अमावस्या · 2027
आषाढ़ अमावस्या 2027 — रविवार, 4 जुलाई 2027
आषाढ़ अमावस्या रविवार, 4 जुलाई 2027 को है (नई दिल्ली)। दर्श अमावस्या (श्राद्ध) 3 जुलाई को।
नई दिल्ली के लिए गणना
रविवार, 4 जुलाई 2027
- तिथि
- अमावस्या: 3 जुलाई, 12:06 – 4 जुलाई, 08:32
- चांद्र मास
- आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत)
- सूर्योदय / सूर्यास्त
- 05:27 / 19:22
- दर्श अमावस्या: 3 जुलाई 2027
नियम: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
अमावस्या की तारीख सूर्योदय की तिथि से है; दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन है जिस दिन अमावस्या मध्याह्न को छुए।
सभी समय हमारे अपने इंजन से, नई दिल्ली के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय पर। दूसरे शहर में समय कुछ मिनट खिसकते हैं, और कभी-कभी दिन भी। अपने शहर का पंचांग
यह दिन
आषाढ़ अमावस्या मानसून की शुरुआत में आती है। यह देवशयनी एकादशी और चातुर्मास से पहले की अंतिम अमावस्या है, और तर्पण व दान के शांत दिन के रूप में रखी जाती है।
अमावस्या कैसे रखें
- जो लोग व्रत रखते हैं, वे प्रायः दर्श अमावस्या पर सादा व्रत रखते हैं: एक समय सात्विक भोजन, या फल और दूध।
- पितरों को काले तिल और कुश के साथ जल अर्पित करना — तर्पण — देर सुबह या दोपहर के आसपास किया जाता है; परिवार का कोई भी सदस्य इसे श्रद्धा से कर सकता है।
- नदी या तीर्थ में स्नान की गहरी परंपरा है, खासकर मौनी और सोमवती अमावस्या पर; घर पर पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करने का भी वही भाव है।
- गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों को भोजन देना, और ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान अमावस्या के आम रिवाज हैं।
- शाम को पीपल के नीचे या घर के पूजा स्थान पर दीपक जलाने की परंपरा बहुत जगह है।
- सम्मान के भाव से बहुत से लोग इस दिन शाकाहार रखते हैं और मदिरा से दूर रहते हैं।
- बुज़ुर्ग, गर्भवती, मधुमेह के रोगी या अस्वस्थ लोगों को उपवास की ज़रूरत नहीं — इस दिन का मूल स्मरण और दान है। संदेह हो तो डॉक्टर से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आषाढ़ अमावस्या 2027 कब है?
आषाढ़ अमावस्या रविवार, 4 जुलाई 2027 को है (नई दिल्ली)। अमावस्या तिथि 3 जुलाई, 12:06 – 4 जुलाई, 08:32 तक रहती है।
दर्श अमावस्या किस दिन है?
शनिवार, 3 जुलाई 2027 को, क्योंकि उस दिन मध्याह्न में तिथि रहती है।