सूर्योदय-सूर्यास्त · पंजाब
जालंधर में आज सूर्योदय कब होगा
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को जालंधर में सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:52 पर होगा; दिन 11 घंटे 20 मिनट का है। समय जालंधर के अपने अक्षांश-देशांतर से, भारतीय मानक समय में।
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
- सूर्योदय
- 06:32
- सूर्यास्त
- 17:52
- दिनमान
- 11 घंटे 20 मिनट
- रात्रिमान 12 घंटे 40 मिनट
- मध्याह्न (सूर्य सबसे ऊँचा)
- 12:12
- भोर का उजाला
- 06:07
- सूर्य क्षितिज से 6° नीचे
- शाम का उजाला समाप्त
- 18:17
- सूर्य क्षितिज से 6° नीचे
समय जालंधर के स्थानीय समय (IST) में।
जालंधर: दिन घट रहे हैं या बढ़ रहे हैं
जालंधर में दिन घट रहे हैं: आज का दिन 11 घंटे 20 मिनट का है, एक सप्ताह पहले (11 अक्टूबर) से 13 मिनट छोटा — रोज़ लगभग 1.9 मिनट। इस बीच सूर्योदय 5 मिनट देर से और सूर्यास्त 8 मिनट पहले होने लगा है।
इस वर्ष जालंधर का सबसे लंबा दिन 21 जून के आसपास 14 घंटे 12 मिनट का और सबसे छोटा 21 दिसंबर के आसपास 10 घंटे 6 मिनट का है — 4 घंटे 6 मिनट का अंतर। आज का दिन इस दायरे में 30% पर है (0% = सबसे छोटा, 100% = सबसे लंबा)।
पिछले वर्ष इसी तारीख़ (18 अक्टूबर 2025, शनिवार) को जालंधर में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 17:52 पर था — आज से एक मिनट के भीतर: सूर्य का वार्षिक क्रम हर साल लगभग वैसा ही दोहराता है; बदलते हैं वार, तिथि और नक्षत्र।
जालंधर: अक्टूबर 2026 का सूर्योदय-सूर्यास्त
इस महीने सबसे लंबा दिन 1 अक्टूबर (11 घंटे 52 मिनट) और सबसे छोटा 31 अक्टूबर (10 घंटे 57 मिनट) है।
| तारीख़ | सूर्योदय | सूर्यास्त | दिनमान | मध्याह्न | भोर का उजाला | शाम का उजाला |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 अक्टूबरगुरुवार | 06:21 | 18:13 | 11 घंटे 52 मिनट | 12:17 | 05:56 | 18:37 |
| 2 अक्टूबरशुक्रवार | 06:21 | 18:11 | 11 घंटे 50 मिनट | 12:16 | 05:57 | 18:36 |
| 3 अक्टूबरशनिवार | 06:22 | 18:10 | 11 घंटे 48 मिनट | 12:16 | 05:58 | 18:34 |
| 4 अक्टूबररविवार | 06:23 | 18:09 | 11 घंटे 46 मिनट | 12:16 | 05:58 | 18:33 |
| 5 अक्टूबरसोमवार | 06:23 | 18:08 | 11 घंटे 45 मिनट | 12:15 | 05:59 | 18:32 |
| 6 अक्टूबरमंगलवार | 06:24 | 18:06 | 11 घंटे 42 मिनट | 12:15 | 06:00 | 18:31 |
| 7 अक्टूबरबुधवार | 06:25 | 18:05 | 11 घंटे 40 मिनट | 12:15 | 06:00 | 18:29 |
| 8 अक्टूबरगुरुवार | 06:25 | 18:04 | 11 घंटे 39 मिनट | 12:15 | 06:01 | 18:28 |
| 9 अक्टूबरशुक्रवार | 06:26 | 18:03 | 11 घंटे 37 मिनट | 12:14 | 06:02 | 18:27 |
| 10 अक्टूबरशनिवार | 06:26 | 18:02 | 11 घंटे 36 मिनट | 12:14 | 06:02 | 18:26 |
| 11 अक्टूबररविवार | 06:27 | 18:00 | 11 घंटे 33 मिनट | 12:14 | 06:03 | 18:25 |
| 12 अक्टूबरसोमवार | 06:28 | 17:59 | 11 घंटे 31 मिनट | 12:14 | 06:03 | 18:24 |
| 13 अक्टूबरमंगलवार | 06:28 | 17:58 | 11 घंटे 30 मिनट | 12:13 | 06:04 | 18:22 |
| 14 अक्टूबरबुधवार | 06:29 | 17:57 | 11 घंटे 28 मिनट | 12:13 | 06:05 | 18:21 |
| 15 अक्टूबरगुरुवार | 06:30 | 17:56 | 11 घंटे 26 मिनट | 12:13 | 06:05 | 18:20 |
| 16 अक्टूबरशुक्रवार | 06:31 | 17:55 | 11 घंटे 24 मिनट | 12:13 | 06:06 | 18:19 |
| 17 अक्टूबरशनिवार | 06:31 | 17:53 | 11 घंटे 22 मिनट | 12:12 | 06:07 | 18:18 |
| 18 अक्टूबररविवारआज | 06:32 | 17:52 | 11 घंटे 20 मिनट | 12:12 | 06:07 | 18:17 |
| 19 अक्टूबरसोमवार | 06:33 | 17:51 | 11 घंटे 18 मिनट | 12:12 | 06:08 | 18:16 |
| 20 अक्टूबरमंगलवार | 06:33 | 17:50 | 11 घंटे 17 मिनट | 12:12 | 06:09 | 18:15 |
| 21 अक्टूबरबुधवार | 06:34 | 17:49 | 11 घंटे 15 मिनट | 12:12 | 06:10 | 18:14 |
| 22 अक्टूबरगुरुवार | 06:35 | 17:48 | 11 घंटे 13 मिनट | 12:11 | 06:10 | 18:13 |
| 23 अक्टूबरशुक्रवार | 06:36 | 17:47 | 11 घंटे 11 मिनट | 12:11 | 06:11 | 18:12 |
| 24 अक्टूबरशनिवार | 06:36 | 17:46 | 11 घंटे 10 मिनट | 12:11 | 06:12 | 18:11 |
| 25 अक्टूबररविवार | 06:37 | 17:45 | 11 घंटे 8 मिनट | 12:11 | 06:12 | 18:10 |
| 26 अक्टूबरसोमवार | 06:38 | 17:44 | 11 घंटे 6 मिनट | 12:11 | 06:13 | 18:09 |
| 27 अक्टूबरमंगलवार | 06:39 | 17:43 | 11 घंटे 4 मिनट | 12:11 | 06:14 | 18:08 |
| 28 अक्टूबरबुधवार | 06:39 | 17:42 | 11 घंटे 3 मिनट | 12:11 | 06:15 | 18:07 |
| 29 अक्टूबरगुरुवार | 06:40 | 17:41 | 11 घंटे 1 मिनट | 12:11 | 06:15 | 18:06 |
| 30 अक्टूबरशुक्रवार | 06:41 | 17:40 | 10 घंटे 59 मिनट | 12:11 | 06:16 | 18:05 |
| 31 अक्टूबरशनिवार | 06:42 | 17:39 | 10 घंटे 57 मिनट | 12:11 | 06:17 | 18:04 |
जालंधर: सूर्योदय के प्रश्न
आज जालंधर में सूर्योदय कब होगा?
18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को जालंधर में सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है; दिन 11 घंटे 20 मिनट का है।
जालंधर में आज उजाला कब होगा और अँधेरा कब?
भोर का उजाला (सिविल ट्वाइलाइट) 06:07 से शुरू होता है और शाम का उजाला 18:17 तक रहता है — तब सूर्य का केंद्र क्षितिज से 6° नीचे होता है।
अक्टूबर 2026 में जालंधर में सबसे जल्दी और सबसे देर से सूर्योदय कब है?
सबसे जल्दी सूर्योदय 1 अक्टूबर को 06:21 पर और सबसे देर से 31 अक्टूबर को 06:42 पर। सबसे देर से सूर्यास्त 1 अक्टूबर को 18:13 पर।
दूसरी जगह सूर्योदय का समय एक-दो मिनट अलग क्यों दिखता है?
कुछ स्रोत सूर्य के केंद्र को लेते हैं, कुछ अपवर्तन नहीं जोड़ते, और कई किसी दूसरे शहर (जैसे दिल्ली या उज्जैन) का समय देते हैं। यहाँ समय जालंधर के अपने अक्षांश-देशांतर से है: सूर्य का ऊपरी किनारा, वास्तविक क्षितिज, सामान्य अपवर्तन। ऊँची इमारतें या पहाड़ वास्तविक दृश्य समय कुछ मिनट बदल सकते हैं।
सूर्योदय पर तिथि, नक्षत्र और राहु काल के लिए जालंधर का आज का पंचांग देखें।
जालंधर के पास के शहरों में सूर्योदय
जालंधर के समय दूसरे शहरों से अलग क्यों हैं
जालंधर 31.3° उत्तर अक्षांश और 75.6° पूर्व देशांतर पर है। भारतीय मानक समय 82.5° पूर्व की देशांतर रेखा से चलता है; जालंधर उससे 6.9° पश्चिम है, इसलिए यहाँ का औसत सूर्य घड़ी से लगभग 28 मिनट पीछे चलता है। आज यहाँ मध्याह्न (सूर्योदय और सूर्यास्त के ठीक बीच) 12:12 पर है और दिन 11 घंटे 20 मिनट का है; सूर्योदय से गिने जाने वाले सारे समय — राहु काल, चौघड़िया, होरा — इसी के साथ खिसकते हैं।
नई दिल्ली की तुलना में आज जालंधर में सूर्योदय 9 मिनट बाद और सूर्यास्त 4 मिनट बाद होता है; यहाँ दिन 5 मिनट छोटा है (11 घंटे 20 मिनट, नई दिल्ली में 11 घंटे 25 मिनट)। जालंधर नई दिल्ली से 2.7° उत्तर है: भूमध्य रेखा के जितना पास, दिन साल भर 12 घंटे के उतना पास रहता है; जितना उत्तर, गर्मी और सर्दी के दिनों का अंतर उतना बड़ा।
इन समयों का अर्थ
सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज से ऊपर आता है, और सूर्यास्त वह जब वह ओझल होता है; दोनों में वायुमंडल से प्रकाश का मुड़ना (सामान्य अपवर्तन) शामिल है, जिससे सूर्य ज्यामितीय रूप से उगने से दो-तीन मिनट पहले दिखने लगता है। दोनों के बीच का समय दिनमान है। मध्याह्न ठीक बीच में होता है: तब सूर्य सबसे ऊँचा होता है और परछाई सबसे छोटी।
सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद लगभग आधे घंटे का उजाला संध्या-प्रकाश (सिविल ट्वाइलाइट) कहलाता है: जब सूर्य का केंद्र क्षितिज से 6° नीचे होता है, तब से भोर का उजाला शुरू होता है, और शाम को 6° नीचे पहुँचने पर समाप्त होता है। भारत में यह लगभग 20 से 30 मिनट का होता है — अयनांत के आसपास और उत्तर के शहरों में अधिक।
पंचांग में सूर्योदय क्यों महत्वपूर्ण है
हिंदू दिन आधी रात से नहीं, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। किसी दिन की तिथि, नक्षत्र और वार वही माने जाते हैं जो सूर्योदय के समय हों — इसीलिए दो शहरों में एक ही व्रत अलग तारीख़ों पर पड़ सकता है। राहु काल, चौघड़िया, होरा और अभिजित मुहूर्त सब इसी शहर के दिनमान के भाग हैं, और संध्या-वंदन का समय भी सूर्योदय-सूर्यास्त से तय होता है।
इसलिए जब कोई पंचांग किसी दूसरे शहर का सूर्योदय देता है, तो उस पर बने सारे समय भी खिसक जाते हैं। इस पन्ने के समय इसी शहर के अपने अक्षांश-देशांतर से निकाले गए हैं, उसी इंजन से जिससे इसका पंचांग बनता है।
महीने भर में बदलाव
सूर्योदय और सूर्यास्त साथ-साथ नहीं खिसकते। सर्दियों के सबसे छोटे दिन के बाद शामें पहले लंबी होती हैं, जबकि सुबहें कुछ सप्ताह तक और देर से होती रहती हैं; गर्मियों में सबसे जल्दी सूर्योदय सबसे लंबे दिन से पहले आ जाता है। यह पृथ्वी के झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी असमान गति (समय-समीकरण) से होता है — महीने की तालिका में यह दिन-ब-दिन दिखता है।