ग्रहण · 2028
पूर्ण चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर 2028
पूर्ण चंद्र ग्रहण, 31 दिसंबर 2028 — परमग्रास 22:21 (IST), मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में। भारत में यह हमारे सभी 28 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 20:37 से 00:06 तक।
पूर्ण · चंद्र ग्रहण
मुख्य तथ्य
- परमग्रास (IST)
- 22:21
- 31 दिसंबर 2028
- परिमाण
- 1.250
- प्रच्छाया में चंद्र व्यास
- राशि · नक्षत्र
- मिथुन · आर्द्रा
- स्वामी राहु
- भारत में
- 28 में से 28 नगर
- सूतक 9 घंटे पहले से
- उपच्छाया आरंभ
- 31 दिसंबर 2028, 19:33
- स्पर्श (आंशिक आरंभ)
- 31 दिसंबर 2028, 20:37
- पूर्णता आरंभ
- 31 दिसंबर 2028, 21:46
- परमग्रास
- 31 दिसंबर 2028, 22:21
- पूर्णता समाप्त
- 31 दिसंबर 2028, 22:57
- मोक्ष (आंशिक समाप्त)
- 1 जनवरी 2029, 00:06
- उपच्छाया समाप्त
- 1 जनवरी 2029, 01:10
चंद्र ग्रहण के संपर्क-क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होते हैं; नगर केवल यह तय करता है कि उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।
भारत के नगरों में समय
स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो चंद्रमा के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है (प्रच्छाया वाला भाग; उपच्छाया ग्रहण में उपच्छाया)। समय IST में, समुद्र तल पर।
| नगर | स्पर्श (आरंभ) | मध्य (परमग्रास) | मोक्ष (समाप्ति) | अवधि | सूतक (परंपरा) |
|---|---|---|---|---|---|
| दिल्लीदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| मुंबईदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| कोलकातादिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| चेन्नईदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| बेंगलुरुदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| हैदराबाददिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| अहमदाबाददिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| पुणेदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| जयपुरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| लखनऊदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| पटनादिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| भोपालदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| इंदौरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| उज्जैनदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| नागपुरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| वाराणसीदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| प्रयागराजदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| चंडीगढ़दिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| अमृतसरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| श्रीनगरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| देहरादूनदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| गुवाहाटीदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| भुवनेश्वरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| रायपुरदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| राँचीदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| सूरतदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| कोच्चिदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
| तिरुवनंतपुरमदिखेगा | 20:37 | 22:21 | 1 जनवरी, 00:06 | 3 घं 29 मि | 11:37 – 1 जनवरी, 00:06 |
सूतक: परंपरा क्या कहती है
सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।
सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।
यह ग्रहण मिथुन राशि में है — मिथुन राशिफल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पूर्ण चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर 2028 भारत में दिखेगा?
हाँ, हमारे सभी 28 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर 2028 का सूतक कब से है?
परंपरा में सूतक चंद्र ग्रहण के आरंभ से 9 घंटे पहले लगता है और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है — केवल वहाँ, जहाँ ग्रहण दिखता है। दिल्ली में: 31 दिसंबर 2028, 11:37 से 1 जनवरी 2029, 00:06 तक। अन्य नगरों का सूतक तालिका में है।
क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है?
हाँ। चंद्र ग्रहण को खुली आँख, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?
मिथुन राशि, आर्द्रा नक्षत्र (चंद्रमा की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा मिथुन चंद्र राशि और आर्द्रा जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।
सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।