मुहूर्त · 2027
अन्नप्राशन मुहूर्त 2027
2027 में नई दिल्ली के लिए अन्नप्राशन के 62 शुभ दिन, महीनेवार, समय सहित। नीचे की तालिका बताती है कि बाक़ी दिन किस नियम से छूटे।
- अन्नप्राशन मुहूर्त 2026
- अन्नप्राशन मुहूर्त 2027
- जनवरी6 दिन
- फ़रवरी5 दिन
- मार्च6 दिन
- अप्रैल5 दिन
- मई5 दिन
- जून4 दिन
- जुलाई4 दिन
- अगस्त4 दिन
- सितंबर5 दिन
- अक्टूबर5 दिन
- नवंबर7 दिन
- दिसंबर6 दिन
जनवरी 20276 शुभ दिन
1 जनवरी 2027, शुक्रवार
- 13:10 – 17:294 घं 19 मि · कृष्ण दशमी · चित्रा
11 जनवरी 2027, सोमवार
- 07:15 – 08:331 घं 18 मि · शुक्ल तृतीया · धनिष्ठा
15 जनवरी 2027, शुक्रवार
- 07:14 – 11:113 घं 57 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
- 12:30 – 14:131 घं 43 मि · शुक्ल सप्तमी · रेवती
20 जनवरी 2027, बुधवार
- 07:14 – 12:325 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
- 13:51 – 14:591 घं 7 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
- 14:59 – 16:171 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
22 जनवरी 2027, शुक्रवार
- 07:38 – 10:252 घं 47 मि · पूर्णिमा · पुनर्वसु
- 10:25 – 11:1248 मि · पूर्णिमा · पुष्य
- 12:32 – 13:501 घं 18 मि · पूर्णिमा · पुष्य
- 13:50 – 17:473 घं 57 मि · पूर्णिमा · पुष्य
28 जनवरी 2027, गुरुवार
- 15:52 – 16:571 घं 5 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
- 16:57 – 17:5659 मि · कृष्ण सप्तमी · चित्रा
फ़रवरी 20275 शुभ दिन
8 फ़रवरी 2027, सोमवार
- 07:05 – 08:271 घं 23 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
- 09:50 – 12:202 घं 30 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
- 12:20 – 18:055 घं 45 मि · शुक्ल द्वितीया · शतभिषा
11 फ़रवरी 2027, गुरुवार
- 07:02 – 13:586 घं 56 मि · शुक्ल पंचमी · रेवती
- 15:21 – 18:082 घं 46 मि · शुक्ल पंचमी · रेवती
18 फ़रवरी 2027, गुरुवार
- 15:24 – 18:132 घं 49 मि · शुक्ल त्रयोदशी · पुनर्वसु
19 फ़रवरी 2027, शुक्रवार
- 06:56 – 11:104 घं 14 मि · शुक्ल त्रयोदशी · पुष्य
25 फ़रवरी 2027, गुरुवार
- 06:50 – 08:231 घं 33 मि · कृष्ण पंचमी · चित्रा
- 08:23 – 09:331 घं 10 मि · कृष्ण पंचमी · चित्रा
- 09:33 – 14:004 घं 27 मि · कृष्ण पंचमी · स्वाति
- 15:26 – 18:182 घं 52 मि · कृष्ण पंचमी · स्वाति
मार्च 20276 शुभ दिन
5 मार्च 2027, शुक्रवार
- 09:54 – 11:051 घं 11 मि · कृष्ण त्रयोदशी · श्रवण
- 12:32 – 18:235 घं 50 मि · कृष्ण त्रयोदशी · श्रवण
10 मार्च 2027, बुधवार
- 10:52 – 12:311 घं 39 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
- 14:00 – 15:531 घं 53 मि · शुक्ल द्वितीया · रेवती
- 15:53 – 18:262 घं 33 मि · शुक्ल तृतीया · रेवती
11 मार्च 2027, गुरुवार
- 06:35 – 11:204 घं 44 मि · शुक्ल तृतीया · रेवती
- 11:20 – 14:002 घं 40 मि · शुक्ल तृतीया · अश्विनी
15 मार्च 2027, सोमवार
- 09:30 – 10:511 घं 21 मि · शुक्ल सप्तमी · मृगशिरा
17 मार्च 2027, बुधवार
- 06:45 – 08:532 घं 7 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
- 08:53 – 12:293 घं 36 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
- 13:59 – 17:343 घं 34 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
- 17:34 – 18:3056 मि · शुक्ल दशमी · पुनर्वसु
24 मार्च 2027, बुधवार
- 06:21 – 09:152 घं 54 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
- 09:15 – 12:273 घं 12 मि · कृष्ण द्वितीया · चित्रा
- 13:59 – 18:344 घं 35 मि · कृष्ण तृतीया · चित्रा
अप्रैल 20275 शुभ दिन
1 अप्रैल 2027, गुरुवार
- 09:25 – 11:332 घं 8 मि · कृष्ण दशमी · श्रवण
8 अप्रैल 2027, गुरुवार
- 06:03 – 13:587 घं 54 मि · शुक्ल द्वितीया · अश्विनी
- 15:33 – 15:5220 मि · शुक्ल द्वितीया · अश्विनी
- 15:52 – 17:592 घं 7 मि · शुक्ल द्वितीया · अश्विनी
19 अप्रैल 2027, सोमवार
- 05:52 – 06:0817 मि · शुक्ल त्रयोदशी · हस्त
23 अप्रैल 2027, शुक्रवार
- 14:13 – 15:541 घं 41 मि · कृष्ण तृतीया · अनुराधा
30 अप्रैल 2027, शुक्रवार
- 17:14 – 18:251 घं 11 मि · कृष्ण दशमी · धनिष्ठा
- 18:25 – 18:5530 मि · कृष्ण दशमी · धनिष्ठा
मई 20275 शुभ दिन
10 मई 2027, सोमवार
- 18:08 – 19:0153 मि · शुक्ल पंचमी · पुनर्वसु
12 मई 2027, बुधवार
- 05:32 – 12:166 घं 44 मि · शुक्ल सप्तमी · पुष्य
- 14:04 – 14:5652 मि · शुक्ल सप्तमी · पुष्य
17 मई 2027, सोमवार
- 16:28 – 19:052 घं 37 मि · शुक्ल त्रयोदशी · चित्रा
20 मई 2027, गुरुवार
- 13:21 – 14:0039 मि · पूर्णिमा · अनुराधा
- 15:42 – 16:2946 मि · पूर्णिमा · अनुराधा
27 मई 2027, गुरुवार
- 17:18 – 19:111 घं 53 मि · कृष्ण सप्तमी · धनिष्ठा
जून 20274 शुभ दिन
2 जून 2027, बुधवार
- 08:29 – 12:163 घं 48 मि · कृष्ण त्रयोदशी · अश्विनी
7 जून 2027, सोमवार
- 05:22 – 07:071 घं 44 मि · शुक्ल तृतीया · पुनर्वसु
- 08:51 – 15:266 घं 35 मि · शुक्ल तृतीया · पुनर्वसु
23 जून 2027, बुधवार
- 15:43 – 19:223 घं 39 मि · कृष्ण पंचमी · धनिष्ठा
24 जून 2027, गुरुवार
- 05:24 – 11:065 घं 42 मि · कृष्ण पंचमी · धनिष्ठा
- 11:06 – 14:083 घं 2 मि · कृष्ण पंचमी · धनिष्ठा
- 15:52 – 18:102 घं 17 मि · कृष्ण पंचमी · शतभिषा
जुलाई 20274 शुभ दिन
5 जुलाई 2027, सोमवार
- 05:28 – 07:121 घं 44 मि · शुक्ल द्वितीया · पुनर्वसु
- 08:56 – 09:1923 मि · शुक्ल द्वितीया · पुनर्वसु
- 09:19 – 11:161 घं 57 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
- 11:16 – 15:013 घं 45 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
- 15:01 – 19:224 घं 21 मि · शुक्ल द्वितीया · पुष्य
12 जुलाई 2027, सोमवार
- 11:41 – 13:321 घं 51 मि · शुक्ल दशमी · स्वाति
- 13:32 – 19:215 घं 49 मि · शुक्ल दशमी · स्वाति
21 जुलाई 2027, बुधवार
- 05:36 – 12:276 घं 51 मि · कृष्ण तृतीया · धनिष्ठा
- 14:10 – 15:351 घं 26 मि · कृष्ण तृतीया · धनिष्ठा
26 जुलाई 2027, सोमवार
- 05:38 – 07:211 घं 42 मि · कृष्ण सप्तमी · अश्विनी
- 09:03 – 10:251 घं 22 मि · कृष्ण सप्तमी · अश्विनी
अगस्त 20274 शुभ दिन
6 अगस्त 2027, शुक्रवार
- 07:33 – 10:463 घं 13 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
- 12:26 – 13:2054 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
- 13:20 – 19:085 घं 48 मि · शुक्ल पंचमी · हस्त
11 अगस्त 2027, बुधवार
- 05:47 – 09:143 घं 26 मि · शुक्ल दशमी · अनुराधा
18 अगस्त 2027, बुधवार
- 15:16 – 18:583 घं 42 मि · कृष्ण द्वितीया · शतभिषा
26 अगस्त 2027, गुरुवार
- 17:39 – 18:491 घं 10 मि · कृष्ण दशमी · मृगशिरा
सितंबर 20275 शुभ दिन
2 सितंबर 2027, गुरुवार
- 17:36 – 18:421 घं 6 मि · शुक्ल तृतीया · हस्त
3 सितंबर 2027, शुक्रवार
- 05:59 – 10:454 घं 45 मि · शुक्ल तृतीया · हस्त
- 12:20 – 14:191 घं 59 मि · शुक्ल तृतीया · हस्त
13 सितंबर 2027, सोमवार
- 06:05 – 07:371 घं 33 मि · शुक्ल त्रयोदशी · धनिष्ठा
- 09:10 – 11:282 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · धनिष्ठा
- 11:28 – 18:297 घं 1 मि · शुक्ल त्रयोदशी · धनिष्ठा
17 सितंबर 2027, शुक्रवार
- 15:29 – 18:212 घं 53 मि · कृष्ण द्वितीया · रेवती
22 सितंबर 2027, बुधवार
- 17:52 – 18:1826 मि · कृष्ण सप्तमी · मृगशिरा
अक्टूबर 20275 शुभ दिन
1 अक्टूबर 2027, शुक्रवार
- 06:13 – 10:414 घं 28 मि · शुक्ल द्वितीया · चित्रा
- 12:10 – 16:304 घं 20 मि · शुक्ल द्वितीया · चित्रा
- 16:30 – 18:071 घं 37 मि · शुक्ल द्वितीया · चित्रा
4 अक्टूबर 2027, सोमवार
- 06:15 – 07:441 घं 29 मि · शुक्ल पंचमी · अनुराधा
- 09:12 – 12:253 घं 13 मि · शुक्ल पंचमी · अनुराधा
- 12:25 – 13:261 घं 1 मि · शुक्ल पंचमी · अनुराधा
- 13:26 – 18:044 घं 38 मि · शुक्ल पंचमी · अनुराधा
15 अक्टूबर 2027, शुक्रवार
- 07:07 – 10:403 घं 33 मि · पूर्णिमा · रेवती
- 12:06 – 15:353 घं 29 मि · पूर्णिमा · रेवती
- 15:35 – 17:522 घं 17 मि · पूर्णिमा · रेवती
20 अक्टूबर 2027, बुधवार
- 06:24 – 07:0541 मि · कृष्ण पंचमी · मृगशिरा
- 07:05 – 12:055 घं 0 मि · कृष्ण पंचमी · मृगशिरा
- 13:31 – 15:181 घं 48 मि · कृष्ण पंचमी · मृगशिरा
22 अक्टूबर 2027, शुक्रवार
- 06:25 – 10:404 घं 15 मि · कृष्ण सप्तमी · पुनर्वसु
नवंबर 20277 शुभ दिन
1 नवंबर 2027, सोमवार
- 06:32 – 07:551 घं 23 मि · शुक्ल तृतीया · अनुराधा
- 09:18 – 09:5739 मि · शुक्ल तृतीया · अनुराधा
8 नवंबर 2027, सोमवार
- 06:37 – 07:591 घं 22 मि · शुक्ल दशमी · शतभिषा
- 09:21 – 17:318 घं 10 मि · शुक्ल दशमी · शतभिषा
11 नवंबर 2027, गुरुवार
- 10:07 – 13:263 घं 18 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
- 14:47 – 17:292 घं 42 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
12 नवंबर 2027, शुक्रवार
- 06:40 – 07:551 घं 15 मि · शुक्ल त्रयोदशी · रेवती
- 07:55 – 10:212 घं 26 मि · शुक्ल त्रयोदशी · अश्विनी
18 नवंबर 2027, गुरुवार
- 06:53 – 12:315 घं 38 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
- 12:31 – 13:2654 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
- 14:46 – 17:262 घं 40 मि · कृष्ण पंचमी · पुनर्वसु
25 नवंबर 2027, गुरुवार
- 10:51 – 13:272 घं 36 मि · कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा
- 14:46 – 17:242 घं 38 मि · कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा
26 नवंबर 2027, शुक्रवार
- 06:52 – 07:1927 मि · कृष्ण त्रयोदशी · स्वाति
- 07:19 – 09:482 घं 29 मि · कृष्ण त्रयोदशी · स्वाति
दिसंबर 20276 शुभ दिन
3 दिसंबर 2027, शुक्रवार
- 06:57 – 10:523 घं 55 मि · शुक्ल पंचमी · श्रवण
- 12:10 – 16:134 घं 3 मि · शुक्ल पंचमी · श्रवण
13 दिसंबर 2027, सोमवार
- 15:14 – 17:252 घं 11 मि · पूर्णिमा · मृगशिरा
15 दिसंबर 2027, बुधवार
- 11:21 – 12:1554 मि · कृष्ण द्वितीया · पुनर्वसु
- 13:33 – 16:132 घं 40 मि · कृष्ण द्वितीया · पुनर्वसु
- 16:13 – 17:261 घं 13 मि · कृष्ण तृतीया · पुनर्वसु
22 दिसंबर 2027, बुधवार
- 07:09 – 12:054 घं 55 मि · कृष्ण दशमी · चित्रा
30 दिसंबर 2027, गुरुवार
- 10:07 – 13:413 घं 34 मि · शुक्ल तृतीया · श्रवण
- 14:58 – 17:332 घं 35 मि · शुक्ल तृतीया · श्रवण
31 दिसंबर 2027, शुक्रवार
- 07:13 – 08:1259 मि · शुक्ल तृतीया · श्रवण
बाक़ी दिन क्यों छूटे
हर महीने के बिना मुहूर्त वाले दिन, और उन्हें रोकने वाले नियम। एक दिन पर कई नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए गिनती जोड़ में दिनों से अधिक हो सकती है।
| महीना | शुभ दिन | मुख्य कारण (दिन) |
|---|---|---|
| जनवरी | 6 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (7), अनुपयुक्त तिथि (5), रिक्ता तिथि (2) |
| फ़रवरी | 5 / 28 | अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), रिक्ता तिथि (4), अनुपयुक्त तिथि (3) |
| मार्च | 6 / 31 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (5), रिक्ता तिथि (2) |
| अप्रैल | 5 / 30 | अनुपयुक्त वार (12), अनुपयुक्त तिथि (6), अनुकूल नक्षत्र नहीं (5), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (2) |
| मई | 5 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6), अनुपयुक्त तिथि (5), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (3) |
| जून | 4 / 30 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (9), अनुपयुक्त तिथि (5), रिक्ता तिथि (2) |
| जुलाई | 4 / 31 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (9), अनुपयुक्त तिथि (3), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (1) |
| अगस्त | 4 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (6), विष्टि (भद्रा) करण (2) |
| सितंबर | 5 / 30 | अनुपयुक्त वार (12), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (6), रिक्ता तिथि (1) |
| अक्टूबर | 5 / 31 | अनुपयुक्त वार (14), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (5), रिक्ता तिथि (2) |
| नवंबर | 7 / 30 | अनुपयुक्त वार (13), अनुकूल नक्षत्र नहीं (8), अनुपयुक्त तिथि (4), रिक्ता तिथि (1) |
| दिसंबर | 6 / 31 | अनुपयुक्त वार (12), अनुपयुक्त तिथि (7), अनुकूल नक्षत्र नहीं (6), तिथि-नक्षत्र का मेल नहीं (1) |
हमारे नियम
मान्य नक्षत्र लघु, मृदु और चर हैं — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती। दोनों पक्षों की 2, 3, 5, 7, 10 और 13 तिथियाँ तथा पूर्णिमा ली जाती हैं; एकादशी, जो व्रत का दिन है, नहीं। राहु काल, भद्रा और व्यतीपात-वैधृति टाले जाते हैं। महीना बच्चे की आयु से तय होता है, इसलिए केवल अधिक मास रोकता है।
- नक्षत्र
- अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
- तिथि
- शुक्ल 2, 3, 5, 7, 10, 13; कृष्ण 2, 3, 5, 7, 10, 13; पूर्णिमा
- वार
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
- टाले जाते हैं
- राहु काल, विष्टि (भद्रा) करण, व्यतीपात / वैधृति योग, रात्रि
- पूरे दिन छोड़े जाते हैं
- अधिक मास
ये तिथियाँ हमारे अपने इंजन से, खुले नियमों पर निकली हैं — कोई AI नहीं। हम लग्न शुद्धि, व्यक्तिगत तारा/चंद्र बल, पंचक और क्षेत्रीय प्रथाएँ नहीं देखते, और नियम कई परंपराओं का साझा, सख़्त भाग हैं; इसलिए कुछ पंचांगों की कुछ तिथियाँ यहाँ नहीं होंगी। अंतिम निर्णय से पहले अपने पुरोहित से पूछ लें। हम मुहूर्त कैसे निकालते हैं