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ग्रहण · 2030

उपच्छाया चंद्र ग्रहण 10 दिसंबर 2030

उपच्छाया चंद्र ग्रहण, 10 दिसंबर 2030 — परमग्रास 03:57 (IST), वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में। भारत में यह हमारे सभी 28 नगरों से दिखेगा — दिल्ली में 01:37 से 06:17 तक।

उपच्छाया · चंद्र ग्रहण

मुख्य तथ्य

परमग्रास (IST)
03:57
10 दिसंबर 2030
परिमाण
0.945
उपच्छाया में चंद्र व्यास
राशि · नक्षत्र
वृषभ · मृगशिरा
स्वामी मंगल
भारत में
28 में से 28 नगर
सूतक नहीं
उपच्छाया आरंभ
10 दिसंबर 2030, 01:37
परमग्रास
10 दिसंबर 2030, 03:57
उपच्छाया समाप्त
10 दिसंबर 2030, 06:17

चंद्र ग्रहण के संपर्क-क्षण पूरी पृथ्वी पर एक ही होते हैं; नगर केवल यह तय करता है कि उस समय चंद्रमा क्षितिज के ऊपर है या नहीं।

भारत के नगरों में समय

स्पर्श से मोक्ष तक वह भाग जो चंद्रमा के क्षितिज के ऊपर रहते दिखता है (प्रच्छाया वाला भाग; उपच्छाया ग्रहण में उपच्छाया)। समय IST में, समुद्र तल पर।

नगरस्पर्श (आरंभ)मध्य (परमग्रास)मोक्ष (समाप्ति)अवधि
दिल्लीदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
मुंबईदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
कोलकातादिखेगा01:3703:5706:11ग्रस्त चंद्रास्त4 घं 34 मि
चेन्नईदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
बेंगलुरुदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
हैदराबाददिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
अहमदाबाददिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
पुणेदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
जयपुरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
लखनऊदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
पटनादिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
भोपालदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
इंदौरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
उज्जैनदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
नागपुरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
वाराणसीदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
प्रयागराजदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
चंडीगढ़दिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
अमृतसरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
श्रीनगरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
देहरादूनदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
गुवाहाटीदिखेगा01:3703:5706:04ग्रस्त चंद्रास्त4 घं 27 मि
भुवनेश्वरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
रायपुरदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
राँचीदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
सूरतदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
कोच्चिदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि
तिरुवनंतपुरमदिखेगा01:3703:5706:174 घं 40 मि

सूतक: परंपरा क्या कहती है

सूतक ग्रहण से पहले का वह समय है जिसमें परंपरा भोजन पकाने-खाने, पूजा-मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य आरंभ करने से बचने को कहती है। सूर्य ग्रहण में यह ग्रहण आरंभ से 12 घंटे (चार प्रहर) और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे (तीन प्रहर) पहले से माना जाता है, और ग्रहण समाप्त होने पर उतरता है। बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए अधिकांश परिवार इसमें ढील देते हैं।

सूतक केवल वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखता है। जो नगर ऊपर ‘नहीं दिखेगा’ है, वहाँ सूतक नहीं; उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक सामान्यतः नहीं माना जाता। तालिका का सूतक आपके नगर के ग्रहण-आरंभ से गिना गया है। इसे मानना या न मानना आपकी पारिवारिक परंपरा का विषय है।

यह ग्रहण वृषभ राशि में है — वृषभ राशिफल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या उपच्छाया चंद्र ग्रहण 10 दिसंबर 2030 भारत में दिखेगा?

हाँ, हमारे सभी 28 नगरों से। हर नगर का स्पर्श, मध्य और मोक्ष ऊपर की तालिका में है।

क्या उपच्छाया ग्रहण का सूतक लगता है?

सामान्यतः नहीं। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा केवल हल्का धुँधला होता है, आँख से प्रायः पहचाना नहीं जाता, और पंचांग इसे सूतक के योग्य ग्रहण नहीं मानते।

क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है?

हाँ। चंद्र ग्रहण को खुली आँख, दूरबीन या टेलीस्कोप से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

यह ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

वृषभ राशि, मृगशिरा नक्षत्र (चंद्रमा की निरयन स्थिति, परमग्रास के समय)। परंपरा वृषभ चंद्र राशि और मृगशिरा जन्म नक्षत्र वालों को इस दिन शांत रहने, जप-ध्यान करने की सलाह देती है — यह डरने का नहीं, ठहरने का संकेत है।

सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में। निरयन राशियाँ, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश; राहु स्पष्ट (true) पात, केतु ठीक सामने। हमारे अपने खगोलीय इंजन से गणना — स्विस एफ़ेमेरिस से मिलान पर राशि प्रवेश का अंतर 2 मिनट से कम (राहु-केतु 15 मिनट से कम)। ग्रहण हमारे इंजन के सूर्य और चंद्रमा से गिने जाते हैं; नगरों के समय स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाए गए हैं (1–2 मिनट के भीतर; सूर्योदय/चंद्रोदय के समय कुछ मिनट)। नगर निर्देशांक: GeoNames।