पंचांग · नई दिल्ली
16 नवंबर 2025 का पंचांग, रविवार
16 नवंबर 2025, रविवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:44 और सूर्यास्त 17:27 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि है (17 नवंबर, 04:48 तक) और हस्त नक्षत्र (17 नवंबर, 02:11 तक)। राहु काल 16:06 से 17:27 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:27 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण एकादशी, आज कृष्ण द्वादशी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर उत्तरा फाल्गुनी, आज हस्त।
- अगले दिन (17 नवंबर 2025) सूर्योदय पर कृष्ण त्रयोदशी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- वृश्चिक संक्रांति — सूर्य 13:37 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
रविवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
कृष्ण द्वादशी
17 नवंबर, 04:48 तक
कृष्ण त्रयोदशी
17 नवंबर, 04:48 से 18 नवंबर, 07:12 तक
नक्षत्र
हस्तस्वामी चंद्र
17 नवंबर, 02:11 तक
चित्रास्वामी मंगल
17 नवंबर, 02:11 से 18 नवंबर, 05:01 तक
योग
विष्कुम्भ
06:46 तक
प्रीति
06:46 से 17 नवंबर, 07:22 तक
करण
कौलव
15:40 तक
तैतिल
15:40 से 17 नवंबर, 04:48 तक
गर
17 नवंबर, 04:48 से 17 नवंबर, 17:59 तक
चंद्र राशि
- कन्या17 नवंबर, 15:35 तक
सूर्य राशि: तुला
टालने योग्य समय
- राहु काल16:06 – 17:27
- यमगंड12:05 – 13:26
- गुलिक काल14:46 – 16:06
- दुर्मुहूर्त16:01 – 16:44
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:44 – 12:27
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- कार्तिक / मार्गशीर्ष
- संवत
- विक्रम 2082 · शक 1947
- ऋतु · अयन
- शरद · दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घं 43 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°13′10″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य06:44 – 08:04
- चरसामान्य08:04 – 09:25
- लाभअनुकूल09:25 – 10:45
- अमृतअनुकूल10:45 – 12:05
- कालत्याज्य12:05 – 13:26
- शुभअनुकूल13:26 – 14:46
- रोगत्याज्य14:46 – 16:06
- उद्वेगत्याज्य16:06 – 17:27
रात का चौघड़िया
- शुभअनुकूल17:27 – 19:06
- अमृतअनुकूल19:06 – 20:46
- चरसामान्य20:46 – 22:26
- रोगत्याज्य22:26 – 00:06
- कालत्याज्य00:06 – 01:45
- लाभअनुकूल01:45 – 03:25
- उद्वेगत्याज्य03:25 – 05:05
- शुभअनुकूल05:05 – 06:45
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- सूर्य06:44
- शुक्र07:38
- बुध08:31
- चंद्र09:25
- शनि10:18
- गुरु11:12
- मंगल12:05
- सूर्य12:59
- शुक्र13:52
- बुध14:46
- चंद्र15:39
- शनि16:33
रात की होरा
- गुरु17:27
- मंगल18:33
- सूर्य19:40
- शुक्र20:46
- बुध21:53
- चंद्र22:59
- शनि00:06
- गुरु01:12
- मंगल02:19
- सूर्य03:25
- शुक्र04:32
- बुध05:38
16 नवंबर 2025, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
16 नवंबर 2025: प्रश्न
16 नवंबर 2025 को कौन सी तिथि है?
16 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण द्वादशी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 17 नवंबर, 04:48 तक; फिर कृष्ण त्रयोदशी। माह कार्तिक (अमांत) / मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)।
16 नवंबर 2025 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय हस्त नक्षत्र, 17 नवंबर, 02:11 तक; फिर चित्रा।
16 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
16:06 से 17:27 तक। यमगंड 12:05–13:26 और गुलिक 14:46–16:06।
16 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:44 और सूर्यास्त 17:27 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
16 नवंबर 2025 को कोई व्रत या पर्व है?
वृश्चिक संक्रांति: सूर्य 13:37 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।