राशिफल 2026 · Aquarius · वायु तत्त्व
कुंभ राशिफल 2026
चंद्र राशि कुंभ (स्वामी शनि) के लिए 2026 के गोचर — हर तिथि, और आपकी चंद्र राशि से वह कौन सा भाव है, महीने-दर-महीने। गणना हमारे इंजन की: लाहिड़ी अयनांश, सत्य राहु, भारतीय समय।
2026 की मुख्य तिथियाँ — कुंभ
भाव आपकी चंद्र राशि से गिने गए हैं · भारतीय समय
- 17 फ़रवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण, कुंभ में (1वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 3 मार्च: पूर्ण चंद्र ग्रहण, सिंह में (7वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 11 मार्च: गुरु मिथुन में मार्गी (5वाँ भाव)
- 2 जून: गुरु कर्क में (6वाँ भाव)
- 27 जुलाई: शनि मीन में वक्री (2वाँ भाव)
- 12 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण, कर्क में (6वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 28 अगस्त: आंशिक चंद्र ग्रहण, कुंभ में (1वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 31 अक्टूबर: गुरु सिंह में (7वाँ भाव)
- 25 नवंबर: राहु मकर में (12वाँ भाव)
- 25 नवंबर: केतु कर्क में (6वाँ भाव)
- 11 दिसंबर: शनि मीन में मार्गी (2वाँ भाव)
- 13 दिसंबर: गुरु सिंह में वक्री (7वाँ भाव)
वर्ष के बड़े गोचर
गुरु
- मिथुन · 5वाँ भाव · 2 जून तकसहायकगुरु चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।
- कर्क · 6वाँ भाव · 2 जून – 31 अक्टूबरसावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
- सिंह · 7वाँ भाव · 31 अक्टूबर सेसहायकगुरु चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।
शनि
- मीन · 2वाँ भाव · पूरे वर्षसावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
राहु
- कुंभ · 1वाँ भाव · 25 नवंबर तकसावधानी का समयराहु चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: बड़े कदम से पहले तथ्य परखें; जल्दी धन के प्रस्तावों से बचें।
- मकर · 12वाँ भाव · 25 नवंबर सेसावधानी का समयराहु चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: बड़े कदम से पहले तथ्य परखें; जल्दी धन के प्रस्तावों से बचें।
केतु
- सिंह · 7वाँ भाव · 25 नवंबर तकसावधानी का समयकेतु चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: व्यावहारिक कामों से जुड़े रहें।
- कर्क · 6वाँ भाव · 25 नवंबर सेसहायककेतु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह केतु की सहायक स्थिति है — वैराग्य और आत्मचिंतन यहाँ काम आते हैं।
2026 में साढ़े साती और ढैय्या
- मीन · 2वाँ भाव · पूरे वर्ष: साढ़े साती — अंतिम चरण
शनि के ये चरण परंपरा में धैर्य, अनुशासन और नियमित प्रयास के समय माने जाते हैं — डर के नहीं। शनि के वक्री होकर पीछे लौटने पर चरण भी उसी तिथि से बदलता है।
2026 का सार
समग्र
साल की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्यारहवें भाव में हैं — मित्र-मंडली, सहयोग और लक्ष्यों से लाभ के संकेत। गुरु पाँचवें भाव में वक्री होकर सीख, रचनात्मकता और बच्चों/शिक्षा-संबंधी सोच की समीक्षा कराता है; आगे चलकर छठे भाव में दिनचर्या और आत्म-देखभाल पर ज़ोर देगा, फिर सातवें भाव में आकर साझेदारी, संवाद और भरोसे को मज़बूत करेगा। शनि दूसरे भाव में धैर्यपूर्ण बजट, शब्दों में सादगी और स्थिर सुरक्षा-भावना सिखाता है। राहु पहले भाव में रहते हुए पहल बढ़ाता है, फिर बारहवें भाव में आकर विश्राम और पीछे-के-काम पूरे करने का संकेत देगा। समग्र रूप से उन्नति, पर संतुलित लय की आवश्यकता वाला वर्ष।
प्रेम और परिवार
गुरु के सातवें भाव में आने से समझ-बूझ, साझा निर्णय और छोटे उत्सव रिश्तों को गरमाहट देंगे। वर्ष के आरम्भ में केतु सातवें भाव में है, तो अपेक्षाएँ हल्की रखें और मन की बात को सरल शब्दों में कहें। बाद में केतु छठे भाव में जाएगा — तब छोटी-छोटी नाराज़गियों को बातचीत से हल करें। अपनेपन के लिए निरंतर दयालुता और समय की साझेदारी सबसे कारगर रहेगी।
कार्य
ग्यारहवें भाव में ग्रहों का सहयोगी जमाव शुरुआती महीनों में लक्ष्य-सिद्धि, समूह-कार्य और सिफ़ारिशों से अवसर दिला सकता है। शनि दूसरे भाव में है, इसलिए धैर्यपूर्ण संवाद और तथ्यपूर्ण प्रस्तुति महत्त्वपूर्ण रहेगी। गुरु पाँचवें भाव में सीख और कौशल-सुधार पर प्रकाश डालता है; फिर छठे भाव में आकर प्रक्रियाएँ, चेकलिस्ट और समय-सीमा सुदृढ़ करने में मदद करेगा। सातवें भाव का चरण क्लाइंट-सम्बंध और साझेदारियों को विश्वसनीयता से आगे बढ़ाएगा।
धन
शनि दूसरे भाव में पूरे साल संयमित बजट, बचत-अनुशासन और सोच-समझकर ख़र्च करने का पाठ पढ़ाता है। राहु पहले भाव में रहते हुए नई छवि बनवाता है — वित्तीय फैसलों में आवेग से पहले दोबारा जाँच लें; आगे वह बारहवें भाव में जाएगा, तब आराम-यात्रा या पृष्ठभूमि-खर्चों पर सजग रहें। गुरु छठे भाव का समय बिल, देनदारी और रोज़मर्रा के खर्चों को व्यवस्थित रखने में सहायक होगा; सातवें भाव में पारदर्शी शर्तें फायदेमंद रहेंगी।
स्वास्थ्य और दिनचर्या
जैसे ही गुरु छठे भाव में आएगा, दिनचर्या, नींद, पानी और हल्की कसरत से बड़ी राहत मिलेगी। शनि दूसरे भाव में है — भोजन-आदतों की सादगी, समय पर खाना और वाणी में मृदुता मानसिक हल्कापन देती है। राहु वर्ष के बाद के हिस्से में बारहवें भाव में आएगा, तब विश्राम, ध्यान और स्क्रीन-ब्रेक पर थोड़ा ज़्यादा समय दें। छोटी निरंतर प्रथाएँ बड़े फ़र्क लाएँगी।
शुभ रंग और अंक
रंग: हल्का गुलाबी · अंक: 6 · सहायक ग्रह: शुक्र
यह इस साइट की अपनी परिपाटी है, कोई शास्त्रीय नियम नहीं: राशि और चंद्र की स्थिति से एक ग्रह चुना जाता है, और उसी का अंक व पारंपरिक रंग दिया जाता है।
यह सार 2026 के इन्हीं गोचर तथ्यों से लिखा गया है (ग्रह कोड से गिने जाते हैं, शब्द AI ने लिखे हैं)।
महीने-दर-महीने
जनवरी 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 12वें भाव में — ध्यान व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग पर।
16 जनवरी — मंगल चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रतिक्रिया से पहले रुकें और जल्दबाज़ी से बचें।
- 13 जनवरी: शुक्र मकर में (12वाँ भाव)
- 14 जनवरी: सूर्य मकर में (12वाँ भाव)
- 16 जनवरी: मंगल मकर में (12वाँ भाव)
- 17 जनवरी: बुध मकर में (12वाँ भाव)
फ़रवरी 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 1वें भाव में — ध्यान स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा पर।
17 फ़रवरी का ग्रहण आपके 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 3 फ़रवरी: बुध कुंभ में (1वाँ भाव)
- 6 फ़रवरी: शुक्र कुंभ में (1वाँ भाव)
- 13 फ़रवरी: सूर्य कुंभ में (1वाँ भाव)
- 17 फ़रवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण, कुंभ में (1वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 23 फ़रवरी: मंगल कुंभ में (1वाँ भाव)
- 26 फ़रवरी: बुध कुंभ में वक्री (1वाँ भाव)
मार्च 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 2वें भाव में — ध्यान परिवार, वाणी और संचित धन पर।
3 मार्च का ग्रहण आपके 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 2 मार्च: शुक्र मीन में (2वाँ भाव)
- 3 मार्च: पूर्ण चंद्र ग्रहण, सिंह में (7वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 11 मार्च: गुरु मिथुन में मार्गी (5वाँ भाव)
- 15 मार्च: सूर्य मीन में (2वाँ भाव)
- 21 मार्च: बुध कुंभ में मार्गी (1वाँ भाव)
- 26 मार्च: शुक्र मेष में (3वाँ भाव)
अप्रैल 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 3वें भाव में — ध्यान साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ पर।
2 अप्रैल — मंगल चंद्र राशि से 2वें भाव (परिवार, वाणी और संचित धन) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रतिक्रिया से पहले रुकें और जल्दबाज़ी से बचें।
- 2 अप्रैल: मंगल मीन में (2वाँ भाव)
- 11 अप्रैल: बुध मीन में (2वाँ भाव)
- 14 अप्रैल: सूर्य मेष में (3वाँ भाव)
- 19 अप्रैल: शुक्र वृषभ में (4वाँ भाव)
- 30 अप्रैल: बुध मेष में (3वाँ भाव)
मई 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 4वें भाव में — ध्यान घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति पर।
11 मई — मंगल चंद्र राशि से 3वें भाव (साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह मंगल की सहायक स्थिति है — उत्साह, साहस और ऊर्जा यहाँ काम आते हैं।
- 11 मई: मंगल मेष में (3वाँ भाव)
- 14 मई: शुक्र मिथुन में (5वाँ भाव)
- 15 मई: बुध वृषभ में (4वाँ भाव)
- 15 मई: सूर्य वृषभ में (4वाँ भाव)
- 29 मई: बुध मिथुन में (5वाँ भाव)
जून 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 5वें भाव में — ध्यान संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक पर।
2 जून — गुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
- 2 जून: गुरु कर्क में (6वाँ भाव)
- 8 जून: शुक्र कर्क में (6वाँ भाव)
- 15 जून: सूर्य मिथुन में (5वाँ भाव)
- 20 जून: मंगल वृषभ में (4वाँ भाव)
- 22 जून: बुध कर्क में (6वाँ भाव)
- 29 जून: बुध कर्क में वक्री (6वाँ भाव)
जुलाई 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 5वें भाव में — ध्यान संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक पर।
27 जुलाई से शनि वक्री (2वें भाव) — परिवार, वाणी और संचित धन से जुड़े कामों को दोहराने और सुधारने का समय माना जाता है, नई शुरुआत का नहीं।
- 4 जुलाई: शुक्र सिंह में (7वाँ भाव)
- 7 जुलाई: बुध मिथुन में (वक्री) (5वाँ भाव)
- 16 जुलाई: सूर्य कर्क में (6वाँ भाव)
- 24 जुलाई: बुध मिथुन में मार्गी (5वाँ भाव)
- 27 जुलाई: शनि मीन में वक्री (2वाँ भाव)
अगस्त 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 6वें भाव में — ध्यान दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें पर।
12 अगस्त का ग्रहण आपके 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 1 अगस्त: शुक्र कन्या में (8वाँ भाव)
- 2 अगस्त: मंगल मिथुन में (5वाँ भाव)
- 5 अगस्त: बुध कर्क में (6वाँ भाव)
- 12 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण, कर्क में (6वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 17 अगस्त: सूर्य सिंह में (7वाँ भाव)
- 22 अगस्त: बुध सिंह में (7वाँ भाव)
- 28 अगस्त: आंशिक चंद्र ग्रहण, कुंभ में (1वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
सितंबर 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 7वें भाव में — ध्यान साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार पर।
18 सितंबर — मंगल चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह मंगल की सहायक स्थिति है — उत्साह, साहस और ऊर्जा यहाँ काम आते हैं।
- 2 सितंबर: शुक्र तुला में (9वाँ भाव)
- 7 सितंबर: बुध कन्या में (8वाँ भाव)
- 17 सितंबर: सूर्य कन्या में (8वाँ भाव)
- 18 सितंबर: मंगल कर्क में (6वाँ भाव)
- 26 सितंबर: बुध तुला में (9वाँ भाव)
अक्टूबर 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 8वें भाव में — ध्यान परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन पर।
31 अक्टूबर — गुरु चंद्र राशि से 7वें भाव (साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।
- 3 अक्टूबर: शुक्र तुला में वक्री (9वाँ भाव)
- 17 अक्टूबर: सूर्य तुला में (9वाँ भाव)
- 24 अक्टूबर: बुध तुला में वक्री (9वाँ भाव)
- 31 अक्टूबर: गुरु सिंह में (7वाँ भाव)
नवंबर 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 9वें भाव में — ध्यान भाग्य, आस्था, गुरुजन और लंबी यात्राएँ पर।
25 नवंबर — राहु चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: बड़े कदम से पहले तथ्य परखें; जल्दी धन के प्रस्तावों से बचें।
- 6 नवंबर: शुक्र कन्या में (वक्री) (8वाँ भाव)
- 12 नवंबर: मंगल सिंह में (7वाँ भाव)
- 13 नवंबर: बुध तुला में मार्गी (9वाँ भाव)
- 14 नवंबर: शुक्र कन्या में मार्गी (8वाँ भाव)
- 16 नवंबर: सूर्य वृश्चिक में (10वाँ भाव)
- 22 नवंबर: शुक्र तुला में (9वाँ भाव)
- 25 नवंबर: राहु मकर में (12वाँ भाव)
- 25 नवंबर: केतु कर्क में (6वाँ भाव)
दिसंबर 2026
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 10वें भाव में — ध्यान करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा पर।
11 दिसंबर को शनि मार्गी (2वें भाव) — परिवार, वाणी और संचित धन से जुड़े रुके काम फिर गति पकड़ते हैं।
- 2 दिसंबर: बुध वृश्चिक में (10वाँ भाव)
- 11 दिसंबर: शनि मीन में मार्गी (2वाँ भाव)
- 13 दिसंबर: गुरु सिंह में वक्री (7वाँ भाव)
- 16 दिसंबर: सूर्य धनु में (11वाँ भाव)
- 22 दिसंबर: बुध धनु में (11वाँ भाव)
राशिफल चंद्र राशि से, और सभी के लिए एक-सा होता है — यह आपकी व्यक्तिगत कुंडली नहीं है। शास्त्रीय गोचर तालिकाएँ चंद्र राशि से भाव देखती हैं; वेध, अष्टकवर्ग और आपकी दशा इन्हें बदलते हैं। तिथियाँ और राशियाँ हमारे इंजन से हैं; कोई AI इन्हें नहीं गिनता।
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