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पंचांग · नई दिल्ली

14 जनवरी 2028 का पंचांग, शुक्रवार

14 जनवरी 2028, शुक्रवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:15 और सूर्यास्त 17:44 पर है। सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया तिथि है (23:17 तक) और आश्लेषा नक्षत्र (13:56 तक)। राहु काल 11:11 से 12:30 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:09 से 12:51 तक।

पिछले दिन से क्या बदला

  • पिछले दिन सूर्योदय पर कृष्ण द्वितीया, आज कृष्ण तृतीया।
  • पिछले दिन सूर्योदय पर पुष्य, आज आश्लेषा।
  • अगले दिन (15 जनवरी 2028) सूर्योदय पर कृष्ण चतुर्थी।
सूर्योदय07:15
सूर्यास्त17:44
चंद्रोदय20:24
चंद्रास्त08:47

इस दिन के व्रत और पर्व

  • लोहड़ी — मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: हमारे पंचांग के मकर संक्रांति दिन से एक दिन पहले। अलाव सूर्यास्त के बाद जलता है।

पंचांग के पाँच अंग

नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।

वार

शुक्रवार

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तिथि

  • कृष्ण तृतीया

    23:17 तक

  • कृष्ण चतुर्थी

    23:17 से 15 जनवरी, 20:10 तक

नक्षत्र

  • आश्लेषास्वामी बुध

    13:56 तक

  • मघास्वामी केतु

    13:56 से 15 जनवरी, 11:25 तक

योग

  • प्रीति

    09:47 तक

  • आयुष्मान

    09:47 से 15 जनवरी, 05:51 तक

  • सौभाग्य

    15 जनवरी, 05:51 से 16 जनवरी, 02:10 तक

करण

  • वणिज

    12:57 तक

  • विष्टि (भद्रा)

    12:57 से 23:17 तक

  • बव

    23:17 से 15 जनवरी, 09:41 तक

चंद्र राशि

  • कर्क13:56 तक
  • सिंह16 जनवरी, 14:46 तक

सूर्य राशि: धनु

टालने योग्य समय

  • राहु काल11:11 – 12:30
  • यमगंड15:07 – 16:26
  • गुलिक काल08:33 – 09:52
  • दुर्मुहूर्त 109:21 – 10:03
  • दुर्मुहूर्त 212:51 – 13:33

शुभ समय

  • अभिजित मुहूर्त12:09 – 12:51
पक्ष
कृष्ण
माह (अमांत / पूर्णिमांत)
पौष / माघ
संवत
विक्रम 2084 · शक 1949
ऋतु · अयन
हेमंत · दक्षिणायन
दिनमान
10 घं 30 मि
अयनांश
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′11″

चौघड़िया

दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।

दिन का चौघड़िया

  • चरसामान्य07:15 – 08:33
  • लाभअनुकूल08:33 – 09:52
  • अमृतअनुकूल09:52 – 11:11
  • कालत्याज्य11:11 – 12:30
  • शुभअनुकूल12:30 – 13:48
  • रोगत्याज्य13:48 – 15:07
  • उद्वेगत्याज्य15:07 – 16:26
  • चरसामान्य16:26 – 17:44

रात का चौघड़िया

  • रोगत्याज्य17:44 – 19:26
  • कालत्याज्य19:26 – 21:07
  • लाभअनुकूल21:07 – 22:48
  • उद्वेगत्याज्य22:48 – 00:29
  • शुभअनुकूल00:29 – 02:11
  • अमृतअनुकूल02:11 – 03:52
  • चरसामान्य03:52 – 05:33
  • रोगत्याज्य05:33 – 07:14

होरा

हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।

दिन की होरा

  • शुक्र07:15
  • बुध08:07
  • चंद्र09:00
  • शनि09:52
  • गुरु10:45
  • मंगल11:37
  • सूर्य12:30
  • शुक्र13:22
  • बुध14:15
  • चंद्र15:07
  • शनि15:59
  • गुरु16:52

रात की होरा

  • मंगल17:44
  • सूर्य18:52
  • शुक्र19:59
  • बुध21:07
  • चंद्र22:14
  • शनि23:22
  • गुरु00:29
  • मंगल01:37
  • सूर्य02:44
  • शुक्र03:52
  • बुध04:59
  • चंद्र06:07

14 जनवरी 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।

14 जनवरी 2028: प्रश्न

14 जनवरी 2028 को कौन सी तिथि है?

14 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया तिथि (कृष्ण पक्ष) है, 23:17 तक; फिर कृष्ण चतुर्थी। माह पौष (अमांत) / माघ (पूर्णिमांत)।

14 जनवरी 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय के समय आश्लेषा नक्षत्र, 13:56 तक; फिर मघा।

14 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?

11:11 से 12:30 तक। यमगंड 15:07–16:26 और गुलिक 08:33–09:52।

14 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय 07:15 और सूर्यास्त 17:44 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।

14 जनवरी 2028 को कोई व्रत या पर्व है?

लोहड़ी: मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: हमारे पंचांग के मकर संक्रांति दिन से एक दिन पहले। अलाव सूर्यास्त के बाद जलता है।

ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.

पंचांग पढ़ना

तिथि
चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
नक्षत्र
राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
योग
सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
करण
तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
वार
हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
राहु काल, यमगंड, गुलिक
दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
चौघड़िया और होरा
चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।

सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।