राशिफल 2027 · Aries · अग्नि तत्त्व
मेष राशिफल 2027
चंद्र राशि मेष (स्वामी मंगल) के लिए 2027 के गोचर — हर तिथि, और आपकी चंद्र राशि से वह कौन सा भाव है, महीने-दर-महीने। गणना हमारे इंजन की: लाहिड़ी अयनांश, सत्य राहु, भारतीय समय।
2027 की मुख्य तिथियाँ — मेष
भाव आपकी चंद्र राशि से गिने गए हैं · भारतीय समय
- 25 जनवरी: गुरु कर्क में (वक्री) (4वाँ भाव)
- 6 फ़रवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 21 फ़रवरी: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, सिंह में (5वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 13 अप्रैल: गुरु कर्क में मार्गी (4वाँ भाव)
- 3 जून: शनि मेष में (1वाँ भाव)
- 26 जून: गुरु सिंह में (5वाँ भाव)
- 18 जुलाई: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 2 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण, कर्क में (4वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 9 अगस्त: शनि मेष में वक्री (1वाँ भाव)
- 17 अगस्त: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 20 अक्टूबर: शनि मीन में (वक्री) (12वाँ भाव)
- 26 नवंबर: गुरु कन्या में (6वाँ भाव)
- 24 दिसंबर: शनि मीन में मार्गी (12वाँ भाव)
वर्ष के बड़े गोचर
गुरु
- सिंह · 5वाँ भाव · 25 जनवरी तकसहायकगुरु चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।
- कर्क (वक्री प्रवेश) · 4वाँ भाव · 25 जनवरी – 26 जूनसावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
- सिंह · 5वाँ भाव · 26 जून – 26 नवंबरसहायकगुरु चंद्र राशि से 5वें भाव (संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक) में। शास्त्रीय गोचर तालिकाओं में यह गुरु की सहायक स्थिति है — विकास, ज्ञान और सहयोग यहाँ काम आते हैं।
- कन्या · 6वाँ भाव · 26 नवंबर सेसावधानी का समयगुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
शनि
- मीन · 12वाँ भाव · 3 जून तकसावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
- मेष · 1वाँ भाव · 3 जून – 20 अक्टूबरसावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
- मीन (वक्री प्रवेश) · 12वाँ भाव · 20 अक्टूबर सेसावधानी का समयशनि चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
राहु
- मकर · 10वाँ भाव · पूरे वर्षसावधानी का समयराहु चंद्र राशि से 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: बड़े कदम से पहले तथ्य परखें; जल्दी धन के प्रस्तावों से बचें।
केतु
- कर्क · 4वाँ भाव · पूरे वर्षसावधानी का समयकेतु चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: व्यावहारिक कामों से जुड़े रहें।
2027 में साढ़े साती और ढैय्या
- मीन · 12वाँ भाव · 3 जून तक: साढ़े साती — प्रथम चरण
- मेष · 1वाँ भाव · 3 जून – 20 अक्टूबर: साढ़े साती — मध्य चरण
- मीन (वक्री प्रवेश) · 12वाँ भाव · 20 अक्टूबर से: साढ़े साती — प्रथम चरण
शनि के ये चरण परंपरा में धैर्य, अनुशासन और नियमित प्रयास के समय माने जाते हैं — डर के नहीं। शनि के वक्री होकर पीछे लौटने पर चरण भी उसी तिथि से बदलता है।
2027 का सार
समग्र
शनि वर्ष का बड़ा हिस्सा आपकी राशि से 12वें भाव में रहेगा, बीच में 1वें भाव होकर फिर 12वें में लौटेगा — यह समय धैर्य, दिनचर्या और आत्मदेखभाल से फल देने का है। गुरु पहले 4थे भाव में घर–परिवार पर ध्यान सिखाएगा, फिर 5वें भाव आकर रचनात्मकता और सीखने की खुशी बढ़ाएगा, और अंत में 6ठे भाव में आकर आदतों को व्यवस्थित करने का संकेत देगा। राहु 10वें भाव में महत्वाकांक्षा जगाएगा, पर जल्दबाज़ी से बचना ठीक रहेगा। साल की सीख: गति और ठहराव, दोनों की अपनी लय है; जो काम आज समीक्षा माँगते हैं, वे कल स्थिर परिणाम दे सकते हैं।
प्रेम और परिवार
शुक्र 7वें भाव में होने से रिश्तों में सौम्यता और संवाद की मिठास बनी रह सकती है। गुरु के 4थे और फिर 5वें भाव के दौर में भावनात्मक निकटता और साझा रुचियाँ बढ़ेंगी। बस शनि की सादगी अपनाएँ — अपेक्षा कम, आभार अधिक, और बात अधूरी लगे तो शांति से समझाएँ।
कार्य
राहु 10वें भाव में नई दिशाएँ दिखाएगा, पर कदम नापकर रखें। शनि का 12वाँ और बीच का 1वाँ भाव अनुशासन सिखाते हैं — काम की रीति सुधारें, प्रक्रियाएँ साफ करें। गुरु के 5वें भाव का सहारा विचारों को रूप देगा; योजनाएँ लिखकर, छोटी समयसीमाओं में आगे बढ़ें।
धन
गुरु के 4थे भाव का आरंभ घरेलू ख़र्चों को समझदारी से देखने को कहेगा; बाद में 5वें से कौशल और ज्ञान पर किया गया शांत निवेश-सा प्रयास समय के साथ फल दे सकता है। वर्षांत में 6ठा भाव आदतों में सादगी और हिसाब-किताब नियमित रखने की सलाह देता है।
स्वास्थ्य और दिनचर्या
शनि का 12वाँ भाव विश्राम और नियमित नींद पर ज़ोर देता है। वर्षांत में गुरु 6ठे भाव से दिनचर्या, पानी, हलचल और समय पर भोजन की सरल आदतें मजबूत करने को कहेगा। काम के बीच छोटे विराम लें; मन को सुकून देने वाली प्रार्थना या टहलना सहारा देगा।
शुभ रंग और अंक
रंग: हरा · अंक: 5 · सहायक ग्रह: बुध
यह इस साइट की अपनी परिपाटी है, कोई शास्त्रीय नियम नहीं: राशि और चंद्र की स्थिति से एक ग्रह चुना जाता है, और उसी का अंक व पारंपरिक रंग दिया जाता है।
यह सार 2027 के इन्हीं गोचर तथ्यों से लिखा गया है (ग्रह कोड से गिने जाते हैं, शब्द AI ने लिखे हैं)।
महीने-दर-महीने
जनवरी 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 10वें भाव में — ध्यान करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा पर।
25 जनवरी — गुरु चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
- 1 जनवरी: शुक्र वृश्चिक में (8वाँ भाव)
- 10 जनवरी: बुध मकर में (10वाँ भाव)
- 10 जनवरी: मंगल सिंह में वक्री (5वाँ भाव)
- 14 जनवरी: सूर्य मकर में (10वाँ भाव)
- 25 जनवरी: गुरु कर्क में (वक्री) (4वाँ भाव)
- 28 जनवरी: बुध कुंभ में (11वाँ भाव)
- 29 जनवरी: शुक्र धनु में (9वाँ भाव)
फ़रवरी 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 11वें भाव में — ध्यान लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति पर।
6 फ़रवरी का ग्रहण आपके 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 6 फ़रवरी: वलयाकार सूर्य ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 9 फ़रवरी: बुध कुंभ में वक्री (11वाँ भाव)
- 13 फ़रवरी: सूर्य कुंभ में (11वाँ भाव)
- 21 फ़रवरी: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, सिंह में (5वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 24 फ़रवरी: बुध मकर में (वक्री) (10वाँ भाव)
- 24 फ़रवरी: शुक्र मकर में (10वाँ भाव)
मार्च 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 12वें भाव में — ध्यान व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग पर।
10 मार्च — मंगल चंद्र राशि से 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रतिक्रिया से पहले रुकें और जल्दबाज़ी से बचें।
- 3 मार्च: बुध मकर में मार्गी (10वाँ भाव)
- 10 मार्च: मंगल कर्क में (वक्री) (4वाँ भाव)
- 12 मार्च: बुध कुंभ में (11वाँ भाव)
- 15 मार्च: सूर्य मीन में (12वाँ भाव)
- 21 मार्च: शुक्र कुंभ में (11वाँ भाव)
अप्रैल 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 1वें भाव में — ध्यान स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा पर।
13 अप्रैल को गुरु मार्गी (4वें भाव) — घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति से जुड़े रुके काम फिर गति पकड़ते हैं।
- 1 अप्रैल: मंगल कर्क में मार्गी (4वाँ भाव)
- 5 अप्रैल: बुध मीन में (12वाँ भाव)
- 13 अप्रैल: गुरु कर्क में मार्गी (4वाँ भाव)
- 14 अप्रैल: सूर्य मेष में (1वाँ भाव)
- 15 अप्रैल: शुक्र मीन में (12वाँ भाव)
- 22 अप्रैल: बुध मेष में (1वाँ भाव)
- 26 अप्रैल: मंगल सिंह में (5वाँ भाव)
मई 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 2वें भाव में — ध्यान परिवार, वाणी और संचित धन पर।
- 6 मई: बुध वृषभ में (2वाँ भाव)
- 10 मई: शुक्र मेष में (1वाँ भाव)
- 15 मई: सूर्य वृषभ में (2वाँ भाव)
- 23 मई: बुध मिथुन में (3वाँ भाव)
जून 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 3वें भाव में — ध्यान साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ पर।
3 जून — शनि चंद्र राशि से 1वें भाव (स्वयं, स्वास्थ्य और दैनिक ऊर्जा) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
- 3 जून: शनि मेष में (1वाँ भाव)
- 4 जून: शुक्र वृषभ में (2वाँ भाव)
- 10 जून: बुध मिथुन में वक्री (3वाँ भाव)
- 15 जून: सूर्य मिथुन में (3वाँ भाव)
- 26 जून: गुरु सिंह में (5वाँ भाव)
- 28 जून: शुक्र मिथुन में (3वाँ भाव)
जुलाई 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 3वें भाव में — ध्यान साहस, प्रयास, भाई-बहन और छोटी यात्राएँ पर।
18 जुलाई का ग्रहण आपके 10वें भाव (करियर, कर्तव्य और सामाजिक प्रतिष्ठा) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 5 जुलाई: बुध मिथुन में मार्गी (3वाँ भाव)
- 5 जुलाई: मंगल कन्या में (6वाँ भाव)
- 17 जुलाई: सूर्य कर्क में (4वाँ भाव)
- 18 जुलाई: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 23 जुलाई: शुक्र कर्क में (4वाँ भाव)
- 30 जुलाई: बुध कर्क में (4वाँ भाव)
अगस्त 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 4वें भाव में — ध्यान घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति पर।
2 अगस्त का ग्रहण आपके 4वें भाव (घर, माता, सुख-सुविधा और मन की शांति) में पड़ता है। परंपरा ग्रहण के समय को शांति, जप और विश्राम के लिए रखती है, नए आरंभ के लिए नहीं — डरने की कोई बात नहीं।
- 2 अगस्त: पूर्ण सूर्य ग्रहण, कर्क में (4वाँ भाव) — भारत में दिखेगा
- 9 अगस्त: शनि मेष में वक्री (1वाँ भाव)
- 14 अगस्त: बुध सिंह में (5वाँ भाव)
- 16 अगस्त: शुक्र सिंह में (5वाँ भाव)
- 17 अगस्त: उपच्छाया चंद्र ग्रहण, मकर में (10वाँ भाव) — भारत में नहीं दिखेगा
- 17 अगस्त: सूर्य सिंह में (5वाँ भाव)
- 24 अगस्त: मंगल तुला में (7वाँ भाव)
- 31 अगस्त: बुध कन्या में (6वाँ भाव)
सितंबर 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 5वें भाव में — ध्यान संतान, विद्या, रचनात्मकता और विवेक पर।
- 9 सितंबर: शुक्र कन्या में (6वाँ भाव)
- 17 सितंबर: सूर्य कन्या में (6वाँ भाव)
- 21 सितंबर: बुध तुला में (7वाँ भाव)
अक्टूबर 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 6वें भाव में — ध्यान दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें पर।
20 अक्टूबर — शनि चंद्र राशि से 12वें भाव (व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: नियमित परिश्रम और धैर्य फल देते हैं; शॉर्टकट से बचें।
- 3 अक्टूबर: शुक्र तुला में (7वाँ भाव)
- 7 अक्टूबर: बुध तुला में वक्री (7वाँ भाव)
- 8 अक्टूबर: मंगल वृश्चिक में (8वाँ भाव)
- 18 अक्टूबर: सूर्य तुला में (7वाँ भाव)
- 20 अक्टूबर: शनि मीन में (वक्री) (12वाँ भाव)
- 21 अक्टूबर: बुध कन्या में (वक्री) (6वाँ भाव)
- 27 अक्टूबर: शुक्र वृश्चिक में (8वाँ भाव)
- 28 अक्टूबर: बुध कन्या में मार्गी (6वाँ भाव)
नवंबर 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 7वें भाव में — ध्यान साझेदारी, विवाह और दूसरों से व्यवहार पर।
26 नवंबर — गुरु चंद्र राशि से 6वें भाव (दैनिक कार्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और स्वास्थ्य की आदतें) में। तालिकाएँ इसे ध्यान माँगने वाली स्थिति गिनती हैं: प्रगति धीमी हो सकती है; वादे सीमित रखें।
- 5 नवंबर: बुध तुला में (7वाँ भाव)
- 17 नवंबर: सूर्य वृश्चिक में (8वाँ भाव)
- 18 नवंबर: मंगल धनु में (9वाँ भाव)
- 21 नवंबर: शुक्र धनु में (9वाँ भाव)
- 26 नवंबर: बुध वृश्चिक में (8वाँ भाव)
- 26 नवंबर: गुरु कन्या में (6वाँ भाव)
दिसंबर 2027
महीने के अधिकांश भाग में सूर्य आपकी चंद्र राशि से 8वें भाव में — ध्यान परिवर्तन, अप्रत्याशित बातें, शोध और साझा धन पर।
24 दिसंबर को शनि मार्गी (12वें भाव) — व्यय, विश्राम, दूर स्थान और त्याग से जुड़े रुके काम फिर गति पकड़ते हैं।
- 15 दिसंबर: बुध धनु में (9वाँ भाव)
- 15 दिसंबर: शुक्र मकर में (10वाँ भाव)
- 16 दिसंबर: सूर्य धनु में (9वाँ भाव)
- 24 दिसंबर: शनि मीन में मार्गी (12वाँ भाव)
- 27 दिसंबर: मंगल मकर में (10वाँ भाव)
राशिफल चंद्र राशि से, और सभी के लिए एक-सा होता है — यह आपकी व्यक्तिगत कुंडली नहीं है। शास्त्रीय गोचर तालिकाएँ चंद्र राशि से भाव देखती हैं; वेध, अष्टकवर्ग और आपकी दशा इन्हें बदलते हैं। तिथियाँ और राशियाँ हमारे इंजन से हैं; कोई AI इन्हें नहीं गिनता।
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