पंचांग · नई दिल्ली
31 जनवरी 2028 का पंचांग, सोमवार
31 जनवरी 2028, सोमवार को नई दिल्ली में सूर्योदय 07:10 और सूर्यास्त 17:59 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्थी तिथि है (07:15 तक) और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र (1 फ़रवरी, 07:42 तक)। राहु काल 08:31 से 09:52 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 12:12 से 12:56 तक।
पिछले दिन से क्या बदला
- शुक्ल चतुर्थी पिछले दिन के सूर्योदय पर भी थी — यह तिथि दो सूर्योदयों को छूती है (वृद्धि)।
- पिछले दिन सूर्योदय पर पूर्वा भाद्रपद, आज उत्तरा भाद्रपद।
- अगले दिन (1 फ़रवरी 2028) सूर्योदय पर शुक्ल पंचमी।
इस दिन के व्रत और पर्व
- वसंत पंचमी — माघ शुक्ल पंचमी जो पूर्वाह्न (सूर्योदय से मध्य दिन) को छुए; दोनों दिन छुए तो पहला दिन।
पंचांग के पाँच अंग
नई दिल्ली के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
सोमवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
07:15 तक
शुक्ल पंचमी
07:15 से 1 फ़रवरी, 09:28 तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपदस्वामी शनि
1 फ़रवरी, 07:42 तक
योग
शिव
17:57 तक
सिद्ध
17:57 से 1 फ़रवरी, 18:24 तक
करण
विष्टि (भद्रा)
07:15 तक
बव
07:15 से 20:24 तक
बालव
20:24 से 1 फ़रवरी, 09:28 तक
चंद्र राशि
- मीन2 फ़रवरी, 09:58 तक
सूर्य राशि: मकर
टालने योग्य समय
- राहु काल08:31 – 09:52
- यमगंड11:13 – 12:34
- गुलिक काल13:55 – 15:16
- दुर्मुहूर्त 112:56 – 13:39
- दुर्मुहूर्त 215:06 – 15:49
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त12:12 – 12:56
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- माघ / माघ
- संवत
- विक्रम 2084 · शक 1949
- ऋतु · अयन
- शिशिर · उत्तरायण
- दिनमान
- 10 घं 49 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°15′14″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- अमृतअनुकूल07:10 – 08:31
- कालत्याज्य08:31 – 09:52
- शुभअनुकूल09:52 – 11:13
- रोगत्याज्य11:13 – 12:34
- उद्वेगत्याज्य12:34 – 13:55
- चरसामान्य13:55 – 15:16
- लाभअनुकूल15:16 – 16:37
- अमृतअनुकूल16:37 – 17:59
रात का चौघड़िया
- चरसामान्य17:59 – 19:37
- रोगत्याज्य19:37 – 21:16
- कालत्याज्य21:16 – 22:55
- लाभअनुकूल22:55 – 00:34
- उद्वेगत्याज्य00:34 – 02:13
- शुभअनुकूल02:13 – 03:51
- अमृतअनुकूल03:51 – 05:30
- चरसामान्य05:30 – 07:09
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- चंद्र07:10
- शनि08:04
- गुरु08:58
- मंगल09:52
- सूर्य10:46
- शुक्र11:40
- बुध12:34
- चंद्र13:28
- शनि14:22
- गुरु15:16
- मंगल16:10
- सूर्य17:05
रात की होरा
- शुक्र17:59
- बुध19:04
- चंद्र20:10
- शनि21:16
- गुरु22:22
- मंगल23:28
- सूर्य00:34
- शुक्र01:40
- बुध02:46
- चंद्र03:51
- शनि04:57
- गुरु06:03
31 जनवरी 2028, नई दिल्ली (28.62, 77.21), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
31 जनवरी 2028: प्रश्न
31 जनवरी 2028 को कौन सी तिथि है?
31 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्थी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 07:15 तक; फिर शुक्ल पंचमी। माह माघ (अमांत) / माघ (पूर्णिमांत)।
31 जनवरी 2028 को कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, 1 फ़रवरी, 07:42 तक।
31 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?
08:31 से 09:52 तक। यमगंड 11:13–12:34 और गुलिक 13:55–15:16।
31 जनवरी 2028 को नई दिल्ली में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 07:10 और सूर्यास्त 17:59 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
31 जनवरी 2028 को कोई व्रत या पर्व है?
वसंत पंचमी: माघ शुक्ल पंचमी जो पूर्वाह्न (सूर्योदय से मध्य दिन) को छुए; दोनों दिन छुए तो पहला दिन।
ये समय नई दिल्ली के हैं। इसी तारीख का पंचांग किसी और शहर के लिए: पंचांग खोज। शुभ कार्य का समय चाहिए? मुहूर्त खोजें.
पंचांग पढ़ना
- तिथि
- चंद्रमा और सूर्य के बीच हर 12° का अंतर एक तिथि है — एक चांद्र मास में 30 तिथियाँ, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में 15-15। दिन की तिथि वह मानी जाती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो; कभी एक तिथि सूर्योदय को छूती ही नहीं (क्षय) और कभी दो सूर्योदयों तक रहती है (वृद्धि)।
- नक्षत्र
- राशिचक्र के 27 बराबर भाग, हर एक 13°20′ का। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है। मुहूर्त और नामकरण में नक्षत्र सबसे अधिक देखा जाता है।
- योग
- सूर्य और चंद्रमा के निरयण अंशों का योग, 13°20′ के 27 भागों में। विष्कुंभ से वैधृति तक; व्यतीपात और वैधृति को शुभ कार्यों में टाला जाता है।
- करण
- तिथि का आधा भाग — एक दिन में प्रायः दो करण। विष्टि (भद्रा) करण में शुभ कार्य नहीं किए जाते।
- वार
- हिंदू वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से नहीं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक
- दिन के प्रकाश को आठ भागों में बाँटकर, वार के अनुसार एक-एक भाग। नया कार्य आरंभ करने के लिए इन्हें परंपरा में टाला जाता है; रोज़मर्रा का काम चलता रहता है।
- चौघड़िया और होरा
- चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है; होरा हर घंटे (दिन के बारहवें भाग) का स्वामी ग्रह बताती है। व्यापार और यात्रा के लिए इनका उपयोग आम है।
सारी गणना हमारा अपना इंजन करता है (VSOP87 / ELP, लाहिड़ी अयनांश), स्विस एफ़ेमेरिस से मिलाकर जाँचा गया; तिथि-नक्षत्र के समाप्ति समय लगभग 2 मिनट तक सटीक।