–17:19।
7 मई 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:35 और सूर्यास्त 19:00 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
7 मई 2028 को कोई व्रत या पर्व है?
नृसिंह जयंती: वैशाख शुक्ल चतुर्दशी जो सायाह्न (संध्या) में हो — नृसिंह के प्राकट्य का समय; दोनों दिन हो तो जिस दिन अधिक व्याप्त।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।