सपने में इंद्रधनुष देखना लोक-परंपरा में ज़्यादातर शुभ माना जाता है — बारिश के बाद निकले सतरंगे धनुष की तरह इसे मुश्किल के बाद अच्छे समय, घर की रौनक और किसी ख़ुशख़बरी से जोड़ा जाता है। यह परंपरा की बात है, भविष्यवाणी नहीं; सपने के रंग आपकी क़िस्मत नहीं रंगते।
परंपरा में इंद्रधनुष
नाम ही कहानी बताता है: इंद्र का धनुष। इंद्र वर्षा और बादलों के देवता हैं, इसलिए बरसात के बाद आसमान में टँगा यह धनुष उनका माना गया। पुराने ज्योतिषी आकाश के चिह्नों को ध्यान से देखते थे; वराहमिहिर की बृहत्संहिता में भी इंद्रधनुष की चर्चा आकाश के संकेतों के साथ मिलती है, जहाँ दिशा और समय के हिसाब से उसे अलग-अलग पढ़ा गया है। स्कूल में हर बच्चा इसके सात रंग "बैं-नी-आ-ह-पी-ना-ला" रटकर याद करता है।
लोक-मान्यता में इंद्रधनुष बारिश के थमने और धूप के लौटने का चिह्न है, इसलिए स्वप्न-फल सूचियाँ इसे राहत और उम्मीद से जोड़ती हैं। इसके हर रूप का अलग फल बाद की लोक-परंपरा ने जोड़ा है, और सूचियाँ पूरी तरह एक जैसी नहीं हैं।
इंद्रधनुष कैसा दिखा
| सपने में क्या दिखा | लोक-परंपरा में माना गया अर्थ |
|---|---|
| बारिश के बाद साफ़ इंद्रधनुष | मुश्किल के बाद अच्छा समय |
| दोहरा इंद्रधनुष | दोहरी ख़ुशी, दो कामों का बनना |
| घर के ऊपर इंद्रधनुष | परिवार में रौनक, कोई शुभ काम |
| इंद्रधनुष के नीचे खड़े होना | किसी इच्छा का पूरा होना |
| धुँधला या अधूरा इंद्रधनुष | उम्मीद है, पर थोड़ा धीरज चाहिए |
| रात में इंद्रधनुष | अनोखी बात; सूचियाँ इसे अचानक ख़बर से जोड़ती हैं |
मनोविज्ञान क्या कहता है
इंद्रधनुष हमेशा बारिश और धूप दोनों के बाद बनता है, इसलिए मन इसे "तूफ़ान के बाद की राहत" की तरह इस्तेमाल करता है। किसी बीमारी से उबरना, झगड़े के बाद सुलह, लंबे इंतज़ार के बाद कोई जवाब — ऐसे समय यह सपना आना स्वाभाविक है।
यह सपना कम आता है, क्योंकि सपने ज़्यादातर रोज़ दिखने वाली चीज़ों से बनते हैं। इसलिए जब आता है तो याद भी रह जाता है। कुछ लोगों के लिए यह बचपन की किसी याद का लौटना भी होता है।
एक हल्की सी बात
इस सपने से कुछ पढ़ना हो तो बस इतना पढ़ें: हाल का कौन सा मुश्किल दौर अब थमने लगा है? उसके लिए ख़ुद को थोड़ा श्रेय दें। इस सपने के बाद कुछ और करने की ज़रूरत नहीं।
आगे पढ़ें
सपने में बारिश, सपने में सूरज और सपने में उड़ना पढ़ें, या सपनों के अर्थ की पूरी सूची देखें।