पंचांग · नई दिल्ली
23 जुलाई 2028 का पंचांग, रविवार
23 जुलाई 2028, रविवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:37 और सूर्यास्त 19:17 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल द्वितीया तिथि है (24 जुलाई, 02:10 तक) और आश्लेषा नक्षत्र (24 जुलाई, 00:10 तक)। राहु काल 17:34 से 19:17 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:00 से 12:54 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर अमावस्या, आज शुक्ल द्वितीया।
- पिछले दिन सूर्योदय पर पुष्य, आज आश्लेषा।
- अगले दिन (24 जुलाई 2028) सूर्योदय पर शुक्ल तृतीया।
इस दिन के व्रत और पर्व
- सावन सोमवार — श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
रविवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल द्वितीया
24 जुलाई, 02:10 तक
शुक्ल तृतीया
24 जुलाई, 02:10 से 24 जुलाई, 22:53 तक
नक्षत्र
आश्लेषास्वामी बुध
24 जुलाई, 00:10 तक
मघास्वामी केतु
24 जुलाई, 00:10 से 24 जुलाई, 21:41 तक
योग
सिद्धि
18:21 तक
व्यतीपात
18:21 से 24 जुलाई, 14:34 तक
करण
बालव
15:49 तक
कौलव
15:49 से 24 जुलाई, 02:10 तक
तैतिल
24 जुलाई, 02:10 से 24 जुलाई, 12:31 तक
चंद्र राशि
- कर्क24 जुलाई, 00:10 तक
- सिंह26 जुलाई, 00:46 तक
सूर्य राशि: कर्क
टालने योग्य समय
- राहु काल17:34 – 19:17
- यमगंड12:27 – 14:09
- गुलिक काल15:52 – 17:34
- दुर्मुहूर्त17:28 – 18:22
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:00 – 12:54
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- श्रावण / श्रावण
- संवत
- विक्रम 2085 · शक 1950
- ऋतु · अयन
- वर्षा · दक्षिणायन
- दिनमान
- 13 घं 40 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′39″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य05:37 – 07:20
- चरसामान्य07:20 – 09:02
- लाभअनुकूल09:02 – 10:45
- अमृतअनुकूल10:45 – 12:27
- कालत्याज्य12:27 – 14:09
- शुभअनुकूल14:09 – 15:52
- रोगत्याज्य15:52 – 17:34
- उद्वेगत्याज्य17:34 – 19:17
रात का चौघड़िया
- शुभअनुकूल19:17 – 20:34
- अमृतअनुकूल20:34 – 21:52
- चरसामान्य21:52 – 23:10
- रोगत्याज्य23:10 – 00:27
- कालत्याज्य00:27 – 01:45
- लाभअनुकूल01:45 – 03:03
- उद्वेगत्याज्य03:03 – 04:20
- शुभअनुकूल04:20 – 05:38
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- सूर्य05:37
- शुक्र06:46
- बुध07:54
- चंद्र09:02
- शनि10:10
- गुरु11:19
- मंगल12:27
- सूर्य13:35
- शुक्र14:44
- बुध15:52
- चंद्र17:00
- शनि18:09
रात की होरा
- गुरु19:17
- मंगल20:09
- सूर्य21:00
- शुक्र21:52
- बुध22:44
- चंद्र23:36
- शनि00:27
- गुरु01:19
- मंगल02:11
- सूर्य03:03
- शुक्र03:54
- बुध04:46
23 जुलाई 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
23 जुलाई 2028: प्रश्न
23 जुलाई 2028 को कौन सी तिथि है?
23 जुलाई 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल द्वितीया तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 24 जुलाई, 02:10 तक; फिर शुक्ल तृतीया। माह श्रावण (अमांत) / श्रावण (पूर्णिमांत)।
23 जुलाई 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय आश्लेषा नक्षत्र, 24 जुलाई, 00:10 तक; फिर मघा।
23 जुलाई 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
17:34 से 19:17 तक। यमगंड 12:27–14:09 और गुलिक 15:52–17:34।
23 जुलाई 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:37 और सूर्यास्त 19:17 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
23 जुलाई 2028 को कोई व्रत या पर्व है?
सावन सोमवार: श्रावण के सोमवार। उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन से श्रावण पूर्णिमा तक; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण (अमांत) में आषाढ़ अमावस्या के अगले दिन से श्रावण अमावस्या तक। हर सीमा वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।