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सूर्योदय-सूर्यास्त · 178 शहर

आज सूर्योदय कब होगा

हर शहर का अपना सूर्योदय और सूर्यास्त — हिंदू दिन सूर्योदय से शुरू होता है, और तिथि, राहु काल, चौघड़िया व होरा सब इसी से गिने जाते हैं। साथ में दिनमान, भोर का उजाला, मध्याह्न और पूरे महीने की तालिका।

दिल्ली · शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

यहाँ दिल्ली का समय दिखाया गया है। अपने शहर का समय नीचे की सूची से चुनें — हर शहर का समय उसके अपने सूर्योदय से निकलता है।

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:49
दिनमान
11 घंटे 27 मिनट
मध्याह्न
12:06
भोर का उजाला
05:59
शाम का उजाला समाप्त
18:13
दिल्ली: पूरे महीने की तालिका और पूरा विवरण

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इन समयों का अर्थ

सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज से ऊपर आता है, और सूर्यास्त वह जब वह ओझल होता है; दोनों में वायुमंडल से प्रकाश का मुड़ना (सामान्य अपवर्तन) शामिल है, जिससे सूर्य ज्यामितीय रूप से उगने से दो-तीन मिनट पहले दिखने लगता है। दोनों के बीच का समय दिनमान है। मध्याह्न ठीक बीच में होता है: तब सूर्य सबसे ऊँचा होता है और परछाई सबसे छोटी।

सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद लगभग आधे घंटे का उजाला संध्या-प्रकाश (सिविल ट्वाइलाइट) कहलाता है: जब सूर्य का केंद्र क्षितिज से 6° नीचे होता है, तब से भोर का उजाला शुरू होता है, और शाम को 6° नीचे पहुँचने पर समाप्त होता है। भारत में यह लगभग 20 से 30 मिनट का होता है — अयनांत के आसपास और उत्तर के शहरों में अधिक।

पंचांग में सूर्योदय क्यों महत्वपूर्ण है

हिंदू दिन आधी रात से नहीं, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। किसी दिन की तिथि, नक्षत्र और वार वही माने जाते हैं जो सूर्योदय के समय हों — इसीलिए दो शहरों में एक ही व्रत अलग तारीख़ों पर पड़ सकता है। राहु काल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त सब इसी शहर के दिनमान के भाग हैं, और संध्या-वंदन का समय भी सूर्योदय-सूर्यास्त से तय होता है।

इसलिए जब कोई पंचांग किसी दूसरे शहर का सूर्योदय देता है, तो उस पर बने सारे समय भी खिसक जाते हैं। इस पन्ने के समय इसी शहर के अपने अक्षांश-देशांतर से निकाले गए हैं, उसी इंजन से जिससे इसका पंचांग बनता है।

महीने भर में बदलाव

सूर्योदय और सूर्यास्त साथ-साथ नहीं खिसकते। सर्दियों के सबसे छोटे दिन के बाद शामें पहले लंबी होती हैं, जबकि सुबहें कुछ सप्ताह तक और देर से होती रहती हैं; गर्मियों में सबसे जल्दी सूर्योदय सबसे लंबे दिन से पहले आ जाता है। यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी असमान गति (समय-समीकरण) से होता है — महीने की तालिका में यह दिन-ब-दिन दिखता है।

तिथि, नक्षत्र और बाकी सब एक साथ देखने के लिए आज का पंचांग देखें।