पंचांग · नई दिल्ली
4 जुलाई 2027 का पंचांग, रविवार
4 जुलाई 2027, रविवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:27 और सूर्यास्त 19:22 पर है। सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है (08:32 तक) और आर्द्रा नक्षत्र (12:10 तक)। राहु काल 17:38 से 19:22 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:57 से 12:53 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्दशी, आज अमावस्या। शुक्ल प्रतिपदा 08:32 से 5 जुलाई, 04:51 तक रहती है और किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)।
- पिछले दिन सूर्योदय पर मृगशिरा, आज आर्द्रा।
- अगले दिन (5 जुलाई 2027) सूर्योदय पर शुक्ल द्वितीया।
इस दिन के व्रत और पर्व
- आषाढ़ अमावस्या — सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
रविवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
अमावस्या
08:32 तक
शुक्ल प्रतिपदा
08:32 से 5 जुलाई, 04:51 तक
शुक्ल द्वितीया
5 जुलाई, 04:51 से 6 जुलाई, 01:14 तक
नक्षत्र
आर्द्रास्वामी राहु
12:10 तक
पुनर्वसुस्वामी गुरु
12:10 से 5 जुलाई, 09:19 तक
योग
ध्रुव
15:22 तक
व्याघात
15:22 से 5 जुलाई, 11:16 तक
करण
नाग
08:32 तक
किंस्तुघ्न
08:32 से 18:41 तक
बव
18:41 से 5 जुलाई, 04:51 तक
बालव
5 जुलाई, 04:51 से 5 जुलाई, 15:01 तक
चंद्र राशि
- मिथुन5 जुलाई, 04:02 तक
- कर्क7 जुलाई, 04:03 तक
सूर्य राशि: मिथुन
टालने योग्य समय
- राहु काल17:38 – 19:22
- यमगंड12:25 – 14:09
- गुलिक काल15:54 – 17:38
- दुर्मुहूर्त17:31 – 18:27
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:57 – 12:53
- पक्ष
- कृष्ण
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- ज्येष्ठ / आषाढ़
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- ग्रीष्म · उत्तरायण
- दिनमान
- 13 घं 55 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′42″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- उद्वेगत्याज्य05:27 – 07:12
- चरसामान्य07:12 – 08:56
- लाभअनुकूल08:56 – 10:41
- अमृतअनुकूल10:41 – 12:25
- कालत्याज्य12:25 – 14:09
- शुभअनुकूल14:09 – 15:54
- रोगत्याज्य15:54 – 17:38
- उद्वेगत्याज्य17:38 – 19:22
रात का चौघड़िया
- शुभअनुकूल19:22 – 20:38
- अमृतअनुकूल20:38 – 21:54
- चरसामान्य21:54 – 23:09
- रोगत्याज्य23:09 – 00:25
- कालत्याज्य00:25 – 01:41
- लाभअनुकूल01:41 – 02:56
- उद्वेगत्याज्य02:56 – 04:12
- शुभअनुकूल04:12 – 05:28
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- सूर्य05:27
- शुक्र06:37
- बुध07:47
- चंद्र08:56
- शनि10:06
- गुरु11:15
- मंगल12:25
- सूर्य13:35
- शुक्र14:44
- बुध15:54
- चंद्र17:03
- शनि18:13
रात की होरा
- गुरु19:22
- मंगल20:13
- सूर्य21:03
- शुक्र21:54
- बुध22:44
- चंद्र23:35
- शनि00:25
- गुरु01:16
- मंगल02:06
- सूर्य02:56
- शुक्र03:47
- बुध04:37
4 जुलाई 2027, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
4 जुलाई 2027: प्रश्न
4 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?
4 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 08:32 तक; फिर शुक्ल प्रतिपदा। माह ज्येष्ठ (अमांत) / आषाढ़ (पूर्णिमांत)।
4 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय आर्द्रा नक्षत्र, 12:10 तक; फिर पुनर्वसु।
4 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
17:38 से 19:22 तक। यमगंड 12:25–14:09 और गुलिक 15:54–17:38।
4 जुलाई 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 05:27 और सूर्यास्त 19:22 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
4 जुलाई 2027 को कोई व्रत या पर्व है?
आषाढ़ अमावस्या: सूर्योदय के समय अमावस्या वाला दिन (नहीं तो जिस दिन आरंभ हो)। दर्श अमावस्या — व्रत और श्राद्ध का दिन — वह पहला दिन जब अमावस्या मध्याह्न को छुए।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।