पंचांग · नई दिल्ली
14 जनवरी 2027 का पंचांग, गुरुवार
14 जनवरी 2027, गुरुवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 और सूर्यास्त 17:45 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल षष्ठी तिथि है (13:59 तक) और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र (23:18 तक)। राहु काल 13:48 से 15:07 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:51 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल पंचमी, आज शुक्ल षष्ठी।
- पिछले दिन सूर्योदय पर पूर्वा भाद्रपद, आज उत्तरा भाद्रपद।
- अगले दिन (15 जनवरी 2027) सूर्योदय पर शुक्ल सप्तमी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- लोहड़ी — मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: हमारे पंचांग के मकर संक्रांति दिन से एक दिन पहले। अलाव सूर्यास्त के बाद जलता है।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
गुरुवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल षष्ठी
13:59 तक
शुक्ल सप्तमी
13:59 से 15 जनवरी, 14:13 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदस्वामी शनि
23:18 तक
रेवतीस्वामी बुध
23:18 से 15 जनवरी, 23:51 तक
योग
परिघ
17:22 तक
शिव
17:22 से 15 जनवरी, 16:18 तक
करण
तैतिल
13:59 तक
गर
13:59 से 15 जनवरी, 02:12 तक
वणिज
15 जनवरी, 02:12 से 15 जनवरी, 14:13 तक
चंद्र राशि
- मीन15 जनवरी, 23:51 तक
सूर्य राशि: धनु
टालने योग्य समय
- राहु काल13:48 – 15:07
- यमगंड07:15 – 08:33
- गुलिक काल09:52 – 11:11
- दुर्मुहूर्त 110:45 – 11:27
- दुर्मुहूर्त 214:57 – 15:39
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:51
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- पौष / पौष
- संवत
- विक्रम 2083 · शक 1948
- ऋतु · अयन
- हेमंत · दक्षिणायन
- दिनमान
- 10 घं 30 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′16″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- शुभअनुकूल07:15 – 08:33
- रोगत्याज्य08:33 – 09:52
- उद्वेगत्याज्य09:52 – 11:11
- चरसामान्य11:11 – 12:30
- लाभअनुकूल12:30 – 13:48
- अमृतअनुकूल13:48 – 15:07
- कालत्याज्य15:07 – 16:26
- शुभअनुकूल16:26 – 17:45
रात का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल17:45 – 19:26
- चरसामान्य19:26 – 21:07
- रोगत्याज्य21:07 – 22:48
- कालत्याज्य22:48 – 00:30
- लाभअनुकूल00:30 – 02:11
- उद्वेगत्याज्य02:11 – 03:52
- शुभअनुकूल03:52 – 05:33
- अमृतअनुकूल05:33 – 07:14
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- गुरु07:15
- मंगल08:07
- सूर्य09:00
- शुक्र09:52
- बुध10:45
- चंद्र11:37
- शनि12:30
- गुरु13:22
- मंगल14:15
- सूर्य15:07
- शुक्र16:00
- बुध16:52
रात की होरा
- चंद्र17:45
- शनि18:52
- गुरु20:00
- मंगल21:07
- सूर्य22:15
- शुक्र23:22
- बुध00:30
- चंद्र01:37
- शनि02:45
- गुरु03:52
- मंगल05:00
- सूर्य06:07
14 जनवरी 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
14 जनवरी 2027: प्रश्न
14 जनवरी 2027 को कौन सी तिथि है?
14 जनवरी 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल षष्ठी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 13:59 तक; फिर शुक्ल सप्तमी। माह पौष (अमांत) / पौष (पूर्णिमांत)।
14 जनवरी 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, 23:18 तक; फिर रेवती।
14 जनवरी 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
13:48 से 15:07 तक। यमगंड 07:15–08:33 और गुलिक 09:52–11:11।
14 जनवरी 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:15 और सूर्यास्त 17:45 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
14 जनवरी 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
लोहड़ी: मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: हमारे पंचांग के मकर संक्रांति दिन से एक दिन पहले। अलाव सूर्यास्त के बाद जलता है।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।