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वक्री ग्रह · 2030

वक्री ग्रह 2030

2030 में हर ग्रह कब वक्री हुआ या होगा और कब मार्गी — स्थिति के अंश, छाया काल और अस्त काल सहित। राहु-केतु सदा उल्टी चाल चलते हैं, इसलिए वे इस सूची में नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रह वक्री क्यों होते हैं?

पृथ्वी और ग्रह दोनों सूर्य की परिक्रमा अलग-अलग गति से करते हैं। जब पृथ्वी किसी ग्रह के पास से आगे निकलती है (या बुध-शुक्र पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरते हैं), तो आकाश में वह ग्रह कुछ समय पीछे चलता दिखता है।

छाया काल क्या है?

वक्री होने से पहले ग्रह उन अंशों पर पहली बार पहुँचता है जिन पर वह वक्री होकर लौटेगा — वहीं से पूर्व-छाया आरंभ होती है। मार्गी होने के बाद जब वह वक्री-आरंभ के अंश को फिर पार करता है, तब उत्तर-छाया समाप्त होती है।

क्या वक्री काल अशुभ है?

नहीं। परंपरा वक्री ग्रह को बलवान मानती है और इस समय को पुनर्विचार, पुराने काम पूरे करने और जाँच-परख के लिए अच्छा मानती है। फल आपकी कुंडली पर निर्भर है।