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पंचांग · नई दिल्ली

3 अक्टूबर 2026 का पंचांग, शनिवार

3 अक्टूबर 2026, शनिवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण सप्तमी तिथि है (08:00 तक) और आर्द्रा नक्षत्र (4 अक्टूबर, 01:29 तक)। राहु काल 09:12 से 10:41 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:46 से 12:33 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण षष्ठी, आज कृष्ण सप्तमी। कृष्ण अष्टमी 08:00 से 4 अक्टूबर, 05:52 तक रहती है और किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर मृगशिरा, आज आर्द्रा।
  • अगले दिन (4 अक्टूबर 2026) सूर्योदय पर कृष्ण नवमी।
सूर्योदय06:15
सूर्यास्त18:05
चंद्रोदय23:27
चंद्रास्त13:08

इस दिन के व्रत और पर्व

  • पितृ पक्ष — भाद्रपद पूर्णिमा के बाद की कृष्ण प्रतिपदा के श्राद्ध से सर्व पितृ अमावस्या तक (पूर्णिमांत में आश्विन कृष्ण); हर श्राद्ध तिथि अपराह्न व्यापिनी ली जाती है।
  • जितिया (जीवित्पुत्रिका व्रत) — सूर्योदय के समय आश्विन कृष्ण अष्टमी (अमांत में भाद्रपद); पारण अगली सुबह।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शनिवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण सप्तमी

    08:00 तक

  • कृष्ण अष्टमी

    08:00 से 4 अक्टूबर, 05:52 तक

  • कृष्ण नवमी

    4 अक्टूबर, 05:52 से 5 अक्टूबर, 03:54 तक

नक्षत्र

  • आर्द्रास्वामी राहु

    4 अक्टूबर, 01:29 तक

  • पुनर्वसुस्वामी गुरु

    4 अक्टूबर, 01:29 से 5 अक्टूबर, 00:13 तक

योग

  • वरीयान

    15:21 तक

  • परिघ

    15:21 से 4 अक्टूबर, 12:32 तक

करण

  • बव

    08:00 तक

  • बालव

    08:00 से 18:54 तक

  • कौलव

    18:54 से 4 अक्टूबर, 05:52 तक

  • तैतिल

    4 अक्टूबर, 05:52 से 4 अक्टूबर, 16:51 तक

चंद्र राशि

  • मिथुन4 अक्टूबर, 18:31 तक

सूर्य राशि: कन्या

टालने योग्य समय

  • राहु काल09:12 – 10:41
  • यमगंड13:38 – 15:07
  • गुलिक काल06:15 – 07:43
  • दुर्मुहूर्त 106:15 – 07:02
  • दुर्मुहूर्त 207:02 – 07:49

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त11:46 – 12:33
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
भाद्रपद / आश्विन
संवत
विक्रम 2083 · शक 1948
ऋतु · अयन
वर्षा · दक्षिणायन
दिनमान
11 घं 50 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′00″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • कालत्याज्य06:15 – 07:43
  • शुभअनुकूल07:43 – 09:12
  • रोगत्याज्य09:12 – 10:41
  • उद्वेगत्याज्य10:41 – 12:10
  • चरसामान्य12:10 – 13:38
  • लाभअनुकूल13:38 – 15:07
  • अमृतअनुकूल15:07 – 16:36
  • कालत्याज्य16:36 – 18:05

रात का चौघड़िया

  • लाभअनुकूल18:05 – 19:36
  • उद्वेगत्याज्य19:36 – 21:07
  • शुभअनुकूल21:07 – 22:38
  • अमृतअनुकूल22:38 – 00:10
  • चरसामान्य00:10 – 01:41
  • रोगत्याज्य01:41 – 03:12
  • कालत्याज्य03:12 – 04:44
  • लाभअनुकूल04:44 – 06:15

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शनि06:15
  • गुरु07:14
  • मंगल08:13
  • सूर्य09:12
  • शुक्र10:11
  • बुध11:10
  • चंद्र12:10
  • शनि13:09
  • गुरु14:08
  • मंगल15:07
  • सूर्य16:06
  • शुक्र17:05

रात की होरा

  • बुध18:05
  • चंद्र19:05
  • शनि20:06
  • गुरु21:07
  • मंगल22:08
  • सूर्य23:09
  • शुक्र00:10
  • बुध01:11
  • चंद्र02:12
  • शनि03:12
  • गुरु04:13
  • मंगल05:14

3 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

3 अक्टूबर 2026: प्रश्न

3 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण सप्तमी तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 08:00 तक; फिर कृष्ण अष्टमी। माह भाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत)।

3 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय आर्द्रा नक्षत्र, 4 अक्टूबर, 01:29 तक; फिर पुनर्वसु।

3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

09:12 से 10:41 तक। यमगंड 13:38–15:07 और गुलिक 06:15–07:43।

3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

3 अक्टूबर 2026 को कोई व्रत या पर्व है?

पितृ पक्ष: भाद्रपद पूर्णिमा के बाद की कृष्ण प्रतिपदा के श्राद्ध से सर्व पितृ अमावस्या तक (पूर्णिमांत में आश्विन कृष्ण); हर श्राद्ध तिथि अपराह्न व्यापिनी ली जाती है। जितिया (जीवित्पुत्रिका व्रत): सूर्योदय के समय आश्विन कृष्ण अष्टमी (अमांत में भाद्रपद); पारण अगली सुबह।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।