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ग्रहण · 2027

उपच्छाया चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी 2027

उपच्छाया चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी 2027 — परमग्रास 04:42 (IST), सिंह राशि और मघा नक्षत्र में। भारत में यह हमारे सभी 28 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 02:42 से 06:43 तक।

उपच्छाया · चंद्र ग्रहण

मुख्य तथ्य

परमग्रास (IST)
04:42
21 फ़रवरी 2027
परिमाण
0.930
उपच्छाया में चंद्र व्यास
राशि · नक्षत्र
सिंह · मघा
स्वामी केतु
भारत में
28 में से 28 नगर
सूतक नहीं
उपच्छाया आरंभ
21 फ़रवरी 2027, 02:42
परमग्रास
21 फ़रवरी 2027, 04:42
उपच्छाया समाप्त
21 फ़रवरी 2027, 06:43

चंद्र ग्रहण के संपर्क-क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होते हैं; नगर केवल यह तय करता है कि उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।

भारत के नगरों में समय

स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो चंद्रमा के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है (प्रच्छाया वाला भाग; उपच्छाया ग्रहण में उपच्छाया)। समय IST में, समुद्र तल पर।

नगरस्पर्श (आरंभ)मध्य (परमग्रास)मोक्ष (समाप्ति)अवधि
दिल्लीदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
मुंबईदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
कोलकातादिखेगा02:4204:4206:06ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 24 मि
चेन्नईदिखेगा02:4204:4206:32ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 50 मि
बेंगलुरुदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
हैदराबाददिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
अहमदाबाददिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
पुणेदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
जयपुरदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
लखनऊदिखेगा02:4204:4206:40ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 58 मि
पटनादिखेगा02:4204:4206:21ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 40 मि
भोपालदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
इंदौरदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
उज्जैनदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
नागपुरदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
वाराणसीदिखेगा02:4204:4206:30ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 48 मि
प्रयागराजदिखेगा02:4204:4206:35ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 53 मि
चंडीगढ़दिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
अमृतसरदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
श्रीनगरदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
देहरादूनदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
गुवाहाटीदिखेगा02:4204:4205:55ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 13 मि
भुवनेश्वरदिखेगा02:4204:4206:14ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 33 मि
रायपुरदिखेगा02:4204:4206:32ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 51 मि
राँचीदिखेगा02:4204:4206:19ग्रस्त चंद्रास्त3 घं 37 मि
सूरतदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
कोच्चिदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि
तिरुवनंतपुरमदिखेगा02:4204:4206:434 घं 1 मि

सूतक: परंपरा क्या कहती है

सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।

सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।

यह ग्रहण सिंह राशि में है — सिंह राशिफल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या उपच्छाया चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी 2027 भारत में दिखेगा?

हाँ, हमारे सभी 28 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।

क्या उपच्छाया ग्रहण का सूतक लगता है?

सामान्यतः नहीं। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा केवल हल्का धुँधला होता है, आँख से प्रायः पहचाना नहीं जाता, और पंचांग इसे सूतक के योग्य ग्रहण नहीं मानते।

क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है?

हाँ। चंद्र ग्रहण को खुली आँख, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

सिंह राशि, मघा नक्षत्र (चंद्रमा की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा सिंह चंद्र राशि और मघा जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।