चौघड़िया · गुजरात
जामनगर में आज का चौघड़िया
रविवार, 27 सितंबर 2026 को जामनगर में दिन 06:39 से 18:41 तक है और उद्वेग चौघड़िया से शुरू होता है। शुभ समय: लाभ 09:40–11:10, अमृत 11:10–12:40, शुभ 14:10–15:41।
रविवार, 27 सितंबर 2026
दिन का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य06:39 – 08:10
- चरसामान्य08:10 – 09:40
- लाभअनुकूल09:40 – 11:10
- अमृतअनुकूल11:10 – 12:40
- कालत्याज्य12:40 – 14:10
- शुभअनुकूल14:10 – 15:41
- रोगत्याज्य15:41 – 17:11
- उद्वेगत्याज्य17:11 – 18:41
रात का चौघड़िया
- शुभअनुकूल18:41 – 20:11
- अमृतअनुकूल20:11 – 21:41
- चरसामान्य21:41 – 23:10
- रोगत्याज्य23:10 – 00:40
- कालत्याज्य00:40 – 02:10
- लाभअनुकूल02:10 – 03:40
- उद्वेगत्याज्य03:40 – 05:10
- शुभअनुकूल05:10 – 06:40
अभी चल रहा चौघड़िया आपके उपकरण की घड़ी से चिह्नित होता है; समय जामनगर के स्थानीय समय (IST) में हैं।
जामनगर: अगले 7 दिन का दिन का चौघड़िया
हर खाने में चौघड़िया का नाम और उसका आरंभ समय; वह अगले के शुरू होने तक चलता है। हरा शुभ, लाल त्याज्य।
| दिन | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 27 सितंबररविवार | उद्वेग06:39 | चर08:10 | लाभ09:40 | अमृत11:10 | काल12:40 | शुभ14:10 | रोग15:41 | उद्वेग17:11 |
| 28 सितंबरसोमवार | अमृत06:40 | काल08:10 | शुभ09:40 | रोग11:10 | उद्वेग12:40 | चर14:10 | लाभ15:40 | अमृत17:10 |
| 29 सितंबरमंगलवार | रोग06:40 | उद्वेग08:10 | चर09:40 | लाभ11:10 | अमृत12:39 | काल14:09 | शुभ15:39 | रोग17:09 |
| 30 सितंबरबुधवार | लाभ06:40 | अमृत08:10 | काल09:40 | शुभ11:09 | रोग12:39 | उद्वेग14:09 | चर15:39 | लाभ17:08 |
| 1 अक्टूबरगुरुवार | शुभ06:41 | रोग08:10 | उद्वेग09:40 | चर11:09 | लाभ12:39 | अमृत14:08 | काल15:38 | शुभ17:07 |
| 2 अक्टूबरशुक्रवार | चर06:41 | लाभ08:10 | अमृत09:40 | काल11:09 | शुभ12:38 | रोग14:08 | उद्वेग15:37 | चर17:07 |
| 3 अक्टूबरशनिवार | काल06:41 | शुभ08:10 | रोग09:40 | उद्वेग11:09 | चर12:38 | लाभ14:07 | अमृत15:37 | काल17:06 |
जामनगर: आज के प्रश्न
आज जामनगर में कौन-से चौघड़िया शुभ हैं?
27 सितंबर 2026 को जामनगर में दिन के शुभ चौघड़िया: लाभ 09:40–11:10, अमृत 11:10–12:40, शुभ 14:10–15:41। रात में: शुभ 18:41–20:11, अमृत 20:11–21:41, लाभ 02:10–03:40, शुभ 05:10–06:40।
आज जामनगर में चौघड़िया कब से शुरू होता है?
सूर्योदय से, यानी 06:39 पर — सुबह 6 बजे से नहीं। आज रविवार होने से दिन उद्वेग से शुरू होता है, और रात का चौघड़िया सूर्यास्त (18:41) पर शुभ से।
क्या हर शहर में चौघड़िया एक-सा होता है?
नामों का क्रम वार से तय होता है, इसलिए हर जगह एक ही है; पर समय हर शहर के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलता है। इसलिए जामनगर और दूसरे शहरों के समय में कुछ मिनट का अंतर रहता है, और पूरब-पश्चिम के शहरों में आधे घंटे तक।
जामनगर के पास के शहरों का चौघड़िया
चौघड़िया क्या है
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। हर भाग का एक नाम होता है: अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल और रोग। परंपरा में अमृत, शुभ और लाभ किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छे माने जाते हैं, चर यात्रा और आने-जाने के लिए, और उद्वेग, काल व रोग में नया काम टाला जाता है।
गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में इसका चलन सबसे अधिक है — रोज़ के छोटे निर्णयों के लिए: कब निकलें, दुकान कब खोलें, भुगतान या काग़ज़ पर हस्ताक्षर कब करें। नाम 'चौ' (चार) और 'घड़ी' से बना है: हर भाग लगभग चार घड़ी, यानी करीब डेढ़ घंटे का होता है।
ये समय कैसे निकाले गए
हम अपने इंजन से इसी शहर का सूर्योदय और सूर्यास्त लेते हैं (क्षितिज पर सूर्य का ऊपरी किनारा, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन सहित) और दिनमान को आठ बराबर भागों में बाँटते हैं; सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात भी इसी तरह बँटती है। हर भाग ठीक डेढ़ घंटे का केवल विषुव के आसपास होता है। सर्दियों में दिन के भाग छोटे और रात के बड़े होते हैं, गर्मियों में इसका उल्टा।
दिन का पहला भाग वार के स्वामी ग्रह का होता है और बाकी होरा क्रम (सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल) में चलते हैं — इसीलिए हर वार अलग चौघड़िया से शुरू होता है। रात का चौघड़िया उसी क्रम में पाँच कदम आगे से शुरू होता है। कोई तय तालिका नहीं: शहर बदलें तो हर समय उसके सूर्योदय के साथ खिसक जाता है।
सहज भाव से उपयोग
चौघड़िया रोज़ के समय का एक हल्का साधन है, पूरे दिन पर कोई फ़ैसला नहीं। विवाह, गृह प्रवेश या किसी बड़े आरंभ के लिए परिवार पूरा मुहूर्त देखते हैं, जिसमें तिथि, नक्षत्र आदि भी तौले जाते हैं। जहाँ शुभ चौघड़िया राहु काल से मिलता हो, वहाँ बहुत से लोग उतना हिस्सा छोड़ देते हैं।