पंचांग · नई दिल्ली
20 अप्रैल 2027 का पंचांग, मंगलवार
20 अप्रैल 2027, मंगलवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:49 पर है। सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि है (21 अप्रैल, 03:57 तक) और चित्रा नक्षत्र (21 अप्रैल, 04:28 तक)। राहु काल 15:34 से 17:12 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:54 से 12:46 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर शुक्ल त्रयोदशी, आज पूर्णिमा।
- पिछले दिन सूर्योदय पर हस्त, आज चित्रा।
- अगले दिन (21 अप्रैल 2027) सूर्योदय पर कृष्ण प्रतिपदा।
इस दिन के व्रत और पर्व
- हनुमान जयंती — सूर्योदय के समय चैत्र पूर्णिमा (उत्तर भारत की तिथि; दक्षिण भारत में अन्य मास)।
- चैत्र पूर्णिमा — सूर्योदय के समय पूर्णिमा वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। व्रत उस पहले दिन जब पूर्णिमा मध्याह्न को छुए — यह एक दिन पहले भी हो सकता है।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
मंगलवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
पूर्णिमा
21 अप्रैल, 03:57 तक
कृष्ण प्रतिपदा
21 अप्रैल, 03:57 से 22 अप्रैल, 03:30 तक
नक्षत्र
चित्रास्वामी मंगल
21 अप्रैल, 04:28 तक
स्वातिस्वामी राहु
21 अप्रैल, 04:28 से 22 अप्रैल, 04:44 तक
योग
हर्षण
17:47 तक
वज्र
17:47 से 21 अप्रैल, 16:10 तक
करण
विष्टि (भद्रा)
16:21 तक
बव
16:21 से 21 अप्रैल, 03:57 तक
बालव
21 अप्रैल, 03:57 से 21 अप्रैल, 15:40 तक
चंद्र राशि
- कन्या16:31 तक
- तुला22 अप्रैल, 23:17 तक
सूर्य राशि: मेष
टालने योग्य समय
- राहु काल15:34 – 17:12
- यमगंड09:05 – 10:43
- गुलिक काल12:20 – 13:57
- दुर्मुहूर्त 108:26 – 09:18
- दुर्मुहूर्त 223:13 – 23:57
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:54 – 12:46
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- चैत्र / चैत्र
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- वसंत · उत्तरायण
- दिनमान
- 12 घं 59 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′29″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- रोगत्याज्य05:51 – 07:28
- उद्वेगत्याज्य07:28 – 09:05
- चरसामान्य09:05 – 10:43
- लाभअनुकूल10:43 – 12:20
- अमृतअनुकूल12:20 – 13:57
- कालत्याज्य13:57 – 15:34
- शुभअनुकूल15:34 – 17:12
- रोगत्याज्य17:12 – 18:49
रात का चौघड़िया
- कालत्याज्य18:49 – 20:12
- लाभअनुकूल20:12 – 21:34
- उद्वेगत्याज्य21:34 – 22:57
- शुभअनुकूल22:57 – 00:19
- अमृतअनुकूल00:19 – 01:42
- चरसामान्य01:42 – 03:04
- रोगत्याज्य03:04 – 04:27
- कालत्याज्य04:27 – 05:50
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- मंगल05:51
- सूर्य06:55
- शुक्र08:00
- बुध09:05
- चंद्र10:10
- शनि11:15
- गुरु12:20
- मंगल13:25
- सूर्य14:30
- शुक्र15:34
- बुध16:39
- चंद्र17:44
रात की होरा
- शनि18:49
- गुरु19:44
- मंगल20:39
- सूर्य21:34
- शुक्र22:29
- बुध23:24
- चंद्र00:19
- शनि01:14
- गुरु02:09
- मंगल03:04
- सूर्य04:00
- शुक्र04:55
20 अप्रैल 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
20 अप्रैल 2027: प्रश्न
20 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
20 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 21 अप्रैल, 03:57 तक; फिर कृष्ण प्रतिपदा। माह चैत्र (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत)।
20 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय चित्रा नक्षत्र, 21 अप्रैल, 04:28 तक; फिर स्वाति।
20 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
15:34 से 17:12 तक। यमगंड 09:05–10:43 और गुलिक 12:20–13:57।
20 अप्रैल 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:49 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
20 अप्रैल 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
हनुमान जयंती: सूर्योदय के समय चैत्र पूर्णिमा (उत्तर भारत की तिथि; दक्षिण भारत में अन्य मास)। चैत्र पूर्णिमा: सूर्योदय के समय पूर्णिमा वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। व्रत उस पहले दिन जब पूर्णिमा मध्याह्न को छुए — यह एक दिन पहले भी हो सकता है।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।