कल का पंचांग · राजस्थान
जयपुर का कल का पंचांग — मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को जयपुर में सूर्योदय 06:29 और सूर्यास्त 17:53 पर है। सूर्योदय के समय शुक्ल नवमी तिथि है (12:50 तक) और श्रवण नक्षत्र (18:02 तक)। राहु काल 15:02 से 16:28 तक रहेगा, और अभिजित मुहूर्त 11:48 से 12:34 तक।
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कल का व्रत / पर्व
- दुर्गा पूजा — आश्विन शुक्ल षष्ठी से दशमी। षष्ठी (बोधन) और महा सप्तमी — हर एक वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो; दो सूर्योदयों पर हो तो बाद वाला दिन। महा अष्टमी दुर्गा अष्टमी का दिन (सूर्योदय वाली अष्टमी), महा नवमी वह दिन जब नवमी अपराह्न में हो, और विजया दशमी (विसर्जन, सिंदूर खेला) वह दिन जब दशमी सूर्योदय के समय हो। संधि पूजा अष्टमी के अंतिम 24 और नवमी के पहले 24 मिनट में।
- दशहरा (विजयादशमी) — आश्विन शुक्ल दशमी जो अपराह्न (दिन का चौथा पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो पहला दिन।
पंचांग के पाँच अंग
जयपुर के सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक जो भी तिथि, नक्षत्र, योग और करण रहे, सब अपने समाप्ति समय के साथ।
वार
मंगलवार
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
तिथि
शुक्ल नवमी
12:50 तक
शुक्ल दशमी
12:50 से 21 अक्टूबर, 14:12 तक
नक्षत्र
श्रवणस्वामी चंद्र
18:02 तक
धनिष्ठास्वामी मंगल
18:02 से 21 अक्टूबर, 19:48 तक
योग
शूल
21 अक्टूबर, 00:49 तक
गण्ड
21 अक्टूबर, 00:49 से 22 अक्टूबर, 00:33 तक
करण
कौलव
12:50 तक
तैतिल
12:50 से 21 अक्टूबर, 01:36 तक
गर
21 अक्टूबर, 01:36 से 21 अक्टूबर, 14:12 तक
चंद्र राशि
- मकर21 अक्टूबर, 07:00 तक
सूर्य राशि: तुला
टालने योग्य समय
- राहु काल15:02 – 16:28
- यमगंड09:20 – 10:45
- गुलिक काल12:11 – 13:37
- दुर्मुहूर्त 108:46 – 09:31
- दुर्मुहूर्त 222:56 – 23:46
शुभ समय
- अभिजित मुहूर्त11:48 – 12:34
- पक्ष
- शुक्ल
- माह (अमांत / पूर्णिमांत)
- आश्विन / आश्विन
- संवत
- विक्रम 2083 · शक 1948
- ऋतु · अयन
- शरद · दक्षिणायन
- दिनमान
- 11 घं 25 मि
- अयनांश
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) 24°14′02″
चौघड़िया
दिन और रात, प्रत्येक आठ भागों में; अमृत, शुभ, लाभ शुभ; चर सामान्य; रोग, काल, उद्वेग त्याज्य।
दिन का चौघड़िया
- रोगत्याज्य06:29 – 07:54
- उद्वेगत्याज्य07:54 – 09:20
- चरसामान्य09:20 – 10:45
- लाभअनुकूल10:45 – 12:11
- अमृतअनुकूल12:11 – 13:37
- कालत्याज्य13:37 – 15:02
- शुभअनुकूल15:02 – 16:28
- रोगत्याज्य16:28 – 17:53
रात का चौघड़िया
- कालत्याज्य17:53 – 19:28
- लाभअनुकूल19:28 – 21:02
- उद्वेगत्याज्य21:02 – 22:37
- शुभअनुकूल22:37 – 00:11
- अमृतअनुकूल00:11 – 01:46
- चरसामान्य01:46 – 03:20
- रोगत्याज्य03:20 – 04:55
- कालत्याज्य04:55 – 06:29
होरा
हर होरा का स्वामी ग्रह और आरंभ समय।
दिन की होरा
- मंगल06:29
- सूर्य07:26
- शुक्र08:23
- बुध09:20
- चंद्र10:17
- शनि11:14
- गुरु12:11
- मंगल13:08
- सूर्य14:05
- शुक्र15:02
- बुध15:59
- चंद्र16:56
रात की होरा
- शनि17:53
- गुरु18:56
- मंगल19:59
- सूर्य21:02
- शुक्र22:05
- बुध23:08
- चंद्र00:11
- शनि01:14
- गुरु02:17
- मंगल03:20
- सूर्य04:23
- शुक्र05:26
20 अक्टूबर 2026, जयपुर (26.92, 75.79), समय क्षेत्र Asia/Kolkata। सूर्योदय: ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित। अमृत काल और वर्ज्य नहीं दिए गए — उनकी घटी-तालिकाएँ स्रोतों में भिन्न हैं।
जयपुर: कल के प्रश्न
कल कौन सी तिथि है?
20 अक्टूबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय के समय शुक्ल नवमी तिथि (शुक्ल पक्ष) है, 12:50 तक; फिर शुक्ल दशमी। माह आश्विन (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत)।
कल कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय के समय श्रवण नक्षत्र, 18:02 तक; फिर धनिष्ठा।
कल जयपुर में राहु काल कब है?
15:02 से 16:28 तक। यमगंड 09:20–10:45 और गुलिक 12:11–13:37।
कल जयपुर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय 06:29 और सूर्यास्त 17:53 पर — सूर्य का ऊपरी किनारा, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित; यही परिपाटी भारतीय खगोलीय पंचांग (Indian Astronomical Ephemeris) और दृक पंचांग की है। जो पंचांग सूर्य के केंद्र का समय बिना अपवर्तन के छापते हैं, उनमें सूर्योदय लगभग 3–4 मिनट बाद और सूर्यास्त उतना ही पहले होता है।
कल कोई व्रत या पर्व है?
दुर्गा पूजा: आश्विन शुक्ल षष्ठी से दशमी। षष्ठी (बोधन) और महा सप्तमी — हर एक वह दिन जब उसकी तिथि सूर्योदय के समय हो; दो सूर्योदयों पर हो तो बाद वाला दिन। महा अष्टमी दुर्गा अष्टमी का दिन (सूर्योदय वाली अष्टमी), महा नवमी वह दिन जब नवमी अपराह्न में हो, और विजया दशमी (विसर्जन, सिंदूर खेला) वह दिन जब दशमी सूर्योदय के समय हो। संधि पूजा अष्टमी के अंतिम 24 और नवमी के पहले 24 मिनट में। दशहरा (विजयादशमी): आश्विन शुक्ल दशमी जो अपराह्न (दिन का चौथा पाँचवाँ भाग) में हो; दोनों दिन हो तो पहला दिन।
जयपुर के पास के शहरों का कल का पंचांग
यही दिन नई दिल्ली के लिए, पिछले-अगले दिन और पूरे महीने के साथ: 20 अक्टूबर 2026 का पंचांग.
जयपुर के समय दूसरे शहरों से अलग क्यों हैं
जयपुर 26.9° उत्तर अक्षांश और 75.8° पूर्व देशांतर पर है। भारतीय मानक समय 82.5° पूर्व की देशांतर रेखा से चलता है; जयपुर उससे 6.7° पश्चिम है, इसलिए यहाँ का औसत सूर्य घड़ी से लगभग 27 मिनट पीछे चलता है। आज यहाँ मध्याह्न (सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच) 12:11 पर है और दिन 11 घंटे 24 मिनट का है; सूर्योदय से गिने जाने वाले सारे समय — राहु काल, चौघड़िया, होरा — इसी के साथ खिसकते हैं।
नई दिल्ली की तुलना में आज जयपुर में सूर्योदय 5 मिनट बाद और सूर्यास्त 7 मिनट बाद होता है; यहाँ दिन 2 मिनट लंबा है (11 घंटे 24 मिनट, नई दिल्ली में 11 घंटे 22 मिनट)। जयपुर नई दिल्ली से 1.7° दक्षिण है: भूमध्य रेखा के जितना पास, दिन साल भर 12 घंटे के उतना पास रहता है; जितना उत्तर, गर्मी और सर्दी के दिनों का अंतर उतना बड़ा।
पंचांग पढ़ना
ऊपर की तिथि, नक्षत्र, योग और करण इसी शहर के सूर्योदय पर देखे गए हैं, और वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। हर अंग का अर्थ, क्षय और वृद्धि तिथि, और राहु काल कैसे बनता है: पंचांग पढ़ने की पूरी जानकारी; शब्दों के अर्थ शब्दकोश में।