करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है और नई दिल्ली में चांद रात 8:12 बजे निकलेगा। व्रत सूर्योदय (दिल्ली में सुबह 6:30) से चांद देखने तक चलता है, इसलिए असली सवाल आपके अपने शहर का चंद्रोदय है, जो दिल्ली से एक घंटे से ज़्यादा पहले या बाद में भी हो सकता है।
नीचे 28 शहरों का चंद्रोदय समय है, साथ में यह भी कि पूर्व में चांद पहले क्यों दिखता है और दिल्ली का समय कहीं 8:12 तो कहीं 8:41 क्यों लिखा मिलता है।
करवा चौथ 2026 एक नज़र में
| बात | नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026 |
|---|---|
| दिन | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 |
| तिथि | कार्तिक कृष्ण चतुर्थी (अमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण) |
| चतुर्थी | 29 अक्टूबर रात 1:07 से 29 अक्टूबर रात 10:10 तक |
| सूर्योदय (व्रत आरंभ) | सुबह 6:30 |
| सूर्यास्त | शाम 5:38 |
| चंद्रोदय | रात 8:12 |
उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा पर पूरा होता है (पूर्णिमांत), इसलिए यहाँ यह कार्तिक कृष्ण चतुर्थी है। दक्षिण और पश्चिम के जो पंचांग अमावस्या पर महीना पूरा करते हैं (अमांत), वे इसे आश्विन कृष्ण चतुर्थी लिखते हैं। नाम अलग है, रात एक ही है।
चतुर्थी का नियम: 29 अक्टूबर ही क्यों
करवा चौथ उस कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है जो चंद्रोदय के समय मौजूद हो, क्योंकि व्रत चांद को अर्घ्य देकर ही खुलता है। 2026 में चतुर्थी 29 अक्टूबर की रात 1:07 बजे लगती है और उसी दिन रात 10:10 बजे तक रहती है। हमारी सूची के हर शहर में चांद रात 10:10 से पहले निकल रहा है, सबसे देर से तिरुवनंतपुरम में रात 9:04 बजे। इसलिए इस बार पूरे देश में व्रत एक ही दिन है, दो दिन वाली कोई उलझन नहीं।
हर महीने की संकष्टी चतुर्थी भी इसी नियम से चंद्रोदय पर खुलती है। साल भर की संकष्टी और उनके चंद्रोदय का समय हमारे संकष्टी व्रत पेज पर है।
करवा चौथ 2026 पर चांद निकलने का समय, शहरवार
29 अक्टूबर 2026, भारतीय समय। हर शहर के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना की गई है। सूर्यास्त भी दिया है ताकि आप देख सकें कि शाम को कितना इंतज़ार है।
| शहर | सूर्यास्त | चंद्रोदय |
|---|---|---|
| गुवाहाटी | 4:43 | 7:18 |
| भागलपुर | 5:03 | 7:41 |
| कोलकाता | 5:01 | 7:42 |
| मुज़फ़्फ़रपुर | 5:08 | 7:45 |
| पटना | 5:10 | 7:47 |
| गया | 5:11 | 7:50 |
| गोरखपुर | 5:16 | 7:51 |
| रांची | 5:12 | 7:53 |
| वाराणसी | 5:19 | 7:57 |
| लखनऊ | 5:25 | 8:01 |
| प्रयागराज | 5:23 | 8:01 |
| देहरादून | 5:33 | 8:03 |
| श्रीनगर | 5:41 | 8:04 |
| कानपुर | 5:28 | 8:05 |
| चंडीगढ़ | 5:37 | 8:07 |
| दिल्ली (शहर) | 5:38 | 8:11 |
| नई दिल्ली | 5:38 | 8:12 |
| आगरा | 5:37 | 8:12 |
| अमृतसर | 5:44 | 8:12 |
| जयपुर | 5:46 | 8:23 |
| भोपाल | 5:44 | 8:26 |
| इंदौर | 5:50 | 8:34 |
| हैदराबाद | 5:46 | 8:36 |
| चेन्नई | 5:43 | 8:39 |
| अहमदाबाद | 6:03 | 8:47 |
| बेंगलुरु | 5:54 | 8:51 |
| पुणे | 6:03 | 8:53 |
| मुंबई | 6:06 | 8:56 |
| तिरुवनंतपुरम | 6:01 | 9:04 |
(सूर्यास्त शाम का, चंद्रोदय रात का समय है।) आपका शहर यहाँ नहीं है तो करवा चौथ पेज पर कोई भी जगह चुनें, या हमारे चंद्रोदय टूल से किसी भी रात का समय देखें। सीधे शहर के पेज: दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना, मुंबई।
पूर्व में चांद पहले, पश्चिम और दक्षिण में बाद में क्यों
पूरा भारत एक ही घड़ी, भारतीय मानक समय पर चलता है, पर आसमान एक घड़ी पर नहीं चलता। धरती पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए जो जगह जितनी पूर्व में है, वहाँ चांद उतना पहले क्षितिज पर आता है। गुवाहाटी में 7:18, दिल्ली में 8:12 और अहमदाबाद में 8:47। तालिका में फ़र्क की सबसे बड़ी वजह यही है, ठीक वैसे ही जैसे कोलकाता में सूरज मुंबई से पहले उगता है।
अक्षांश का भी असर है। लखनऊ और चेन्नई लगभग एक ही देशांतर पर हैं, फिर भी लखनऊ में चांद 8:01 पर और चेन्नई में 8:39 पर निकल रहा है। इस रात चांद आकाश के उत्तरी हिस्से में है, और ऐसे में जितना उत्तर की ओर जाएँ, चांद उतना पहले उगता है। साल की दूसरी रातों में, जब चांद दक्षिणी आकाश में हो, दक्षिण के शहर आगे भी निकल सकते हैं। इसीलिए पिछले साल का दो शहरों का अंतर इस साल पर लागू नहीं किया जा सकता।
दोनों असर मिलकर देश के दक्षिण-पश्चिमी कोने को सबसे लंबा इंतज़ार कराते हैं: मुंबई में रात 8:56 और तिरुवनंतपुरम में 9:04, यानी गुवाहाटी से 1 घंटा 46 मिनट बाद।
दिल्ली का समय कहीं 8:12 तो कहीं 8:41 क्यों
करवा चौथ पर दिल्ली के चंद्रोदय का समय खोजें तो लगभग आधे घंटे का फ़र्क दिखता है। ज़रूरी नहीं कि कोई गलत हो। हर समय किसी अलग तरीके से निकला है:
- दिल्ली का कौन सा बिंदु। हमारे नई दिल्ली बिंदु पर 8:12 और थोड़ा उत्तर वाले दिल्ली शहर-केंद्र बिंदु पर 8:11 आता है। एनसीआर के भीतर यह फ़र्क एक-दो मिनट का ही है, पर किसी पास के शहर या मोटे तौर पर "उत्तर भारत" के लिए बनी तालिका ज़्यादा खिसक सकती है।
- चांद का ऊपरी किनारा या बीच का हिस्सा। हम वह क्षण लेते हैं जब चांद का ऊपरी किनारा क्षितिज छूता है, जो उदय की मानक परिभाषा है। चांद के बीच के हिस्से को गिनें तो समय थोड़ा आगे चला जाता है।
- वायुमंडल का अपवर्तन। हवा चांद की रोशनी को मोड़ देती है, इसलिए चांद ज्यामितीय रूप से उगने से थोड़ा पहले दिखने लगता है। हम सामान्य अपवर्तन जोड़ते हैं; इसे छोड़ने वाली गणना बाद का समय देती है।
- चंद्र लंबन। चांद धरती के बहुत पास है, इसलिए धरती की सतह से वह धरती के केंद्र से दिखने वाली जगह से थोड़ा हटकर दिखता है। हम यह सुधार करते हैं; इसे छोड़ने या गलत लगाने से समय कई मिनट खिसक जाता है।
- "दिखने" का समय। कुछ सूचियाँ जानबूझकर मकानों, पेड़ों और शहर की धुंध के ऊपर चांद दिखने तक का समय जोड़ देती हैं। यह व्यावहारिक फ़ैसला है, खगोल का नहीं, और ऊपर वाले देर के समय इसी से आते हैं।
- पुरानी तालिकाएँ। कुछ पेज पिछले साल के आँकड़े ही आगे चला देते हैं।
हमारा 8:12 समतल क्षितिज पर खगोलीय चंद्रोदय है। घनी बस्ती में छत से देखें तो चांद इसके कुछ मिनट बाद दिखेगा। बादल या धुंध हो तो कई परिवार चांद दिखने तक रुकते हैं और कई तय समय पर अर्घ्य दे देते हैं। यह परिवार और समाज की परंपरा का फ़ैसला है, गणित इसे तय नहीं करता।
शाम की तैयारी
दिल्ली में व्रत सुबह 6:30 के सूर्योदय से रात 8:12 के चंद्रोदय तक है और सूर्यास्त शाम 5:38 पर। कथा और पूजा परंपरा से चंद्रोदय से पहले शाम को होती है; दिल्ली में सूर्यास्त के बाद ढाई घंटे से कुछ ज़्यादा इंतज़ार है। कोलकाता में सूर्यास्त (5:01) से चंद्रोदय (7:42) तक का अंतर लगभग उतना ही है, पर सब कुछ घड़ी में करीब आधा घंटा पहले होता है।
पूजा का समय राहु काल से बचाकर रखना हो तो नई दिल्ली का पंचांग उस दिन का राहु काल और चौघड़िया दिखाता है; किसी भी शहर के लिए आज का पंचांग देखें। ये समय कैसे निकलते हैं, यह हमारे राहु काल और चौघड़िया वाले लेख में है।
करवा चौथ के बाद त्योहारों का सिलसिला शुरू होता है: 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली। लक्ष्मी पूजा का समय हमारे दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त लेख में है।
खुद देखें
मुफ़्त करवा चौथ पेज पर अपना शहर चुनें, वहाँ तारीख, चतुर्थी का समय और चंद्रोदय मिल जाएगा। किसी भी जगह और किसी भी रात के लिए चंद्रोदय टूल है। दोनों में वही तरीका है जो हमारे पंचांग में: चांद का ऊपरी किनारा, सामान्य अपवर्तन और चंद्र लंबन, आपकी सटीक जगह के लिए।